यूरोप में क्रिसमस पर ग्रहण

कोराना वायरस के बढ़ते संक्रमण के कारण यूरोप के देशों में क्रिसमस पर ग्रहण लगता दिख रहा है। कई यूरोपीय देशों में हालात खराब हो गए हैं, जिनकी वजह से नए सिरे से लॉकडाउन करना पड़ रहा है या सख्त पाबंदियां लगानी पड़ रही है।

तो आया वक्त वैक्सीन भगदड़ का!

ब्रिटेन में कोविड-19 रोधक टीके लगने शुरू हो गए हैं। वहां पूरी आबादी को चरणबद्ध ढंग से मुफ्त में टीके लगेंगे। ब्रिटेन का टीकाकरण अभियान फाइजर और मार्डेना कंपनी की नई तकनीक की वैक्सीन से शुरू हुआ है

भारत की कैटल क्लॉस और वैक्सीन

फाइजर कंपनी ने अपनी वैक्सीन को मंजूर कराने का भारत में आवेदन किया है। यह आश्चर्यजनक है इसलिए कि कंपनी के पास पहले से ही विकसित देशों के कई महीनों के एडवांस ऑर्डर हैं।

आवेदन की ऐसी हड़बड़ी क्यों?

कोरोना वायरस की वैक्सीन बनाने वाली तीन कंपनियों ने भारत में अपनी वैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल के लिए आवेदन किया है। सबसे पहले अमेरिकी कंपनी फाइजर-बायोएनटेक ने अपनी वैक्सीन एमआरएनए के लिए आवेदन किया

वैक्सीन सबको चाहिए, पर मिलेगी कैसे?

भारत सरकार भले कहे कि उसने कभी नहीं कहा कि देश के हर नागरिक को वैक्सीन की जरूरत है या वैक्सीन दी जाएगी। पर असलियत यह है कि कोरोना वायरस से पूरी तरह बचाव तभी संभव है

क्या 90 करोड़ लोग बिना वैक्सीन रहेंगे?

सवाल है कि जब 40 करोड़ लोगों को टीका लग रहा होगा तो क्या बाकी 90 करोड़ लोग चुपचाप बैठे रहेंगे या किसी ने किसी जुगाड़ से टीका लगाने की भागदौड़ करेंगे? भारत का विशाल मध्य वर्ग किसी न किसी तरह से टीका लगावाने का जुगाड़ करेगा।

फाइजर की वैक्सीन को मंजूरी

कोरोना वायरस की पहली वैक्सीन को मंजूरी मिल गई है। ब्रिटेन ने फाइजर और बायोएनटेक की वैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी दे दी है और साथ ही कहा है कि अगले हफ्ते से आम लोगों पर इसका इस्तेमाल शुरू हो जाएगा।

फाइजर वैक्सीन सफल

भारत में कोरोना वायरस की महामारी के दूसरे और तीसरे चरण की चर्चाओं के बीच अच्छी खबर है कि दवा कंपनी फाइजर ने अपनी वैक्सीन की सफलता का ऐलान किया है।

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