माननीय प्रधानमंत्री, कृपया कर अपने संबोधन में ‘फ्री’ या मुफ्त ना कहें, दिल जलता है… (भाग -2)

नई दिल्ली | माननीय प्रधानमंत्री जी, कृपया कर अपने संबोधन में ‘फ्री’…  के पहले अंक में हमने बात की थी प्रधानमंत्री के ‘फ्री’. शब्द से कैसे लोगों की भावनाएं आहत हो सकती है. आज हम बात करने जा रहे हैं उस विषय की जिसे पढने के बाद आप भी मानेंगे कि ये टीके आपको फ्री… Continue reading माननीय प्रधानमंत्री, कृपया कर अपने संबोधन में ‘फ्री’ या मुफ्त ना कहें, दिल जलता है… (भाग -2)