वहां बुद्धि, यहां कौवा काला!

सुबह दिमाग को ‘द इकॉनोमिस्ट’ से चीन, ब्रिटेन और अमेरिका पर खुराक मिली। फिर सोचने लगा पत्रिका पर। लंदन से प्रकाशित इस पत्रिका को मैं 1976 से देखता-पढ़ता आ रहा हूं। इसके संपादकीय पढ़ कर मेरी वैश्विक समझदारी पकी।