Mamta Banerjee

  • ममता ने कमजोर इलाकों को ठीक किया

    ममता बनर्जी देश के उन थोड़े से नेताओं में हैं, जो 24 घंटी राजनीति करते हैं। वे चुनाव हारने या जीतने के बाद शांत होकर नहीं बैठती हैं, बल्कि आगे के चुनाव की तैयारियों में जुट जाती हैं। उनको 2019 के लोकसभा चुनाव में झटका लगा था, जब भाजपा 18 सीटों पर जीत गई थी। लेकिन उसके बाद से ममता लगातार उन इलाकों में सक्रिय रहीं, जहां भाजपा को बढ़त मिली थी या जहां का जातीय समीकरण भाजपा के पक्ष में जा रहा था। उन्होंने दो ऐसे इलाकों की पहचान की, जहां भाजपा मजबूत हो रही थी। उसके बाद पिछले...

  • बंगाल में टकराव बनाए रखने की रणनीति

    ऐसा लग रहा है कि पश्चिम बंगाल में भाजपा और तृणमूल कांग्रेस और राज्यपाल व मुख्यमंत्री लगातार टकराव बनाए रखना चाहते हैं। राजनीतिक रूप से यह रणनीति सबसे पहले ममता बनर्जी ने इस्तेमाल की थी। जब वे कांग्रेस में थीं तब भी 24 घंटे और 365 दिन तक की कम्युनिस्ट सरकार के खिलाफ टकराव बनाए रखती थीं। जब उन्होंने अपनी पार्टी बना ली तब टकराव तेज कर दिया। लगातार टकराव बनाए रखने की रणनीति के कारण ही वे कांग्रेस के होते हुए लेफ्ट के विकल्प के तौर पर स्थापित हुईं और आखिरकार 2011 में चुनाव जीत कर मुख्यमंत्री बनीं। ऐसा...

  • ममता के लोग भाजपा को मौका दे रहे

    पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस के नेता और उनके पाले हुए गुंडे बेकाबू हो रहे हैं, जिससे भारतीय जनता पार्टी को राजनीति करने का मौका मिल रहा है। संदेशखाली में शेख शाहजहां की कथित गुंडागर्दी का मामला अभी ताजा था कि उत्तरी दिनाजपुर के दीघलगांव की नई घटना सामने आ गई है, जिसमें ताजेमुल हक नाम का तृणमूल कांग्रेस का एक नेता एक पुरुष और महिला की बेरहमी से पिटाई कर रहा है। यह वीडियो सामने आने के बाद कम्युनिस्ट पार्टी नेता और पूर्व सांसद मोहम्मद सलीम ने एक और वीडियो साझा किय, जिसमें एक व्यक्ति...

  • ये तो होना ही था

    ममता सरकार के सूत्रों का दावा है कि केंद्र ने राज्य सरकार से फरक्का जल बंटवारे के मामले में कोई बातचीत नहीं की। खबरों के मुताबिक ममता बनर्जी ने इस विषय पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर विरोध जताया है। भारत की प्रतिस्पर्धात्मक राजनीति में ऐसे फैसले हमेशा समस्या खड़ी करते हैं, जिन्हें घोषित करने से पहले सभी संबंधित पक्षों के बीच संवाद और सहमति बनाने की कोशिश ना की गई हो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली में ये दो बातें सिरे से गायब हैं। नतीजा देश में बढ़े राजनीतिक टकराव के रूप में सामने आता है। ताजा मामला...

  • ममता चुपचाप नहीं बैठी हैं

    ममता बनर्जी ने लगातार दो बार भाजपा को शिकस्त दी। पहले 2021 के विधानसभा चुनाव में और फिर 2024 के लोकसभा चुनाव में। इसके बावजूद वे चुपचाप नहीं बैठी हैं। उन्होंने भाजपा को कमजोर करने की मुहिम जारी रखी है। उनका ध्यान उत्तरी बंगाल पर है, जहां भाजपा ने अपना आधार मजबूत किया है। भाजपा के नेता इस इलाके को अलग राज्य बनवाने की भी बातें करते रहते हैं। इस इलाके में भाजपा को 2019 में बड़ी जीत मिली थी। विधानसभा चुनाव में भी कूचबिहार की आठ में से छह सीटों पर भाजपा जीती थी। लेकिन 2024 में ममता बनर्जी...

  • बंगाल को ‘चेंज’ चाहिए !

