बाइडेन के अच्छे, भले सौ दिन!

पृथ्वी के साढ़े सात अरब लोगों की सांस दो संकटों में अटकी है। एक, कोविड-19 के विषाणुओं से। दूसरे, तानाशाह-नीच प्रवृत्ति के उन नेताओं से जो वायरस से अपनी सत्ता और साम्राज्यवादी मंसूबों का मौका मानते हैं। चीन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनफिंग से लेकर रूस के राष्ट्रपति पुतिन जैसे नेता अपने वर्चस्ववादी-निरंकुश मॉडल… Continue reading बाइडेन के अच्छे, भले सौ दिन!

चीन की मजबूरी हिटलरी विस्तार

भविष्य में चीन से अनिवार्य संकट-4: चीन फैक्टरी है दुनिया की। पृथ्वी के लोगों की जरूरतों का आपूर्तिकर्ता है। वह सन् 2013 से दुनिया का नंबर एक व्यापारिक देश है। कभी ऐसा रूतबा ब्रिटेन, अमेरिका का हुआ करता था। अब स्थायी तौर पर चीन नंबर एक व्यापारिक देश। सन् 2019 में उसने कोई 2,641 ट्रिलियन… Continue reading चीन की मजबूरी हिटलरी विस्तार

जैसे जांबिया वैसे कई देश! भविष्य में चीन से अनिवार्य संकट-3

भविष्य में चीन से अनिवार्य संकट-3: जांबिया जैसे कर्ज से चीन की चंगुल में जकड़ा है, उस पर आश्रित है वैसे अफ्रिका के और भी देश कर्ज सुनामी के खतरे में चीन की साहूकारी में फंसे है। अंगोला में हालात यह है कि जीडीपी से 120  प्रतिशत तेज रफ्तार कर्जदारी से बढ रही है। वही… Continue reading जैसे जांबिया वैसे कई देश! भविष्य में चीन से अनिवार्य संकट-3

जाम्बिया पर चीन का ऐसा मालिकाना!

भविष्य में चीन से अनिवार्य संकट-2: चीन 21वीं सदी में यदि क्षेत्र-आबादी विशेष को ईस्ट इंडिया कंपनी के तौर-तरीकों में बंधक, आश्रित, गुलाम बना रहा है तो प्रमाण क्या? कई उदाहरण हैं। ये अफ्रीका, मध्य एशियाई देशों से ले कर लातिनी अमेरिकी देशों में फैले हुए है। इसका विजुअल अनुभव जानना-समझना है तो पिछले शनिवार… Continue reading जाम्बिया पर चीन का ऐसा मालिकाना!

21वीं सदी में गुलामी और चीन!

भविष्य में चीन से अनिवार्य संकट-1: सचमुच सोचना, समझना और अनुभव की हकीकत में विश्वास वाली बात नहीं जो 21वीं सदी में वह होता हुआ है, जो 18वीं-19 वीं सदी में था! देश और लोग 21वीं सदी में वैसे ही गुलाम बन रहे हैं, जैसे 18वीं-19 वीं सदी में बने थे। आश्चर्य का और बड़ा… Continue reading 21वीं सदी में गुलामी और चीन!

आंतकवाद का संगठित मुकाबला हो: मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेते हुए अपने संबोधन में कहां कि आतंकियों को समर्थन और सहायता देने वाले देशों को जवाबदेह बनाया जाए।

The Prime Minister, Shri Narendra Modi exchanging the gifts with the President of the People’s Republic of China, Mr. Xi Jinping, in Mamallapuram, Tamil Nadu on October 12, 2019.

वर्चुअल ब्रिक्स सम्मेलन में होंगे मोदी और शी

भारत और चीन के बीच पिछले छह महीने से चल रहे गतिरोध के बीच पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनफिंग आमने सामने हो सकते हैं। ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका यानी ब्रिक्स के 12वां शिखर सम्मेलन 17 नवंबर से होगा।

चिनफिंग-मोदी वार्ता की तैयारियां अंतिम चरण में

मामल्लापुरम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच 11 और 12 अक्टूबर को दूसरी अनौपचारिक शिखर वार्ता होने जा रही है, जिसके लिए पूरे शहर को अभेद्य किले में तब्दील कर दिया गया है।

भारत के बाद नेपाल का दौरा करेंगे जिनपिंग

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग 12-13 अक्टूबर को नेपाल का दौरा करेंगे। श्री जिनपिंग 11-12 अक्टूबर को भारत दौरे के बाद नेपाल का यह दौरा करेंगे। किसी चीनी राष्ट्रपति का यह 23 वर्ष बाद नेपाल का पहला दौरा होगा।