kishori-yojna
लखीमपुर में किसानों के कई संकल्प

50 हजार किसानों की मौजूदगी में अंतिम अरदास। यूपी के हर जिले और देश के हर राज्य में अस्थि कलश यात्रा।

महापंचायत में किसानों ने भरी हुंकार

केंद्र सरकार के बनाए कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलन कर रहे लाखों किसानों ने रविवार को किसान महापंचायत में हुंकार भरी।

किसानों के भारत बंद को विपक्ष का समर्थन!

विपक्षी पार्टियों ने अभी ऐलान नहीं किया है पर जानकार सूत्रों का कहना है कि 25 सितंबर को होने वाले भारत बंद का सभी पार्टियां समर्थन करेंगी।

Kisan Aandolan: केन्द्र सरकार इस शर्त पर किसानों से बातचीत को तैयार, तो Mamta Banerjee के पास पहुंचे किसान नेता Rakesh Tikait

नई दिल्ली | देश में पिछले कई महीनों से दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर किसानों का केन्द्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन (Kisan Aandolan) जारी है। ऐसे में केन्द्र सरकार ने कृषि कानूनों पर विरोध प्रदर्शन (Agitating Farmers) कर रहे किसानों को एक बार फिर से बातचीत के लिए संदेश दिया है कि सरकार बातचीत के लिये तैयार है। कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) ने कहा है कि सरकार कृषि कानून के साथ-साथ दूसरे मुद्दों पर भी बातचीत के लिए तैयार है। लेकिन उन्होंने ये भी कहा है कि किसान कृषि कानूनों पर तार्किक आधार पर अपनी चिंता लेकर आएंगे तो ही बात होगी। इसी के साथ बुधवार को केंद्र सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी बढ़ाने का फैसला किया है। ये भी पढ़ें:- पति से अलग हुईं सांसद नुसरत जहां, कहा हम लिव इन रिलेशन में थे, पति ने रात को बैंक अकाउंट से पैसे निकाल लिए, तलाक पर यह कहा ममता बनर्जी के पास पहुंचे किसान नेता राकेश टिकैत कृषि कानूनों का विरोध कर रहे भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) बुधवार को पश्चिम बंगाल पहुंचे। उन्होंने यहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamta Banerjee) से मुलाकात कर कृषि उत्पादों के लिए न्यूनतम समर्थन… Continue reading Kisan Aandolan: केन्द्र सरकार इस शर्त पर किसानों से बातचीत को तैयार, तो Mamta Banerjee के पास पहुंचे किसान नेता Rakesh Tikait

किसान आंदोलन और शाहीन बाग का फर्क

केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ छह महीने से आंदोलन कर रहे किसान कहीं नहीं जा रहे हैं। वे दिल्ली को तीन तरफ से घेरे रहेंगे और सीमा पर बैठे रहेंगे। आंदोलन के छह महीने पूरे होने के मौके पर किसानों के नेता राकेश टिकैत ने कहा कि जरूरत पड़ी तो किसान 2024 तक यानी अगले लोकसभा चुनाव तक आंदोलन करते रहेंगे। उन्होंने आंदोलन कर रहे किसानों की वजह से कोरोना फैलने की बातों को खारिज करते हुए कहा कि जो किसान, जहां है वहीं से आंदोलन कर रहा है इसलिए यह सुपर स्प्रेडर इवेंट नहीं है। सो, यह तय है कि किसान आंदोलन का हस्र नागरिकता संशोधन कानून पर शाहीन बाग में हुए आंदोलन वाला नहीं होने जा रहा है। कोरोना की पहली लहर में शाहीन बाग का आंदोलन खत्म हो गया था। पहले आंदोलन में शामिल लोगों की संख्या धीरे धीरे कम हुई और उसके बाद चुपचाप आंदोलन खत्म हो गया। एक समय दिल्ली के शाहीन बाग से लेकर देश के दूर-दराज तक के हिस्सों में सीएए विरोधी आंदोलन चल रहा था। लेकिन वायरस की पहली लहर ने इसे खत्म कर दिया। ऐसा लग रहा था कि कोरोना की दूसरी लहर में किसान आंदोलन खत्म हो जाएगा… Continue reading किसान आंदोलन और शाहीन बाग का फर्क

