महाराष्ट्र में नौ नवंबर से पहले सरकार बनेगी या नहीं?

महाराष्ट्र में चल रहे राजनीतिक घटनाक्रम के बीच अब यह सवाल फिजा में तैर रहा है कि क्या नौ नवंबर तक नई सरकार बन जाएगी? आसार ऐसे नहीं दिख रहे हैं। जबर्दस्त राजनीति चल रही है। उधर भाजपा नहीं मान रही है।

शिवराज शराब को लेकर कर रहें हैं राजनीति: सलूजा

मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा ने आज आरोप लगाते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान शराब को लेकर राजनीति कर रहे हैं, जबकि उनके ही शासनकाल के दौरान इस व्यवसाय को बढावा दिया गया था।

राजनीतिक भविष्य को लेकर बढ़ी छटपटाहट

प्रदेश के दोनों ही प्रमुख दलों कांग्रेस और भाजपा के नेताओं में इस समय राजनीतिक भविष्य को लेकर छटपटाहट बढ़ गई है। अपनी-अपनी ओर ध्यान खींचने के लिए नेता अपने-अपने ढंग से उपक्रम कर रहे हैं। तो कुछ नेता एकदम खामोश हो गए हैं। उन्हें खामोशी का पुरस्कार मिलने की उम्मीद बन गई है।

दो दलों के बीच पिसता बेबस किसान

भाजपा की केंद्र में और कांग्रेस की राज्य में सरकार है। दोनों ही दल किसानों की उपेक्षा का आरोप एक-दूसरे पर लगा रहे। किसान का एक-एक हाथ दोनों दल अपनी-अपनी ओर खींच रहे। किसान भाग्यविधाता ही नहीं अब सरकार का निर्माता भी है।

शिव सेना: बचकाना जिद

महाराष्ट्र में भाजपा और शिवसेना के बीच जो खेल चल रहा है, उसका अर्थ क्या है ? क्या यह नहीं कि हमारी राजनीतिक पार्टियों को किसी सिद्धांत, नीति या विचारधारा से भी कहीं ज्यादा श्रद्धा, सत्ता में है ? वे कुर्सी पाने के लिए किसी भी हद तक जा सकती हैं।

कार्यकर्ताओं का नमक व गोली दोनों खाना!

जब मैं पढाई कर रहा था तब पढ़ा था कि साहित्य समाज का दर्पण होता है। मतलब समाज में जो कुछ घट रहा होता है वह साहित्य में प्रतिबिंबित हो जाता है। बाद में जब शौले फिल्म देखी जिसमें खलनायक अपने करीबी साथियो को यह कहने पर कि हुजूर मैंने आपका नमक खाया है, तो सुनने वाले ने यह कहते ही उसे गोली मार देता है कि पहले नमक खाया है तो अब गोली खा।

महाराष्ट्र में सबका पर्दाफाश हुआ

महाराष्ट्र में होना वहीं है, जो पहले से तय है। राज्य में भाजपा की सरकार बनेगी और देवेंद्र फड़नवीस मुख्यमंत्री होंगे। पर उससे पहले ऐसी राजनीति हुई है, जिससे सबकी पोल खुली है। सबका पर्दाफाश हुआ है।

बंगाल में दीदी बनाम दादा का मुकाबला!

दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी भले गौतम गंभीर को मुख्यमंत्री पद का चेहरा न बनाए पर पश्चिम बंगाल में सौरव गांगुली को भाजपा का चेहरा बनाया जाने की प्रबल संभावना हो गई है। जिस अंदाज में प्रिंस ऑफ कोलकाता सौरव गांगुली को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड का अध्यक्ष बनाया गया है,

सेवा का नहीं वोट का सौदा करते हैं नेता: शर्मा

उत्तर प्रदेश विधान सभा की आश्वासन समिति के अध्यक्ष और पूर्व मंत्री श्यामसुन्दर शर्मा ने कहा कि राजनीति में अब सेवा की सौदागिरी समाप्त हो गई है और उसका स्थान वोट की सौदागिरी ने ले लिया है।

कश्मीर में हिंसा

कश्मीर के हाल देखने के लिए इधर से 23 यूरोपीय सांसद श्रीनगर पहुंचे और उधर कुलगाम में आतंकवादियों ने पांच मजदूरों की हत्या कर दी। इस खबर के आगे मोदी की सउदी यात्रा और बगदादी की हत्या की खबर फीकी पड़ गई।