    ममता बनर्जी ने लगातार दो बार भाजपा को शिकस्त दी। पहले 2021 के विधानसभा चुनाव में और फिर 2024 के लोकसभा चुनाव में। इसके बावजूद वे चुपचाप नहीं बैठी हैं। उन्होंने भाजपा को कमजोर करने की मुहिम जारी रखी है। उनका ध्यान उत्तरी बंगाल पर है, जहां भाजपा ने अपना आधार मजबूत किया है। भाजपा के नेता इस इलाके को अलग राज्य बनवाने की भी बातें करते रहते हैं। इस इलाके में भाजपा को 2019 में बड़ी जीत मिली थी। विधानसभा चुनाव में भी कूचबिहार की आठ में से छह सीटों पर भाजपा जीती थी। लेकिन 2024 में ममता बनर्जी...

  • बंगाल के पांच लाख ओबीसी प्रमाणपत्र रद्द

    ममता बनर्जी ने लगातार दो बार भाजपा को शिकस्त दी। पहले 2021 के विधानसभा चुनाव में और फिर 2024 के लोकसभा चुनाव में। इसके बावजूद वे चुपचाप नहीं बैठी हैं। उन्होंने भाजपा को कमजोर करने की मुहिम जारी रखी है। उनका ध्यान उत्तरी बंगाल पर है, जहां भाजपा ने अपना आधार मजबूत किया है। भाजपा के नेता इस इलाके को अलग राज्य बनवाने की भी बातें करते रहते हैं। इस इलाके में भाजपा को 2019 में बड़ी जीत मिली थी। विधानसभा चुनाव में भी कूचबिहार की आठ में से छह सीटों पर भाजपा जीती थी। लेकिन 2024 में ममता बनर्जी...

  • सोच लीजिए यहां किसकी हवा है!

    ममता बनर्जी ने लगातार दो बार भाजपा को शिकस्त दी। पहले 2021 के विधानसभा चुनाव में और फिर 2024 के लोकसभा चुनाव में। इसके बावजूद वे चुपचाप नहीं बैठी हैं। उन्होंने भाजपा को कमजोर करने की मुहिम जारी रखी है। उनका ध्यान उत्तरी बंगाल पर है, जहां भाजपा ने अपना आधार मजबूत किया है। भाजपा के नेता इस इलाके को अलग राज्य बनवाने की भी बातें करते रहते हैं। इस इलाके में भाजपा को 2019 में बड़ी जीत मिली थी। विधानसभा चुनाव में भी कूचबिहार की आठ में से छह सीटों पर भाजपा जीती थी। लेकिन 2024 में ममता बनर्जी...

  • ममता का बयान वोट बंटवारे की चिंता में

    ममता बनर्जी ने लगातार दो बार भाजपा को शिकस्त दी। पहले 2021 के विधानसभा चुनाव में और फिर 2024 के लोकसभा चुनाव में। इसके बावजूद वे चुपचाप नहीं बैठी हैं। उन्होंने भाजपा को कमजोर करने की मुहिम जारी रखी है। उनका ध्यान उत्तरी बंगाल पर है, जहां भाजपा ने अपना आधार मजबूत किया है। भाजपा के नेता इस इलाके को अलग राज्य बनवाने की भी बातें करते रहते हैं। इस इलाके में भाजपा को 2019 में बड़ी जीत मिली थी। विधानसभा चुनाव में भी कूचबिहार की आठ में से छह सीटों पर भाजपा जीती थी। लेकिन 2024 में ममता बनर्जी...

  • बंगाल के शिक्षकों व सरकार को बड़ी राहत

    ममता बनर्जी ने लगातार दो बार भाजपा को शिकस्त दी। पहले 2021 के विधानसभा चुनाव में और फिर 2024 के लोकसभा चुनाव में। इसके बावजूद वे चुपचाप नहीं बैठी हैं। उन्होंने भाजपा को कमजोर करने की मुहिम जारी रखी है। उनका ध्यान उत्तरी बंगाल पर है, जहां भाजपा ने अपना आधार मजबूत किया है। भाजपा के नेता इस इलाके को अलग राज्य बनवाने की भी बातें करते रहते हैं। इस इलाके में भाजपा को 2019 में बड़ी जीत मिली थी। विधानसभा चुनाव में भी कूचबिहार की आठ में से छह सीटों पर भाजपा जीती थी। लेकिन 2024 में ममता बनर्जी...

