संसद, संगम और सरहद की संवेदना का सरगम

माघ महीने के कृष्ण पक्ष की इस अमावस्या को घटी दो घटनाओं ने भारतीय राजनीति में जनतंत्र की चिरंतन पूर्णिमा के चांद की कांति बढ़ाने का काम किया है। और, उसी दिन घटी एक घटना ने अमावस की कालिमा को और गहरा कर दिया है।