महाराष्ट्र: शिवसेना सरकार बनाने को लेकर कर रही कठिन सौदेबाजी

मुंबई। शिवसेना की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ कड़ी सौदेबाजी दिखा रहे एक घटनाक्रम में शिवसेना नेता संजय राउत ने मंगलवार को एक बार फिर भाजपा को सत्ता में 50-50 साझेदारी के फॉर्मूले की याद दिलाई और कहा कि उसके पास दूसरे विकल्प भी हैं। अपने सहयोगी भाजपा पर हमला करते हुए राउत ने… Continue reading महाराष्ट्र: शिवसेना सरकार बनाने को लेकर कर रही कठिन सौदेबाजी

शिव सेना सीएम पद पर अड़ी

महाराष्ट्र के चुनाव नतीजों के बाद भाजपा की सहयोगी शिव सेना जबरदस्त तेवर दिखाए हैं। इसका नतीजा यह हुआ है कि चुनाव परिणाम आने के दो दिन बाद तक दोनों पार्टियों में सरकार की रूपरेखा को लेकर फैसला नहीं हो पाया है।

बदले की राजनीति अब बंद हो जाएगी!

महाराष्ट्र और हरियाणा के विधानसभा चुनावों के नतीजों में एक खास बात नोटिस करने की है। पिछले कुछ दिनों में जितने नेताओं के खिलाफ केंद्र या राज्य सरकार की एजेंसियों ने कोई कार्रवाई की उन सबका प्रदर्शन अच्छा रहा।

दुष्यंत को मिली देवीलाल की विरासत

भाजपा के नेता चाहे जितना भी दावा करें कि राजनीति से जातिवाद और वंशवाद खत्म हो रहा है पर असलियत इसके उलटी है। महाराष्ट्र और हरियाणा दोनों राज्यों में वंशवाद बहुत साफ साफ सफल होता दिखा है।

इतिहास ने सोखा हमारा शिकारीपना!

हम क्यों बचपन में, सिंधु घाटी के पालने में, ईसा पूर्व वाले हजार साल में निर्वाण की सोचने लगे, संन्यासी हो गए और होमो सेपियंस का शिकारी मिजाज गंवा बैठ? इन सवालों पर जितना सोचेंगे, उलझते जाएंगे। सोचें ईसा पूर्व सिंघु घाटी सभ्यता का बिना किसी ठोस वजह विलुप्त होना, अहिंसा परमो धर्म वाले जैन-बौद्ध धर्म का बनना क्या अर्थ बनवाता है?

राजनीति में योगेश्वर-बबीता हारे, संदीप जीते

ओलंपिक पदक विजेता पहलवान योगेश्वर दत्त और स्टार महिला पहलवान बबीता फोगाट को राजनीति के दंगल में जनता ने पटखनी दे दी और भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर खड़े हुये दोनों दिग्गजों को हरियाणा विधानसभा चुनाव के गुरूवार को घोषित परिणामों में हार का सामना करना पड़ा।

रविदास मंदिर पर राजनीतिक बयानबाजी तेज

नई दिल्ली। भाजपा ने दिल्ली में संत रविदास मंदिर के मुद्दे पर आम आदमी पार्टी और कांग्रेस पर लोगों को बांटने एवं विद्वेष की राजनीति करने का बुधवार को आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी राजनीतिक और सामाजिक द्वेष को बढ़ाने वाले इन दलों के बयानों की निंदा करती है। भाजपा ने कहा कि संत… Continue reading रविदास मंदिर पर राजनीतिक बयानबाजी तेज

भाजपा सर्व समाज की पार्टी बनेगी!

महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा के लिए मतदान के बाद एक्जिट पोल के नतीजों में वोट की जो तस्वीर दिखाई जा रही है वह भाजपा के लिए बहुत उत्साहजनक है। यह संभवतः पहली बार है, जब भाजपा किसी जातीय खांचे की बजाय सर्व समाज की पार्टी बनती दिख रही है।

कम से कम हमारे शहीदों को तो बख्शो..?

