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धर्मांधता में जान से खेलना

राजधानी दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित तबलीगी जमात कांड ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि किस तरह से धर्मांधता लोगों को बरबाद कर देती है। हुआ यह कि दिल्ली के मुस्लिम बाहुल्य इलाके निजामुद्दीन में अचानक कोरोना कांड के दौरान वहां एक धमाका हुआ। जहां दुनियाभर में सोशल डिस्टेसिंग को बात की जा रही थी और लोगों को एक-दूसरे से दूर रखने के लिए सरकार ने लॉकडाउन कर दिया था वहीं यह खुलासा हुआ कि वहां दशको से चले रहे एक इस्लामी मिशन में हजारो लोग एक साथ रह रहे है।मजेदार बात तो यह है कि ये लोग दिल्ली के दिल में रह रहे थे व यह भवन वहां के थाने से महज 50 मीटर दूर था। इस पर आगे चर्चा करें उससे पहले तबलीगी जमात या तबलीगी मरकज के बारे में जान लिया जाए। इस संस्थान का जन्म इस्लाम धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए हुआ था। तबलीगी जमात का मतलब समाज में इस्लाम के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ाना था। इससे जुडी हजाफी विचारधारा देवबंदी मूल से जुड़ी हुई है। इसकी स्थापना 1927 में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शामली इलाके के कांधान गांव के निवासी मौलाना मोहम्मद इलियास कंधाला ने 1927 में की थी। वे पहले… Continue reading धर्मांधता में जान से खेलना

धर्म के प्रचारक या मौत के प्रचारक ?

मैं पिछले 10-15 दिनों से अखबारों में लिखता रहा और टीवी चैनलों पर बोलता रहा कि कोरोना से डरो ना। कोरोना भारत में उसी तरह फैल नहीं सकता, जिस तरह वह अन्य देशों में फैला है लेकिन मुझे अब अपनी राय उलटनी पड़ रही है, क्योंकि अब सैकड़ों लोग रोज़ाना कोरोना के जाल में फंस रहे हैं। यह क्यों हो रहा है ? क्योंकि एक मौलाना ने निहायत आपराधिक लापरवाही की है, जो कई मौतों का कारण बन गई है। जमाते-तबलीगी के अधिवेशन में दिल्ली आए हजारों लोग अपने साथ कोरोना लेकर सारे देश में फैल गए हैं। इनमें लगभग 300 विदेशी लोग भी थे। ये सब लोग धर्म-प्रचार (तबलीग) के नाम पर इकट्ठे हुए थे लेकिन ये मौत के प्रचारक बन गए हैं। केरल से कश्मीर और अंडमान-निकोबार से गुजरात तक लोग थोक में कोरोना के शिकार हो रहे हैं। ये शिकार होनेवाले लोग कौन हैं ? इनमें से ज्यादातर मुसलमान हैं और वे गैर-मुसलमान भी हैं, जो इनके संपर्क में आए हैं। इन तीन हजार तबलीगियों ने मरकज से निकलने के बाद अपने-अपने गांवों और शहरों तक पहुंचने के पहले और बाद में क्या लाखों लोगों से संपर्क नहीं किया होगा ? तबलीगी जमात के मुखिया मौलाना साद… Continue reading धर्म के प्रचारक या मौत के प्रचारक ?

तबलीगी जमात के 180 लोग संक्रमित

नई दिल्ली। निजामुद्दीन में तबलीगी जमात के मरकज में शामिल सभी लोगों को बुधवार की सुबह तक निकाल कर अलग अलग अस्पतालों में पहुंचाया गया है। मंगलवार सुबह से लेकर बुधवार तड़के तक चले अभियान में दो हजार से ज्यादा लोगों को निकाला गया। जो लोग पहले यहां से निकल कर जा चुके थे, उनकी तलाश में 22 राज्यों में अभियान छेड़ा गया है। इस मरकज में शामिल लोगों में से 180 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित मिले हैं। इनमें से सबसे ज्यादा 77 तमिलनाडु में हैं, आंध्र प्रदेश में 43, दिल्ली में 24, तेलंगाना में 21, अंडमान-निकोबार में नौ, असम में पांच और कश्मीर में एक कोरोना संक्रमित शामिल है। इस बीच स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि तबलीगी जमात की वजह से देश में संक्रमण के मामले बढ़े। स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि तबलीगी जमात के लोगों के देश भर के अलग-अलग हिस्सों में जाने की वजह से संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। पिछले 24 घंटे में 386 मामले सामने आए हैं। केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने तबलीगी जमात की मरकज को लेकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह तालिबानी अपराध है। उन्होंने कहा कि इसे… Continue reading तबलीगी जमात के 180 लोग संक्रमित

