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छत्तीसगढ़ भवन में ठहरने का अनुभव सुखद रहा : कोविंद

राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने बिलासपुर के छत्तीसगढ़ भवन में ठहरने के अनुभव को सुखद बताते हुए कहा कि यहां के लोगों की सत्कार और सेवा भावना सराहनीय है।

ट्रंप दौरा : भारत-अमेरिका के बीच होंगे 5 करार

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत यात्रा के दौरान कम से कम पांच समझौतों पर हस्ताक्षर किये जाने की तैयारी हो रही है लेकिन यात्रा का मुख्य फोकस

सूरज कुण्ड मेले का शनिवार को कोविंद करेंगे उद्घाटन

राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद शनिवार को हरियाणा के सूरजकुंड में 34 वें सूरजकुंड मेले का उद्घाटन करेंगे।
यह मेला 16 दिनों तक चलेगा।

राष्ट्रपति का अभिभाषण निराश करने वाला : विपक्ष

कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द के अभिभाषण को निराशाजनक बताया है और कहा है कि इसमें देश के ज्वलंत मुद्दों को शामिल किये जाने की उम्मीद थी

याद रहे अहिंसा का मंत्र: कोविंद

नई दिल्ली। राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने लोकतंत्र के लिए सत्ता और विपक्ष दोनों को महत्त्वपूर्ण बताते हुए सभी को, खासकर युवाओं को महात्मा गाँधी के अहिंसा के मंत्र को याद रखने की सलाह दी। श्री कोविन्द ने 71 वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या के संदेश में कहा कि किसी उद्देश्य के लिए संघर्ष करने वाले लोगों, विशेष रूप से युवाओं, को महात्मा गांधी के अहिंसा के मंत्र को सदैव याद रखना चाहिये जो मानवता को उनका अमूल्य उपहार है। कोई भी कार्य उचित है या अनुचित यह तय करने के लिए गाँधीजी की मानव कल्याण की कसौटी लोकतंत्र पर भी लागू होती है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण के लिए गांधीजी के विचार आज भी पूरी तरह से प्रासंगिक हैं। गांधीजी के सत्य और अहिंसा के संदेंश पर चिंतन-मनन करना हमारी दिनचर्या का हिस्सा होना चाहिये। उन्होंने कहा, “संविधान ने नागरिकों को कुछ अधिकार प्रदान किये हैं, लेकिन इसके तहत हम सबने यह जिम्मेदारी ली है कि हम न्याय, स्वतंत्रता, समानता तथा भाईचारे के मूल लोकतांत्रिक आदर्शों के प्रति सदैव प्रतिबद्ध रहें। राष्ट्र के निरंतर विकास और भाईचारे के लिए यही सबसे उत्तम मार्ग है।” श्री कोविंद ने लोकतंत्र में सत्ता पक्ष एवं विपक्ष दोनों को महत्वपूर्ण बताते हुए… Continue reading याद रहे अहिंसा का मंत्र: कोविंद

सभी को मताधिकार के महत्व काे समझना चाहिए : कोविंद

राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने शनिवार को कहा कि भारत में संविधान के लागू होने के 70 वर्ष बाद भी कुछ लोग अपने मताधिकार के महत्व को नहीं समझते हैं

10वां राष्‍ट्रीय मतदाता दिवस 25 जनवरी को

राष्‍ट्रपति राम नाथ कोविंद 25 जनवरी को राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित 10वें राष्‍ट्रीय मतदाता दिवस (एनवीडी) समारोह में मुख्‍य अतिथि होंगे।

पुड्डुचेरी राजनिवास की मेजबानी से कोविंद प्रसन्न

राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने केंद्र शासित प्रदेश पुड्डुचेरी के दो दिवसीय दौरे के दौरान यहां स्थित राजनिवास की मेजबानी को लेकर प्रसन्नता व्यक्त की।

कोविंद ने 157 छात्राओं को स्वर्ण पदक मिलने पर जतायी खुशी

राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने सोमवार को पांडिचेरी विश्वविद्यालय के 27वें दीक्षांत समारोह में कुल 189 में से 157 छात्राओं को भी स्वर्ण पदक मिलने पर

