बूढ़ा पहाड़
Corona Update: मरने वालों की संख्या चार लाख के पार, छह राज्यों में बढ़ा संक्रमण

नई दिल्ली। कोरोना वायरस के संक्रमण की वजह से देश में मरने वालों की संख्या चार लाख का आंकड़ा पार कर गई है। शुक्रवार को खबर लिखे जाने देश में मरने वालों की कुल संख्या चार लाख 756 हो गई थी। इनमें से ढाई लाख से ज्यादा लोग इस साल अप्रैल में आए संक्रमण की दूसरी लहर में मरे हैं। भारत में सबसे ज्यादा एक लाख 17 हजार के करीब लोग महाराष्ट्र में मरे हैं। हालांकि संक्रमण से मरने वालों की संख्या में तेजी से कमी आई है फिर भी अप्रैल-मई के महीने में जब कोरोना के केसेज पीक पर थे, तब एक दिन में चार हजार तक लोगों की मौत हो रही थी। सात मई के पीक के बाद संक्रमितों की संख्या और मरने वालों की संख्या दोनों घट रही है। इस बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से बताया गया है कि पिछले के मुकाबले इस हफ्ते संक्रमण के मामलों में 13 फीसदी की कमी आई है। हालांकि कुछ हिस्सों में संक्रमण अब भी काबू में नहीं आया है। देश के 71 जिलों में संक्रमण की दर 10 फीसदी से ज्यादा है। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से शुक्रवार को बताया गया कि महामारी के पीक के वक्त देश… Continue reading Corona Update: मरने वालों की संख्या चार लाख के पार, छह राज्यों में बढ़ा संक्रमण

India Corona Virus Update : तीन करोड़ के पार संक्रमित!

India Corona Virus Update : नई दिल्ली। भारत में कोरोना वायरस के संक्रमितों की संख्या तीन करोड़ का आंकड़ा पार कर गई है। मंगलवार को कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या तीन करोड़ से ऊपर निकल गई है। भारत में कोराना संक्रमण का पहला मरीज 30 जनवरी 2020 को मिला था। उसके बाद 17 महीने से लगातार कोरोना महामारी देश में फैली हुई है। कोरोना की दूसरी लहर ज्यादा खतरनाक रही और इस दौरान आखिरी एक करोड़ मरीज सिर्फ 50 दिन यानी दो महीने से भी कम समय में मिले। भारत में दूसरी लहर का पीक सात मई को आया था, जिस दिन देश भर में चार लाख 14 हजार नए मामले मिले थे। यह दुनिया के किसी भी देश में एक दिन में मिले संक्रमितों की सबसे बड़ी संख्या है। अमेरिका में एक दिन में सबसे ज्यादा साढ़े तीन लाख केस आए थे। भारत में सात मई के बाद लगातार नए केसेज में कमी आ रही है और एक्टिव केस भी लगातार कम हो रहे हैं। तीन महीने के बाद पहली बार सोमवार को 50 हजार से कम केस मिले। इसमें भी ज्यादातर केसेज दक्षिण भारत के चार राज्यों के हैं। भारत में संक्रमण की दर कम होकर तीन फीसदी… Continue reading India Corona Virus Update : तीन करोड़ के पार संक्रमित!

Corona Virus Update News : तीन करोड़ के करीब संक्रमित, संक्रमण की दर घट कर तीन फीसदी के करीब

Corona Virus Update News : नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस से संक्रमितों की संख्या तीन करोड़ के करीब पहुंच गई है। अगले एक या दो दिन में यह संख्या तीन करोड़ का आंकड़ा पार कर जाएगी। रविवार को खबर लिखे जाने तक देश में संक्रमितों की संख्या दो करोड़ 99 लाख 31 हजार से ऊपर पहुंच गई थी। इसमें से दो करोड़ 88 लाख 30 हजार से ज्यादा लोग इलाज से ठीक हुए हैं, जबकि तीन लाख 88 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। एक्टिव मरीजों की संख्या अब सात लाख के करीब रह गई है। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान एक्टिव केसेज की संख्या बढ़ कर 35 लाख पहुंच गई थी। सात मई के बाद लगातार हर दिन मिलने वाले संक्रमितों की संख्या भी घट रही है और एक्टिव केसेज भी कम हो रहे हैं। देश में संक्रमण की दर घट कर तीन फीसदी के करीब रह गई है। हालांकि देश में 11 राज्य अब भी ऐसे हैं, जहां संक्रमण की दर पांच फीसदी से ऊपर है। इनमें कुछ बड़े राज्य भी हैं। केरल में अब भी संक्रमण की दर 11 फीसदी से ऊपर है। इसके अलावा गोवा, सिक्किम और मेघालय में भी संक्रमण की… Continue reading Corona Virus Update News : तीन करोड़ के करीब संक्रमित, संक्रमण की दर घट कर तीन फीसदी के करीब

