ये सब तो मोदी कई बार कह चुके!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस के मौके के इस बार के लाल किले के भाषण देने का माहौल न भाषण के पहले बना और न बाद में बन सका। पहली बार ऐसा हुआ कि मीडिया में इस बात को लेकर अटकलें नहीं लगाई गईं कि वे क्या-क्या बोलेंगे।

अब जनता खुद खांड़ा खड़काए

स्वतंत्रता-दिवस पर राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने जो संदेश दिए हैं, वे काफी रचनात्मक हैं और यदि आप सिर्फ उन पर ही ध्यान दें तो वे उत्साहवर्द्धक भी हैं। हर प्रधानमंत्री लाल किले से सारे देश को पहले तो यह बताता है

आत्मनिर्भरता की थीम पर बोलेंगे मोदी?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर साल 15 अगस्त को लाल किले से भाषण देने से पहले देश के लोगों से राय मांगते हैं। वे पूछते हैं कि उन्हें क्या बोलना चाहिए।

पीएम की वेशभूषा पर भी नजर होगी

कोरोना वायरस के संक्रमण की वजह से इस बार लाल किले पर होने वाला स्वतंत्रता दिवस का समारोह कम अतिथियों के साथ होगा।

मोदी के भाषण की भाषा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषणों को लेकर खूब चर्चा हो चुकी है। तारीफें हुईं हैं तो आलोचना भी खूब हुई है। सोशल मीडिया में खूब मजाक भी बने हैं। किसी ने कहा कि प्रधानमंत्री का एक ही संदेश है- मेरा भाषण ही मेरा शासन है!

क्या क्या नहीं कहा पीएम ने?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना संकट के दौर में 20 मार्च से 12 मई तक चार बार देश को संबोधित किया और एक बार वीडियो संदेश जारी किया। इस तरह कुल मिला कर पांच संबोधन हुए।

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