भारत की राजनीति का स्तर अब कौन से पाताल लोक में ले जाया जाएगा, यह आम आदमी की समझ से परे है, क्योंकि आज के राजनेता अपने किए गए कार्यों पर नहीं शहीदों के नाम पर वोट मांगने लगे है,

राज्यों के चुनाव का होगा राष्ट्रीय असर

दो राज्यों महाराष्ट्र और हरियाणा में सोमवार को वोट डाले गए। इन दोनों राज्यों के नतीजे कई तरह से राष्ट्रीय राजनीति की प्रभावित करेंगे। चुनाव में हिस्सा लेने वाली पार्टियों की अंदरूनी राजनीति प्रभावित होगी वो अलग है।

नीतीश के नाम पर भाजपा की राजनीति

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने ऐलान किया है कि बिहार में एनडीए नीतीश कुमार के चेहरे पर ही चुनाव लड़ेगा। भाजपा नेताओं की ओर से नीतीश पर हो रहे हमले और गठबंधन टूटने की तमाम अटकलों को गलत बताते हुए उन्होंने नीतीश कुमार को एनडीए का मुख्यमंत्री पद का दावेदार बताया।

हनी ट्रैप कांड और पुरूषवादी समाज

पिछले लगभग 20 दिनों से म.प्र. की राजनीति और मीडिया में हनी ट्रैप कांड प्रमुखता पर है, ऐसे कांड का प्रमुखता से होना स्वाभाविक भी है, क्योंकि प्रदेश की राजनीति पर इसके कई प्रकार के प्रभाव संभावित है। हनी ट्रैप कांड जैसे कांड बंधे समाज में एक हलचल पैदा करते है। वैसे यह कोई पहली बार हुआ है, ऐसा नहीं है बल्कि पहले भी देश और दुनिया में ऐसे कई कांड हो चुके है।

झाबुआ के लिए झटके पर झटका

झाबुआ विधानसभा के उपचुनाव में जीत के लिए जूझ रहे कांग्रेस और भाजपा के नेता एक-दूसरे को झटके पर झटका दे रहे हैं। भाजपा ने जहां भोपाल में नारायण त्रिपाठी का भाजपा के साथ होना दिखाया वहीं झाबुआ में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने एक सभा में दीपावली बाद मध्यप्रदेश में सरकार बनाने की बात कह दी। हालांकि बाद में उन्होंने इंदौर में इसे एक चुनावी भाषण कहा और फिलहाल सरकार बनाने की किसी भी स्थिति-परिस्थिति से इनकार

चिरंजीवी और पवन कल्याण क्या करेंगे?

तेलुगू फिल्मों के सुपर सितारे चिरंजीवी क्या फिर राजनीति में लौटेंगे? आंध्र प्रदेश में इसकी अटकलें शुरू हो गई हैं। सोमवार को उन्होंने मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी से मुलाकात की। चिरंजीवी और उनकी पत्नी विशेष विमान लेकर विजयवाड़ा गए थे और जगन से मुलाकात की थी।

उपचुनाव के नतीजों का भी होगा असर

देश के दो राज्यों में इस समय विधानसभा के चुनाव हो रहे हैं। सबका फोकस इन दो राज्यों- महाराष्ट्र और हरियाणा पर है। परंतु इनके अलावा 16 राज्यों की 51 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव भी हो रहे हैं। लोकसभा की एक सीट पर भी उपचुनाव हो रहा है।

दुनिया में सब तरफ परिवारवाद

तानाशाही और राजशाही वाली व्यवस्था में तो खैर पीढ़ी दर पीढ़ी सत्ता सुख भोगने का रिवाज रहा है, लोकतांत्रिक व्यवस्था वाले देशों में भी परिवारवाद समय समय पर रंग दिखाता रहा है।

भक्त मानें या पुतला या पागल?

कैसे हैं हम सवा सौ करोड़ लोग? जवाब में एक तर्क होगा कि अब हम बदल गए हैं! हम वैसे नहीं रहे जैसे प्रधानमंत्री मोदी के सत्ता में आने से पहले थे। कह सकते हैं कि भारत के लोग, खास कर हिंदू समझदार हो गए हैं।

पंचायतों से भी फीके चुनाव!

हां, महाराष्ट्र और हरियाणा के विधानसभा चुनाव को ले कर राष्ट्रीय कौतुक और चुनावी धमाल उतना भी नहीं है जितना राज्य विशेष के पंचायत चुनावों पर होता है। हिसाब से दोनों राज्यों में सत्ता और मुख्यमंत्री की कुर्सी को ले कर पहले बहुत कौतुक हुआ करता था।

गांधी व अंबेडकर अड़े रहे अपनी बात पर

हमारे देश की राजनीति में कुछ ऐसे नेता हुए है जिन्हें कांग्रेस से लेकर भाजपा तक हर दल अपनाना चाहती है क्योंकि उन्हें लगता है कि इन दोनों का दामन थामे बिना चुनाव की वैतरणी पार कर पाना मुश्किल है।