असहयोग आंदोलन था खलीफत के लिए!

गाँधी-वाङमय को उलटें तो एक से एक आश्चर्यजनक तथ्य उभरते हैं। संपूर्ण गाँधी वाङमय के खण्ड 18 से 1919 ई. की गतिविधियों, वक्तव्यों का सिलसिलेवार विवरण मिलता है। 13 अप्रैल 1919 को अमृतसर में जलियाँवाला कांड हुआ था।