डोवाल गए थे मौलाना को समझाने

नई दिल्ली। निजामुद्दीन में हुए तबलीगी जमात के मरकज से निकले लोगों में कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच खबर आई है कि वायरस के खतरे के बावजूद मौलाना मस्जिद को खाली कराने के पक्ष में नहीं थे। इसके लिए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोवाल को खुद वहां जाना पड़ा था। एक न्यूज एजेंसी की खबरों के मुताबिक अजीत डोवाल ने 28 और 29 मार्च की आधी रात के बाद करीब दो बजे मरकज में गए थे। डोवाल ने मरकज के प्रमुख मौलान साद और बाकी लोगों से मस्जिद खाली कराने को कहा था। डोवाल ने वहां लोगों मौजूद लोगों का कोरोना टेस्ट भी कराने को कहा था। लेकिन, उनकी अपील के बावजूद मौलाना जगह खाली नहीं कराने पर अड़े रहे। इसके बाद पुलिस हरकत में आई। खबरों के मुताबिक, कुछ दिन पहले तेलंगाना के करीमनगर में नौ संक्रमित मिले। ये सभी इंडोनेशिया के नागरिक थे और 18 मार्च को मरकज में शामिल हुए थे। यह जानकारी गृह मंत्रालय और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार को मिली। उसके बाद ही निजामुद्दीन में मरकज खाली कराने की पहल हुई। बताया जा रहा है कि गृह मंत्री अमित शाह के निर्देश पर डोवाल मरकज पहुंचे। उनके साथ दिल्ली पुलिस और प्रशासन के कुछ… Continue reading डोवाल गए थे मौलाना को समझाने

निजामुद्दीन में लोगों का एकत्र होना ‘तालिबानी जुर्म’: नकवी

केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने लाॅकडाउन के बावजूद निजामुद्दीन में हजारों की संख्या में तब्लीगी समाज के जुटने पर कड़ी नाराजगी जाहिर

कोरोनाः मुसलमानों से दुश्मनी

हमें संतोष था कि भारत में कोरोना ने इतना वीभत्स रुप धारण नहीं किया था, जितना उसने चीन, इटली, स्पेन और अमेरिका जैसे देशों में कर लिया है लेकिन निजामुद्दीन के मरकजे़-तबलीग ने भारत में भी खतरे की घंटियां बजवा दी हैं। 13 मार्च से अब तक चल रहे इस इस्लामी अधिवेशन में देश के कोने-कोने से और 16 देशों से लोग आए हुए थे। इनकी संख्या तीन हजार से ज्यादा थी। इनमें से सैकड़ों लोग कोरोना से पीड़ित हैं और लगभग दर्जन भर लोगों का इंतकाल हो चुका है। दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार के सारे प्रतिबंधों की अवहेलना इस मरकजे-तबलीग ने की है। ऐसा करके इस मरकज़ ने कानून का उल्लंघन तो किया ही, कोरोना को लाखों लोगों तक पहुंचाने का आपराधिक दरवाजा भी खोल दिया। इस मरकज़ ने किसके साथ दुश्मनी निभाई ? सबसे ज्यादा अपने ही मुसलमान भाइयों के साथ! मरनेवाले सब लोग कौन हैं ? सब पीड़ित लोग कौन हैं ? ज्यादातर मुसलमान हैं। यह कोरोना अब किन लोगों के बीच सबसे ज्यादा फैलेगा ? उनके बीच जिनसे इन तबलीगी लोगों का संपर्क होगा। उनके परिजनों, रिश्तेदारों, दोस्तों में यह सबसे ज्यादा फैलेगा। ऐसा नहीं है कि इस खबर का अंदाज इस संगठन के मुखिया को… Continue reading कोरोनाः मुसलमानों से दुश्मनी

