अदनान ने पद्म श्री विवाद पर कहा, किसी की नापसंदगी से दिक्कत नहीं

गायक-संगीतकार अदनान सामी का कहना है कि पद्म श्री मिलने के बाद वह खुद को अपने काम के प्रति और भी जिम्मेदार महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “यह वाकई में अनमोल है।

अदनान सामी को पद्मश्री और भेड़िए

पाकिस्तानी मूल के जाने-माने कलाकार अदनान सामी को पद्मश्री मिला नहीं कि तब से सोशल मीडिया में लोगों ने सरकार के इस कदम की आलोचना करनी शुरू कर दी है। एक जाना-माना कलाकार होने के बावजूद उनके दिवंगत पिता के कारण आलोचक उन्हें अपना निशाना बना रहे हैं। उन्हें पाकिस्तानी होने के बावजूद भाजपा की मोदी सरकार द्वारा सम्मानित किए जाने की आलोचना है। उनके पिता वहां के वायुसेना में फाइटर विमान चालक थे। उन्होंने तीन राष्ट्रपतियो व चार प्रधानमंत्रियों के एडीसी के रूप में काम किया और वे  वहां की विदेश सेवा में शामिल होकर फिर राजनयिक बने। अदनान सामी भारत व पाकिस्तान के जाने-माने गायक, संगीतकार संगीत निर्देशक पियानो बजाने वाले कलाकार हैं। उन्होंने भारतीय फिल्मों में पाश्चात्य संगीत दिया हैं। उन्होंने पियानो व संतूर पर भारतीय शास्त्रीय संगीत बनाकर एक अलग स्थान प्राप्त किया। उनका जन्म 15 अगस्त 1971 को लंदन में हुआ था जहां उनके पिता अरशद सामी खान राजदूत थे व वो पहले पाक वायुसेना में रह चुके थे। उनकी मां नौरीन जम्मू कश्मीर की रहने वाली थी। उनके पिता ने पाकिस्तानी वायुसेना में ही काम किया था व भारत के खिलाफ 1965 के युद्ध में हिस्सा लिया था। बाद में वे वहां की सरकार… Continue reading अदनान सामी को पद्मश्री और भेड़िए

दो खास मुसलमानों को पद्मश्री

हर 26 जनवरी पर भारत सरकार पद्मश्री आदि पुरस्कार बांटती है। इन पुरस्कारों के लिए कई लोग दौड़-धूप करते हैं। नेताओं, अफसरों और पत्रकारों से सिफारिश करवाते हैं। उन्हें लालच भी देते हैं। लेकिन कई लोग ऐसे होते हैं, जिन्हें ये पुरस्कार देने पर सरकार खुद तुली रहती है। वे इन पुरस्कारों के लिए किसी के आगे अपनी नाक नहीं रगड़ते। जब उन्हें बताया जाता है तो ज्यादातर लोग इन पुरस्कारों को सहर्ष स्वीकार कर लेते हैं और अपने आप को भाग्यशाली समझते हैं लेकिन देश में ऐसे लोग भी हैं, जो इस तरह के पुरस्कारों को लेने से मना कर देते हैं। उनका तर्क यह भी होता है कि मैं तो पुरस्कार के योग्य हूं लेकिन पुरस्कार देनेवाले की योग्यता क्या है ? ऐसे पुरस्कारों की प्रामाणिकता या प्रतिष्ठा क्या है? खैर, इस बार दो खास मुसलमानों-अदनान सामी और रमजान खान को पद्मश्री पुरस्कार देने की घोषणा हुई। यों तो आजकल लोग इन सरकारी पुरस्कारों पर ज्यादा ध्यान नहीं देते लेकिन इन दोनों पुरस्कारों पर मेरा ध्यान भी गया। अदनान सामी अच्छे गायक हैं लेकिन उन्होंने इस पुरस्कार के लिए अपने आप को कतार में खड़ा किया होगा, इसमें मुझे शक है। यह उन्हें जान-बूझकर दिया गया होगा ?… Continue reading दो खास मुसलमानों को पद्मश्री

कांग्रेस ने अदनान सामी को पद्मश्री देने पर सवाल उठाया

कांग्रेस ने गायक अदनान सामी को पद्म पुरस्कार देने के केंद्र सरकार के फैसले पर सवाल उठाया है। कांग्रेस प्रवक्ता जयवीर शेरगिल ने ट्वीट किया, अदनान सामी को पद्मश्री क्यों?

सुषमा स्वराज, जेटली, जॉर्ज फर्नांडीस को पद्म विभूषण

नई दिल्ली। पूर्व केंद्रीय मंत्रियों अरूण जेटली, सुषमा स्वराज एवं जार्ज फर्नांडीस, मुक्केबाज मैरी कॉम और मॉरीशस के पूर्व प्रधानमंत्री अनिरूद्ध जगन्नाथ समेत सात हस्तियों को गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर शनिवार को पद्म विभूषण से सम्मानित किए जाने की घोषणा की गयी। गृह मंत्रालय ने घोषणा की कि वाराणसी के प्रसिद्ध शास्त्रीय भजन गायक छन्नूलाल मिश्र और विश्वेशतीर्थ स्वामीजी श्री पेजावर अधोखजा मठ उडुपी (मरणोपरांत) को सर्वोच्च पद्म पुरस्कार-पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। गृह मंत्रालय ने एक बयान में बताया कि पूर्व रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर, उद्योगपति आनंद महिंद्रा और वेणु श्रीनिवासन, ओलंपिक बैडमिंटन खिलाड़ी पी वी सिंधू, नगालैंड के पूर्व मुख्यमंत्री एस सी जमीर और जम्मू कश्मीर के नेता मुजफ्फर हुसैन बेग को पद्म भूषण से नवाजा गया है। पुरस्कारों की घोषणा गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर की गई।जेटली, स्वराज, फर्नांडीस, पर्रिकर और विश्वेश तीर्थ स्वामी को मरणोपरांत पुरस्कार दिया गया है।बयान में कहा गया कि राष्ट्रपति ने इस साल 141 पद्म पुरस्कार प्रदान किए जाने को मंजूरी दी है जिनमें चार मामलों में दो-दो लोगों को संयुक्त पुरस्कार दिया जाएगा। इसमें कहा गया है, ‘‘पुरस्कार विजेताओं में 34 महिलाएं है। इनमें विदेशी/एनआरआई/पीओआई/ओसीआई श्रेणी से 18 लोग हैं और 12 लोगों को मरणोपरांत सम्मानित किया… Continue reading सुषमा स्वराज, जेटली, जॉर्ज फर्नांडीस को पद्म विभूषण

और लोड करें