बूढ़ा पहाड़
कैसा होगा ‘मोदी मंत्रिमंडल’ का फेरबदल?

बीजेपी हर हालत में उत्तर प्रदेश का चुनाव दोबारा जीतना चाहेगी। लिहाज़ा उत्तर प्रदेश से कुछ चेहरों को ख़ास तवज्जो देते हुए मंत्री परिषद में शामिल किया जा सकता है। प्रधानमंत्री की यह कवायद ठीक 2016 की की तरह होगी उस समय भी 2017 में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर मंत्रिमंडल में बड़ा फेरबदल और विस्तार किया गया था। इस बार भी ऐसा ही कुछ होने की उम्मीद लगती है। लेखक: यूसुफ़ अंसारी सत्ता के गलियारों से लेकर राजनीतिक हलक़ों में चर्चा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही अपने मंत्रिमंडल में फेरबदल और उसका विस्तार करने वाले हैं। मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के दो साल पूरे हो चुके हैं। अभी तक मंत्रिपरिषद में न तो कोई फेरबदल हुआ है और नही कोई विस्तार। इस संभावित पहले विस्तार को लेकर अटकलें लग रही हैं कि पीएम मोदी कॉसमेटिक सर्जरी से ही काम चलाएंगे या फिर बड़ी चीरफाड़ करके अपनी सरकार का चेहरा बदल कर इसे और प्रभावी दिखाने की कोशिश करेंगे। शुक्रवार को प्रधानमंत्री ने गृहमंत्री अमित शाह और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ इस बारे में देर तक चर्चा की बताते है। बताया जा रहा है कि पिछले दो दिन से पीएम मोदी ने कई मंत्रियों… Continue reading कैसा होगा ‘मोदी मंत्रिमंडल’ का फेरबदल?

फेरबदल या ध्यान भटकाना?

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में फेरबदल की चर्चा एक बार फिर शुरू हो गई है। प्रधानमंत्री मंत्रालयों की समीक्षा कर रहे हैं और उनके साथ पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा भी मौजूद रह रहे हैं। इसका मतलब है कि प्रधानमंत्री और पार्टी अध्यक्ष दोनों मंत्रियों के कामकाज की रिपोर्ट ले रहे हैं ताकि उनके प्रदर्शन का आकलन करके सरकार में फेरबदल का फैसला हो। दूसरी ओर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहयोगी दलों के नेताओं से मिल रहे हैं और उनकी मांगों पर विचार कर रहे हैं। मोदी के साथ शाह और नड्डा की बैठक से भी यह संकेत मिला कि सरकार में फेरबदल की तैयारी हो रही है। लेकिन क्या सचमुच इस बार मोदी सरकार का विस्तार होगा या इस बार की चर्चाएं भी फॉल्स अलार्म साबित होंगी? ध्यान रहे 30 मई 2019 को दूसरी बार शपथ लेने के बाद से ही सरकार में फेरबदल की चर्चा हो रही है। उसके बाद एक एक करके अनेक मंत्रियों के पद खाली हो गए। शिव सेना के अरविंद सावंत और अकाली दल की हरसिमरत कौर बादल सरकार से बाहर हो गए तो रामविलास पासवान और सुरेश अंगडी का निधन हो गया। एक दर्जन नेता एक या दो से ज्यादा मंत्रालयों के… Continue reading फेरबदल या ध्यान भटकाना?

आस लगाए बैठे हैं कई नेता

पता नहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी सरकार का विस्तार कब करेंगे, तब तक कई नेता आस लगाए बैठे हैं। ज्योतिरादित्य सिंधिया तो एक साल से ज्यादा समय से केंद्रीय मंत्री बनने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। पिछले साल मार्च में उन्होंने कांग्रेस से दलबदल करा कर मध्य प्रदेश में भाजपा की सरकार बनवाई थी। उसके बाद से 14 महीने इंतजार में बीत गए। लंबे समय तक बीजू जनता दल में रहे बैजयंत जय पांडा भी दो बरस से ज्यादा समय से इंतजार कर रहे हैं। वे भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं और उनको भी उम्मीद है कि इस बार कैबिनेट विस्तार में मौका मिल सकता है। हालांकि वे अभी किसी सदन के सदस्य नहीं हैं। इसलिए उनको मंत्री बनाने के लिए कहीं से राज्यसभा सीट का इंतजाम भी करना होगा। बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी को भी इंतजार करते हुए छह महीने हो गए। बिहार में जदयू और भाजपा की साझा सरकार बनी तो इस बार उनको उप मुख्यमंत्री नहीं बना कर राज्यसभा में भेजा गया। वे तब से मंत्री बनने का इंतजार कर रहे हैं। असम के पूर्व मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल भी राह देख रहे हैं। उनके पांच साल के कामकाज के नाम पर इस बार असम… Continue reading आस लगाए बैठे हैं कई नेता

लोकसभा में कानू-व्यवस्था के मुद्दे पर होगी चर्चा

लोकसभा में कांग्रेस नेता विपक्ष अधीर रंजन चौधरी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सांसद मीनाक्षी लेखी बुधवार को दिल्ली के कुछ हिस्सों में कानून और व्यवस्था की स्थिति पर नियम 193 के तहत चर्चा करेंगे।

दादागिरी वाली भाषा और सदन की गरिमा

लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने जो कहा, वह किया। उन्होंने सदन में कहा था कि अगर कोई भी सदस्य अपने बेंचों की सीमा लांघ कर सामने वाले पक्ष के बेंचों की ओर जाएगा तो वह उसे सत्र की शेष अवधि के लिए निलम्बित करेंगे।

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