  • आरोप लगाने वाली महिला के समर्थन में उतरीं ममता

    ममता बनर्जी ने लगातार दो बार भाजपा को शिकस्त दी। पहले 2021 के विधानसभा चुनाव में और फिर 2024 के लोकसभा चुनाव में। इसके बावजूद वे चुपचाप नहीं बैठी हैं। उन्होंने भाजपा को कमजोर करने की मुहिम जारी रखी है। उनका ध्यान उत्तरी बंगाल पर है, जहां भाजपा ने अपना आधार मजबूत किया है। भाजपा के नेता इस इलाके को अलग राज्य बनवाने की भी बातें करते रहते हैं। इस इलाके में भाजपा को 2019 में बड़ी जीत मिली थी। विधानसभा चुनाव में भी कूचबिहार की आठ में से छह सीटों पर भाजपा जीती थी। लेकिन 2024 में ममता बनर्जी...

  • संदेशखाली मामले में सीबीआई जांच शुरू

    ममता बनर्जी ने लगातार दो बार भाजपा को शिकस्त दी। पहले 2021 के विधानसभा चुनाव में और फिर 2024 के लोकसभा चुनाव में। इसके बावजूद वे चुपचाप नहीं बैठी हैं। उन्होंने भाजपा को कमजोर करने की मुहिम जारी रखी है। उनका ध्यान उत्तरी बंगाल पर है, जहां भाजपा ने अपना आधार मजबूत किया है। भाजपा के नेता इस इलाके को अलग राज्य बनवाने की भी बातें करते रहते हैं। इस इलाके में भाजपा को 2019 में बड़ी जीत मिली थी। विधानसभा चुनाव में भी कूचबिहार की आठ में से छह सीटों पर भाजपा जीती थी। लेकिन 2024 में ममता बनर्जी...

  • बहरामपुर में चुनाव टालने की कोर्ट की अपील

    ममता बनर्जी ने लगातार दो बार भाजपा को शिकस्त दी। पहले 2021 के विधानसभा चुनाव में और फिर 2024 के लोकसभा चुनाव में। इसके बावजूद वे चुपचाप नहीं बैठी हैं। उन्होंने भाजपा को कमजोर करने की मुहिम जारी रखी है। उनका ध्यान उत्तरी बंगाल पर है, जहां भाजपा ने अपना आधार मजबूत किया है। भाजपा के नेता इस इलाके को अलग राज्य बनवाने की भी बातें करते रहते हैं। इस इलाके में भाजपा को 2019 में बड़ी जीत मिली थी। विधानसभा चुनाव में भी कूचबिहार की आठ में से छह सीटों पर भाजपा जीती थी। लेकिन 2024 में ममता बनर्जी...

  • बंगाल में 24 हजार शिक्षकों की नियुक्ति रद्द

    ममता बनर्जी ने लगातार दो बार भाजपा को शिकस्त दी। पहले 2021 के विधानसभा चुनाव में और फिर 2024 के लोकसभा चुनाव में। इसके बावजूद वे चुपचाप नहीं बैठी हैं। उन्होंने भाजपा को कमजोर करने की मुहिम जारी रखी है। उनका ध्यान उत्तरी बंगाल पर है, जहां भाजपा ने अपना आधार मजबूत किया है। भाजपा के नेता इस इलाके को अलग राज्य बनवाने की भी बातें करते रहते हैं। इस इलाके में भाजपा को 2019 में बड़ी जीत मिली थी। विधानसभा चुनाव में भी कूचबिहार की आठ में से छह सीटों पर भाजपा जीती थी। लेकिन 2024 में ममता बनर्जी...

  • मोदी का ममता पर बड़ा आरोप

    ममता बनर्जी ने लगातार दो बार भाजपा को शिकस्त दी। पहले 2021 के विधानसभा चुनाव में और फिर 2024 के लोकसभा चुनाव में। इसके बावजूद वे चुपचाप नहीं बैठी हैं। उन्होंने भाजपा को कमजोर करने की मुहिम जारी रखी है। उनका ध्यान उत्तरी बंगाल पर है, जहां भाजपा ने अपना आधार मजबूत किया है। भाजपा के नेता इस इलाके को अलग राज्य बनवाने की भी बातें करते रहते हैं। इस इलाके में भाजपा को 2019 में बड़ी जीत मिली थी। विधानसभा चुनाव में भी कूचबिहार की आठ में से छह सीटों पर भाजपा जीती थी। लेकिन 2024 में ममता बनर्जी...

