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  • राज्यों के चुनाव का इंतजार

    चुनाव नतीजों से पहले यह उम्मीद की जा रही थी कि अगर भारतीय जनता पार्टी बहुमत तक नहीं पहुंचती है या वह ढाई सौ की संख्या से नीचे रूकती है तो उसे सहयोगी पार्टियों का दबाव झेलना पड़ेगा और पार्टी के अंदर से भी नरेंद्र मोदी और अमित शाह के खिलाफ आवाज उठेगी। नतीजों में भाजपा 240 पर सिमट गई लेकिन पार्टी के अंदर से कोई आवाज नहीं उठी। कह सकते हैं कि मोदी और शाह ने बड़ी होशियारी से पार्टी के अंदर की संभावित बगावत को थाम लिया। सभी बड़े नेताओं को उनके पुराने मंत्रालय फिर से दे दिए।...