nda. coalition government

  • मोल-भाव अभी बाकी है

    अगली सरकार चूंकि वास्तविक अर्थ में गठबंधन सरकार होगी, इसलिए सहयोगी दलों की मांगों और महत्त्वाकांक्षाओं को इस बार भाजपा नेतृत्व को पूरा करना ही होगा। इसके लिए मोल-भाव की खबरें अभी से गर्म हैं, जिनका ज्यादा गहरा असर आने वाले दिनों में देखने को मिलेगा। लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने को आतुर नरेंद्र मोदी ने असाधारण फुर्ती दिखाई। चुनाव नतीजे घोषित होने के अगले ही दिन उन्होंने भाजपा नेतृत्व वाले गठबंधन- एनडीए के घटक दलों की बैठक बुला ही। उसी बैठक में उन्होंने सभी दलों से समर्थन का पत्र भी हासिल कर लिया। स्पष्टतः इस तेजी का मकसद इस...