  • चुनाव आयोग पर तृणमूल का प्रदर्शन

    ममता बनर्जी ने लगातार दो बार भाजपा को शिकस्त दी। पहले 2021 के विधानसभा चुनाव में और फिर 2024 के लोकसभा चुनाव में। इसके बावजूद वे चुपचाप नहीं बैठी हैं। उन्होंने भाजपा को कमजोर करने की मुहिम जारी रखी है। उनका ध्यान उत्तरी बंगाल पर है, जहां भाजपा ने अपना आधार मजबूत किया है। भाजपा के नेता इस इलाके को अलग राज्य बनवाने की भी बातें करते रहते हैं। इस इलाके में भाजपा को 2019 में बड़ी जीत मिली थी। विधानसभा चुनाव में भी कूचबिहार की आठ में से छह सीटों पर भाजपा जीती थी। लेकिन 2024 में ममता बनर्जी...

  • ममता कांग्रेस के खिलाफ और केजरीवाल के साथ

    ममता बनर्जी ने लगातार दो बार भाजपा को शिकस्त दी। पहले 2021 के विधानसभा चुनाव में और फिर 2024 के लोकसभा चुनाव में। इसके बावजूद वे चुपचाप नहीं बैठी हैं। उन्होंने भाजपा को कमजोर करने की मुहिम जारी रखी है। उनका ध्यान उत्तरी बंगाल पर है, जहां भाजपा ने अपना आधार मजबूत किया है। भाजपा के नेता इस इलाके को अलग राज्य बनवाने की भी बातें करते रहते हैं। इस इलाके में भाजपा को 2019 में बड़ी जीत मिली थी। विधानसभा चुनाव में भी कूचबिहार की आठ में से छह सीटों पर भाजपा जीती थी। लेकिन 2024 में ममता बनर्जी...

  • ममता के बेटे को मिली राहत,क्या दूसरों को भी मिलेगी?

    ममता बनर्जी ने लगातार दो बार भाजपा को शिकस्त दी। पहले 2021 के विधानसभा चुनाव में और फिर 2024 के लोकसभा चुनाव में। इसके बावजूद वे चुपचाप नहीं बैठी हैं। उन्होंने भाजपा को कमजोर करने की मुहिम जारी रखी है। उनका ध्यान उत्तरी बंगाल पर है, जहां भाजपा ने अपना आधार मजबूत किया है। भाजपा के नेता इस इलाके को अलग राज्य बनवाने की भी बातें करते रहते हैं। इस इलाके में भाजपा को 2019 में बड़ी जीत मिली थी। विधानसभा चुनाव में भी कूचबिहार की आठ में से छह सीटों पर भाजपा जीती थी। लेकिन 2024 में ममता बनर्जी...

  • सीएए पर राज्यों को कुछ नहीं करना है

    ममता बनर्जी ने लगातार दो बार भाजपा को शिकस्त दी। पहले 2021 के विधानसभा चुनाव में और फिर 2024 के लोकसभा चुनाव में। इसके बावजूद वे चुपचाप नहीं बैठी हैं। उन्होंने भाजपा को कमजोर करने की मुहिम जारी रखी है। उनका ध्यान उत्तरी बंगाल पर है, जहां भाजपा ने अपना आधार मजबूत किया है। भाजपा के नेता इस इलाके को अलग राज्य बनवाने की भी बातें करते रहते हैं। इस इलाके में भाजपा को 2019 में बड़ी जीत मिली थी। विधानसभा चुनाव में भी कूचबिहार की आठ में से छह सीटों पर भाजपा जीती थी। लेकिन 2024 में ममता बनर्जी...

  • राजनीतिक रैलियों में रैम्प की संस्कृति

    ममता बनर्जी ने लगातार दो बार भाजपा को शिकस्त दी। पहले 2021 के विधानसभा चुनाव में और फिर 2024 के लोकसभा चुनाव में। इसके बावजूद वे चुपचाप नहीं बैठी हैं। उन्होंने भाजपा को कमजोर करने की मुहिम जारी रखी है। उनका ध्यान उत्तरी बंगाल पर है, जहां भाजपा ने अपना आधार मजबूत किया है। भाजपा के नेता इस इलाके को अलग राज्य बनवाने की भी बातें करते रहते हैं। इस इलाके में भाजपा को 2019 में बड़ी जीत मिली थी। विधानसभा चुनाव में भी कूचबिहार की आठ में से छह सीटों पर भाजपा जीती थी। लेकिन 2024 में ममता बनर्जी...

  • और लोड करें