विपक्ष के लिए परीक्षा की घड़ी

सुशांत कुमार- देश के विपक्ष के लिए परीक्षा की घड़ी है। लोकसभा चुनाव के बाद से हाशिए में पड़ी विपक्षी पार्टियों के पास एकजुट होने का भी मौका है और लोगों को सरकार के एजेंडे के बारे में बताने का भी सही समय है। लोग खुद भी अपने अनुभवों से समझ रहे हैं। तभी महाराष्ट्र और हरियाणा के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को हटाने और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांटने का केंद्र सरकार का फैसला भाजपा को बहुत ज्यादा चुनावी लाभ नहीं पहुंचा पाया। हालांकि दोनों राज्यों में भाजपा का प्रदर्शन खराब नहीं कहा जा सकता है पर इन चुनावों में ही विपक्षी पार्टियों को भी लोगों ने ताकत दी। लोगों के इस मैसेज को समझना होगा। दोनों राज्यों में भाजपा के विरोध में लड़ी पार्टियों के वोट और उनकी सीटों में इजाफा इस बात का संकेत है कि लोग चाहते हैं कि विपक्ष रहे और मजबूत रहे। ध्यान रहे मजबूत विपक्ष लोकतंत्र की बुनियादी जरूरत है और देश के लोग इस बात को समझते हैं। तभी महाराष्ट्र और हरियाणा में कांग्रेस के हाशिए में होने के बावजूद लोगों ने उसे वोट दिया। कांग्रेस के लोग भी इस बात… Continue reading विपक्ष के लिए परीक्षा की घड़ी

क्यों डर रही है सरकार?

आंदोलन, प्रदर्शन और धरने से लोकतंत्र की खूबसूरत तस्वीरें बनती हैं। कितने अच्छे ढंग से इस बात को डॉक्टर राम मनोहर लोहिया ने कहा है कि ‘सड़कें सूनी हो जाएंगी तो संसद आवारा हो जाएगी’! असल में लोकतंत्र की खूबसूरती इसी में है कि इसकी सड़कें आबाद रहें। केंद्र की मौजूदा सरकार और सरकार का नेतृत्व कर रही भाजपा का इतिहास भले समाजवाद का नहीं रहा है पर जयप्रकाश नारायण के आंदोलन की विरासत का कुछ अंश तो उसके हिस्से में भी आया ही है। फिर भी उसकी सरकार क्यों आंदोलनों, प्रदर्शनों और धरनों से डर रही है? वह भी छात्रों के आंदोलन से? देश भर के छात्र आंदोलित हैं। करीब 15 राज्यों में बड़े शिक्षण संस्थानों में छात्रों ने जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन किया। आमतौर पर प्रदर्शनों से दूर रहने वाले आईआईटी, आईआईएम और इंडियन इंस्टीच्यूट ऑफ साइंस, बेंगलुरू के छात्रों ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया। दिल्ली से लेकर कोलकाता, चेन्नई, मुंबई, बेंगुलरू, कानपुर, हैदराबाद, पटना, बनारस सहित कोई भी बड़ा शहर ऐसा नहीं है, जहां छात्र और नौजवान आंदोलन के लिए सड़क पर नहीं निकले। केंद्र की भाजपा सरकार के साढ़े पांच साल… Continue reading क्यों डर रही है सरकार?

हिंदुत्ववादी दिखने का शौक?

नागरिकता संशोधन कानून के विरुद्ध देश में इतना बड़ा आंदोलन उठ खड़ा होगा, इसकी कल्पना नरेंद्र मोदी और अमित शाह को क्या, कांग्रेसियों और कम्युनिस्टों को भी नहीं होगी। यदि अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी और जामिया मिलिया के छात्र भड़क उठे हैं तो बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी और देश के अन्य विश्वविद्यालयों के छात्र भी इस कानून के विरुद्ध मैदान में उतर आए हैं। यह ठीक है कि देश के विपक्षी दल इस जनोत्थान से खुश हैं और वे इसे उकसा भी रहे हैं लेकिन हम इससे इनकार नहीं कर सकते कि यह आंदोलन स्वतःस्फूर्त है। भाजपा की प्रतिक्रिया ऐसी है, जो इस आंदोलन की आग में घी का काम कर रही है। पहली बात यह कि पुलिस ने विश्वविद्यालयों के अंदर छात्रों के साथ मारपीट क्यों की? यह ठीक है कि छात्र लोगों का आंदोलन अहिंसक नहीं था। उन्होंने तोड़-फोड़ और आगजनी भी कर डाली लेकिन पुलिस थोड़े संयम से काम लेती तो बेहतर होता। दूसरी बात प्रधानमंत्री मोदी का यह कहना कि प्रदर्शनकारियों के कपड़े देख कर ही पता चल जाता है कि वे कौन हैं? क्या मतलब है, इस वाक्य का? इसका मतलब यह है कि वे मुसलमान हैं और हम पक्के हिंदुत्ववादी हैं। इस मौके पर इतना गैर-जिम्मेदाराना… Continue reading हिंदुत्ववादी दिखने का शौक?

