कम से कम हमारे शहीदों को तो बख्शो..?

भारत की राजनीति का स्तर अब कौन से पाताल लोक में ले जाया जाएगा, यह आम आदमी की समझ से परे है, क्योंकि आज के राजनेता अपने किए गए कार्यों पर नहीं शहीदों के नाम पर वोट मांगने लगे है,