Nirakar iswariya shakti

  • जगत तो निराकार ईश्वरीय शक्ति से

    इस जगत का निमित्त कारण ज्ञानशक्ति संपन्न सर्वशक्तिमान कोई न कोई अवश्य ही है। और आस्तिक गण इसे ईश्वर कहते हैं। नास्तिक इस पर प्रतिप्रश्न करते हैं कि ईश्वर ने जगत उत्पन्न किया है, तो ईश्वर को किसने उत्पन्न किया? सत्य ज्ञान के आग्रहियों के अनुसार परिणामी पदार्थ कार्यरूप होते हैं, उनको कारण की अपेक्षा होती है। ईश्वर के परिणामी होने पर उसका भी कारण होता, परंतु ईश्वर तो नित्य है, अपरिणामी है। उसका कर्ता नहीं हो सकता। और किसी के रहने का अत्ता- पत्ता अर्थात ठिकाना एकदेशी के लिए होता है, ईश्वर जैसे विभु के लिए नहीं। इससे स्पष्ट...