हिसार में लाठीचार्ज से भड़के किसान

नई दिल्ली/हिसार। हरियाणा के हिसार में किसानों के ऊपर लाठी चलाए जाने की घटना से किसान संगठन भड़के हैं और रविवार की शाम को कई जगह प्रदर्शन किया। संयुक्त किसान मोर्चे के नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने किसानों से हरियाणा के सारे हाईवे जाम करने को कहा, जिसके बाद शाम पांच बजे से सात बजे तक  किसान कई जगह हाईवे जाम करके बैठे रहे। किसान नेता राकेश टिकैत ने भी ऐलान किया कि इस लाठीचार्ज के खिलाफ आंदोलन तेज होगा। गौरतलब है कि रविवार को हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर हिसार में एक पांच सौ बेड के अस्पताल का उद्घाटन करने पहुंचे थे। उसी समय केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसान संगठनों के लोग वहां पहुंच गए और नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री का  विरोध शुरू कर लिया। किसानों को वहां से हटाने के लिए पुलिस ने लाठी चलाई, जिसमें कई किसान घायल हुए। कुछ किसानों को हिरासत में भी लिया गया। इस प्रदर्शन की वजह से मुख्यमंत्री को आनन-फानन में अपना कार्यक्रम खत्म करके वहां से लौटना पड़ा। हिसार की इस घटना पर भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि किसानों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में… Continue reading हिसार में लाठीचार्ज से भड़के किसान

किसानों की बात नहीं सुन रही सरकार

केंद्र सरकार के बनाए तीन कृषि कानूनों के विरोध में देश के कई राज्यों के किसान दिल्ली क सीमा पर पांच महीने से ज्यादा समय से धरने पर बैठे हैं। हालांकि 26 जनवरी के बाद से आंदोलन की धार कमजोर हुई है और कोरोना वायरस की मार ने आंदोलन को कमजोर किया है। आंदोलन कर रहे किसान संगठनों ने पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार किया था। उन्होंने अपनी सभाओं में भाजपा को हराने की अपील की थी। राकेश टिकैत से लेकर योगेंद्र यादव तक ने सभा की थी और कहा था कि भाजपा बंगाल में हारेगी तभी दिल्ली में किसानों की बात सुनेगी। तब माना जा रहा था कि बंगाल में हार जाने के बाद शायद सरकार सचमुच किसानों की बात सुने, लेकिन ऐसा कुछ होता नहीं दिख रहा है। असल में इसका उलटा हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा ने भी किसानों के बंगाल जाकर प्रचार करने और भाजपा को हराने की अपील करने को गंभीरता से लिया है। वे इस बात से नाराज हुए हैं कि सरकार के एक फैसले को लेकर किसानों ने इतना बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाया और कहा कि बंगाल में भाजपा हारेगी तो किसानों की बात सुनी जाएगी। ऐसा लग रहा है… Continue reading किसानों की बात नहीं सुन रही सरकार

किसान महापंचायत से लेफ्ट नेता नाराज

किसान संगठनों की इस राजनीति से वामपंथी नेता खासे परेशान हैं। उनको इस बात की भी नाराजगी है कि किसान आंदोलन को सफल बनाने के लिए उन्होंने इतनी मेहनत की।

किसान आंदोलन चलता रहेगा

farmers movement will continue : किसान आंदोलन की मीडिया में चर्चा नहीं हो रही है और सरकार से जुड़े लोगों का कहना है कि अब आंदोलन …

टिकैत, हार्दिक पटेल और रामदेव!

याद करें रामलीला मैदान में पुलिस के डंडे और महिला साडी पहन कर भागे रामदेव को! रामदेव ने अपने साथ हुए सलूक का हरिद्वार जा कर जो रोना रोया तो क्या साधू-संत, हिंदूजन उनके लिए सड़कों पर उतरे

महापंचायत में किसानों की हुंकार!

केंद्र सरकार के बनाए तीन कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमा पर चल रहे किसान आंदोलन को लेकर बुधवार को हरियाणा के जींद में किसानों की महापंचायत हुई।

आंदोलन चलेगा अक्टूबर तक

केंद्र सरकार के बनाए तीन कृषि कानूनों के खिलाफ पिछले 69 दिन से चल रहा आंदोलन अभी खत्म नहीं होने जा रहा है। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा है कि यह आंदोलन अक्टूबर तक चलेगा।

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