पीछे हटी भारत, चीन की सेनाएं

द्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा, एलएसी पर दो महीने तक रहे गतिरोध के बाद भारत और चीन की सेनाओं के पीछे हटने का काम कई जगहों पर पूरा हो गया है।

जीत का श्रेय लेने भाजपा प्रवक्ता नहीं पहुंचे!

यह बहुत हैरान करने वाली बात थी पर जिस समय लद्दाख में विवाद की जगह से चीन और भारत के सैनिक पीछे हटने लगे

भारत को क्यों जल्दी थी समझौते की?

यह बिल्कुल समझ में नहीं आने वाली बात है कि भारत को आखिर चीन के साथ समझौता करने की इतनी क्यों जल्दी थी?

चिदंबरम के गलवान पर सवाल

लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर भारत और चीन के बीच सीमा विवाद को लेकर हुए समझौते पर कांग्रेस ने बुधवार को लगातार तीसरे दिन सवाल उठाए।

तीसरी बार चीन के पीछे हटने का प्रचार

पुराने अनुभवों को छोड़ दें। डोकलाम से चीन के कथित तौर पर पीछे हटने के प्रचार को भी याद न करें तब भी पिछले दो महीने में तीसरी बार चीन के पीछे हटने की खबर आई है। हो सकता है कि तीसरी बार की खबर पहली दो खबरों के मुकाबले ज्यादा प्रमाणिक हो।

भारत व चीन दोनों पीछे हटने लगे

लद्दाख में भारत और चीन के बीच चल रहे सीमा विवाद में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में चीन की सेना दो किलोमीटर पीछे हटी है।

चीन के बहिष्कार की टिकाऊ नीति बने

भारत सरकार ने चीन के कई मोबाइल एप्लीकेशंस पर पाबंदी लगाई है और उसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘आत्मनिर्भर भारत एप इनोवेशन चैलेंज’ लांच किया। इसे प्यास लगने पर कुआं खोदना कहते हैं।

पाक व अमेरिका: दुश्मनी के डमरु

गलवान घाटी को लेकर चल रहे भारत-चीन तनाव पर दो संवाद अभी-अभी ऐसे हुए हैं, जिन पर विदेश नीति विशेषज्ञों का ध्यान जाना जरुरी है।

चीन का नाम नहीं लेने का मुद्दा क्यों बन रहा है?

यह मजाक का विषय बन गया है कि प्रधानमंत्री ने चीन का नाम लिया या नहीं? प्रधानमंत्री जब भी भारत और चीन के बीच सीमा पर चल रहे विवाद के बारे में कुछ कहते हैं तो विपक्ष के नेता पूछते हैं कि चीन का नाम क्यों नहीं लिया।

चीन की भाषा पर आपत्ति की जानी चाहिए

प्रधानमंत्री ने अच्छा किया, जो उन्होंने चीन की विस्तारवादी नीति की आलोचना की और कहा कि विस्तारवादी नीति पर चलने वाले मिट गए हैं।

भारत गलतफहमी में न रहे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिस उद्देश्य के लिए अचानक लद्दाख-दौरा हुआ, वह अपने आप में पूरा हो गया है, फौज की दृष्टि से और भारतीय जनता के हिसाब से भी।

चीनी घुसपैठ पर कांग्रेस के सवाल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लद्दाख यात्रा के एक दिन बाद कांग्रेस पार्टी ने लद्दाख के कई सेक्टरों में चीन की घुसपैठ को लेकर सवाल पूछे हैं। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री की यात्रा के तामझाम को लेकर भी सवाल उठाए हैं।

निकालना चीनी फौजियों को है

इस समय जरूरत लद्दाख सेक्टर में उन सात जगहों को चीनी फौजियों से खाली कराने की है, जहां उन्होंने पिछले दो महीने से नया कब्जा लिया है।

भारत दुविधा में क्यों?

गलवान घाटी की घटना के बाद चीन ने अपना रुख और सख्त कर दिया है। बल्कि पिछले हफ्ते तो चीन के विदेश और रक्षा मंत्रालयों- दोनों ने एक साथ भारत पर निशाना साधा। उन्होंने गलवान वैली में 15 जून को हुई हिंसक वारदात के लिए भारत को दोषी ठहराया।

अमेरिका को अकेले भारत की चिंता नहीं है

अमेरिका ने यूरोप से अपनी कुछ सेना हटाने का फैसला किया है। बताया जा रहा है कि उसने जर्मनी से कुछ सेना हटा कर एशिया-प्रशांत में उसकी तैनाती करने जा रहा है।

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