18 फरवरी को रेल रोकेंगे किसान

केंद्र सरकार के बनाए तीन कृषि कानूनों के विरोध में पिछले 77 दिन से आंदोलन कर रहे किसान संगठनों ने अपने आंदोलन की आगे की रूप-रेखा घोषित की है।

लोकसभा में आंदोलन की गूंज

राज्यसभा के बाद अब लोकसभा में भी विपक्षी सांसदों ने केंद्र सरकार के बनाए तीन कृषि कानूनों के खिलाफ पिछले 76 दिन से चल रह किसान आंदोलन का मुद्दा उठाया।

वार्ता के लिए तैयार हैं किसान

केंद्र सरकार के बनाए तीन कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसान संगठन सरकार के साथ वार्ता के लिए तैयार हो गए हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से कहा है कि वह वार्ता के लिए तारीख बताए, किसान तैयार हैं।

कानून में संशोधन के मायने यह नहीं कि इनमें कोई गलती है : तोमर

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने आज कहा कि भारत सरकार नये कृषि कानूनों में किसी भी संशोधन को तैयार है।

किसान आंदोलन पर पंजाब के सीएम ने बुलाई सर्वदलीय बैठक

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने तीन नए कृषि कानूनों को पूरी तरह रद्द करने की मांग पर अड़े किसानों और केंद्र सरकार के बीच जारी तकरार के मद्देनजर 2 फरवरी को एक सर्वदलीय बैठक बुलाई है।

महागठबंधन के मानव श्रृंखला पर नीतीश का कटाक्ष, ‘अहमियत तो समझ में आई’

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नए कृषि कानूनों के खिलाफ बिहार में विपक्षी दलों द्वारा बनाई जा रही मानव श्रृंखला को लेकर कटाक्ष करते हुए कहा कि महागठबंधन के नेता कम से कम मानव श्रृंखला की अहमियत तो समझने लगे हैं।

समाधान निकलना ही नहीं था

अब ये साफ है कि सरकार और आंदोलनकारी किसान संगठनों के बीच बातचीत टूट चुकी है। बातचीत के पहले दिन से अंदाजा था कि यही होगा। सरकार की मंशा पहले आंदोलन को थकाने की थी।

सौ किलोमीटर लंबी ट्रैक्टर रैली

केंद्र सरकार के बनाए तीन कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसान संगठन 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के मौके पर ऐतिहासिक ट्रैक्टर परेड निकालेंगे। किसानों को रैली की अनुमति दिए जाने के एक दिन बाद रविवार को पुलिस ने रैली का रूट भी तय कर दिया है।

कानूनों पर अमल कब तक रूक सकता है?

केंद्र सरकार के बनाए तीन कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे किसान आंदोलन को खत्म कराने और किसानों को दिल्ली की सीमा से उठा कर उनके घर भेजने के जितने प्रयास हुए हैं

केंद्र ने किसानों के साथ ब्लफ खेला है!

केंद्र सरकार ने कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों के सामने अपनी तरफ से जो सबसे अच्छा प्रस्ताव रखा है वह कानूनों पर डेढ़ साल के लिए रोक लगाने का है। सरकार को भरोसा था कि किसान इसके तकनीकी पहलुओं में नहीं जाएंगे और इसे स्वीकार करेंगे।

पूर्व सैनिकों के लिए सेना का निर्देश

केंद्र सरकार के बनाए तीन कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलन कर रहे किसानों को पूर्व सैनिकों का बड़ा समर्थन मिल रहा है। पूर्व सैनिकों के कई संगठनों ने खुले समर्थन का ऐलान किया है

किसानों को यों मनाएँ

किसानों के साथ हुई सरकार की पिछली बात से आशा बंधी थी कि दोनों को बीच का रास्ता मिल गया है। डेढ़ साल तक इन कृषि-कानूनों के टलने का अर्थ क्या है ? क्या यह नहीं कि यदि दोनों के बीच सहमति नहीं हुई तो ये कानून हमेशा के लिए टल जाएंगे।

किसानों को 24 घंटे का अल्टीमेटम!

केंद्र सरकार ने किसानों को तेवर दिखाया है। तीन केंद्रीय कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों के साथ 11 दौर की वार्ता के बाद शुक्रवार को सरकार ने दो टूक अंदाज में कह दिया कि वह अब किसानों से बात नहीं करेगी।

सत्र से पहले खत्म होगा आंदोलन!

संसद के बजट सत्र से पहले सरकार आंदोलन खत्म कराने का प्रयास कर रही है। देश के कई राज्यों के किसान पिछल 57 दिन से दिल्ली की सीमा पर आंदोलन कर रहे हैं।

किसान-आंदोलनः आशा बंधी

कल किसान नेताओं और मंत्रियों के सार्थक संवाद से यह आशा बंधी है कि इस बार का गणतंत्र-दिवस, गनतंत्र दिवस में कदापि नहीं बदलेगा। यों भी हमारे किसानों ने अपने अहिंसक आंदोलन से दुनिया के सामने बेहतरीन मिसाल पेश की है।

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