तबलीगी मरकज की जांच जरूरी

केजरीवाल सरकार ने नरेंद्र मोदी के लाकआउट का बंटाधार कर दिया। पहले शाहीन बाग़ , फिर मजदूरों , कर्मचारियों का सामूहिक पलायन और अब निजामुद्दीन में तबलीगी जमात के मरकज में 441 लोगों में कोरोना वायरस के लक्ष्ण पाया जानापहली नजर में केजरीवाल प्रसाशन की लापरवाही दिखाई देती है। भले ही कम से कम इस मामले में केजरीवाल खुद जिम्मेदार नहीं हों , लेकिन प्रसाशन की लापरवाही की जिम्मेदारी उन पर ही आती है। केजरीवाल के स्वास्थ्य मंत्री सतेन्द्र जैन ने कहा है कि सरकार को यह जानकारी 28 मार्च को तब मिली थी जब वहां छह लोगों को खांसी की शिकायत हुई और तबलीगी जमात की बिल्डिंग में 1500 से 1700 लोग रहने की खबर मिली।  हालांकि निजामुद्दीन में तबलीगी जमात के हजारों लोगों के इक्कठा होने की जानकारी 24 मार्च को अंडमान निकोबार से आ चुकी थी , जब वहां गए 10 में से 9 तबीलीगियों में कोरोना वायरस के लक्ष्ण पाए गए थे। तबलीगी जमात ने भी स्वास्थ्य मंत्री के इस दावे का खंडन करते हुए कहा है कि 24 मार्च को दिल्ली पुलिस ने उन्हें नोटिस भेजा था और 26 मार्च को पुलिस ने उनकी एसडीएम से मुलाक़ात करवाई थी। यानी दिल्ली पुलिस ने कम से… Continue reading तबलीगी मरकज की जांच जरूरी

तबलीगी के 441 लोगों में लक्षण

नई दिल्ली। दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके से निकाले गए तबलीगी जमात के डेढ़ हजार लोगों में से 441 लोगों में कोरोना वायरस के लक्षण मिले हैं। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को वीडिया कांफ्रेंसिंग के जरिए मीडिया से बात करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि तबलीगी जमात की मरकज में शामिल दो हजार लोग एक ही जगह पर ठहरे हुए थे, जिनमें से 1548 लोगों को मंगलवार की शाम तक निकाल कर अलग अलग अस्पतालों में भेजा गया। देर रात तक सभी लोगों को अस्पताल पहुंचाने की योजना है। इससे पहले दो सौ लोगों को वहां से निकाल कर अस्पताल ले जाया गया था, जिनमें से 24 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए थे। इसके बाद ही दिल्ली में संक्रमितों की संख्या बढ़ कर 97 हो गई। दिल्ली के मुख्यमंत्री ने मंगलवार को बताया कि दिल्ली के 97 संक्रमित मामलों का अध्ययन किया जा रहा है और यह समझने का प्रयास किया जा रहा है कि कहीं इस वायरस का सामुदायिक संक्रमण तो नहीं फैल रहा है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि दिल्ली में मिले 97 मामलों में से पांच लोग इलाज से ठीक हो चुके हैं, जबकि दो लोगों की मौत हो गई… Continue reading तबलीगी के 441 लोगों में लक्षण

तबलीगी जमात: 1033 को निकाला, 700 को किया क्वारंटाइन

दिल्ली के निजामुद्दीन में तबलीगी जमात के मरकज में कोरोना का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। मिली जानकारी के मुताबिक निजामुद्दीन मरकज से आज

निजामुद्दीन मरकज़ से 200 लोगों को जांच के लिए अस्पताल भेजा

कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरों के बीच दक्षिण पूर्वी दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित तब्लीगी जमात के मरकज से दस से अधिक देशों के नागरिकों

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