‘पहनावा’ और हिंदू राष्ट्र!

गृह मंत्री अमित शाह खुश होंगे। बहुत खुश। इसलिए कि उन्हें सड़कों पर उस पहनावे के लोगों, छात्रों की भीड़ दिखलाई दे रही है, जिन्हें मुसलमान कहा जाता है। कोलकत्ता के ‘द टेलीग्राफ’ अखबार ने कल विरोध प्रदर्शनों के फोटो छाप प्रधानमंत्री मोदी को आईना दिखाना चाहा कि क्या इन फोटोज में भीड़ मुसलमानी है, जो आप कह रहे हैं कि पहनावा देखो तो मालूम होगा कि सड़कों पर कौन उतरे हुए हैं! हां, भारत के प्रधानमंत्री का ऑन रिकार्ड बयान है कि नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ ये जो आग लगा रहे हैं, ये कौन हैं उनके कपड़ों से इसका पता चल जाता है। इधर उनका यह खुलासा था और उधर जामिया मिलिया विश्वविद्यालय में पुलिस ने घुस पर छात्रों की ऐसी पिटाई की, जिससे देश को अपने आप मालूम हुआ कि मोदी सरकार में कुव्वत है आग लगाने वालों को ठोकने की। फिर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कल दो टूक शब्दों में बताया कि जिहादी, माओवादी, अलगाववादी हैं छात्र रूप में! भला यह नैरेटिव क्यों, जबकि हिसाब से देश भर में जिहादी, माओवादी, अलगाववादियों का इतनी तादाद में सड़कों पर उतरना अमित शाह के लिए बतौर गृह मंत्री चिंता वाली बात होनी थी! उन्हें व प्रधानमंत्री मोदी… Continue reading ‘पहनावा’ और हिंदू राष्ट्र!

विपक्ष ने राष्ट्रपति से की शिकायत

कांग्रेस सहित 13 विपक्षी दलों के नेताओं ने नागरिकता (संशोधन) कानून लागू करने के विरोध में देश के विभिन्न हिस्सों में भड़की हिंसा के मद्देनजर राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद से मिलकर इस कानून को वापस लेने के लिए सरकार को सलाह देने की मांग की।

सुप्रीम कोर्ट का दखल देने से इनकार

नई दिल्ली। संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ देश में भर में चल रहे आंदोलन के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दखल देने से इनकार कर दिया। प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में अदालत पहुंचे वकीलों को सुप्रीम कोर्ट ने फटकार भी लगाई। देश के कई हिस्सों में हुई हिंसक विरोध की घटनाओं की जांच के लिए सर्वोच्च अदालत के पूर्व जज की अध्यक्षता में समिति बनाने से मंगलवार को इनकार करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस तरह की समितियां संबंधित हाई कोर्ट बना सकती हैं। सर्वोच्च अदालत ने सभी याचिकाकर्ताओं को राहत के लिए और जांच समितियां बनवाने के लिए संबंधित राज्यों के हाई कोर्ट में जाने का निर्देश, जहां हिंसा की घटनाएं हुई हैं। चीफ जस्टिस एसए बोबड़े, जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस सूर्यकांत की तीन सदस्यों की पीठ ने अपने आदेश में इस तथ्य का जिक्र किया कि याचिकाकर्ताओं के हर आरोप का केंद्र की ओर से सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने खंडन किया है। पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ताओं की चिंता दो बातों को लेकर मुख्य रूप से है। पहला तो अंधाधुंध तरीके से छात्रों की गिरफ्तारी और दूसरे, घायल छात्रों का ठीक से इलाज नहीं होना। पीठ ने कहा कि सॉलिसीटर जनरल के… Continue reading सुप्रीम कोर्ट का दखल देने से इनकार

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