सुप्रीम कोर्ट में मोदी सरकार का जवाब : कोरोना से मरने वालों के परिजनों को सरकार मुआवजा नहीं दे सकेगी

Covid Death compensation India नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि वह कोरोना से मरने वाले हर मरीज के परिजनों को मुआवजा नहीं दे सकती है। कोरोना से मरे लोगों के परिजनों को मुआवजा दिलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में दायर एक याचिका पर केंद्र सरकार ने अपना हलफनामा दायर किया है, जिसमें उसने कहा है कि वह सबको मुआवजा नहीं दे सकती है। केंद्र ने अपने हलफनामे में कहा है कि कोरोना से जिनकी मौत हुई है, उनके परिवारों को सरकार चार लाख रुपए का मुआवजा नहीं दे सकेगी। साथ ही सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि कोरोना से होने वाली हर मौत को कोविड मौत के रूप में दर्ज किया जाएगा। सरकार ने कहा है कि आपदा कानून के तहत अनिवार्य मुआवजा सिर्फ प्राकृतिक आपदाओं जैसे भूकंप, बाढ़ आदि पर ही लागू होता है। सरकार का कहना है कि अगर एक बीमारी से होने वाली मौत पर मुआवजा दिया जाए और दूसरी पर नहीं, तो यह गलत होगा। केंद्र ने 183 पन्नों के अपने हलफनामे में यह भी कहा है कि इस तरह का भुगतान राज्यों के पास उपलब्ध राज्य आपदा मोचन कोष यानी एसडीआरएफ से होता है। अगर राज्यों को हर मौत के… Continue reading सुप्रीम कोर्ट में मोदी सरकार का जवाब : कोरोना से मरने वालों के परिजनों को सरकार मुआवजा नहीं दे सकेगी

कोई चुप कराएगा गुलेरिया को?

वैसे जरूरत तो देश के सभी सरकारी झोलाछाप सलाहकारों को चुप कराने की है लेकिन ज्यादा जरूरत अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान यानी एम्स, दिल्ली के निदेशक डॉक्टर रणदीप गुलेरिया का मुंह बंद कराने की है। कारण यह है कि देश के आम नागरिक या दूरदराज के लोग नीति आयोग नहीं जानते हैं, आईसीएमआर नहीं जानते हैं या उनके लिए प्रधानमंत्री के प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार का कोई भी खास मतलब नहीं है परंतु उनके लिए एम्स, दिल्ली का निदेशक साक्षात ईश्वर का दूसरा रूप है। उसकी कही बात पत्थर की लकीर है। इसलिए एम्स, दिल्ली के निदेशक का कोरोना जैसी महामारी पर गैरजिम्मेदार बयान देना बहुत घातक हो सकता है। अगर एम्स का निदेशक कहता है कि डेढ़-दो महीने में ही कोरोना वायरस की तीसरी लहर आएगी तो लोग उस पर यकीन करेंगे। उसकी बात लोगों को वास्तविक रूप से चिंता में डाल सकती है। उन्हें अवसाद से भर सकती है। जीवन के प्रति निराशा से भर सकती है। आर्थिक गतिविधियों पर ब्रेक लगा सकती है। यह भी पढ़ें: वित्त मंत्री के दावे और हकीकत यह हैरान करने वाली बात है कि डॉक्टर गुलेरिया ने कोरोना वायरस की दूसरी लहर खत्म होने से पहले ही लोगों को डराने वाला यह बयान… Continue reading कोई चुप कराएगा गुलेरिया को?

झोलाछाप विशेषज्ञों के हवाले कोरोना का प्रबंधन

भारत में कोरोना वायरस का प्रबंधन कौन संभाल रहा है? प्रधानमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री या स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारी? इनका जिक्र इसलिए क्योंकि चारों तरफ इन्हीं के चेहरे दिखाई देते हैं। पर असल में प्रबंधन का काम चिकित्सा क्षेत्र के कुछ विशेषज्ञों के हाथ में है। नीति आयोग के सदस्य स्वास्थ्य डॉक्टर वीके पॉल या आईसीएमआर के महानिदेशक डॉक्टर बलराम भार्गव या सरकार के मुख्य स्वास्थ्य सलाहकार डॉ. विजयराघवन, एम्स दिल्ली के निदेशक रणदीप गुलेरिया आदि, आदि। इनके चेहरे भी अक्सर टेलीविजन पर दिखाई देते रहते हैं। पर ऐसा लग रहा है कि भारत का कोरोना प्रबंधन पूरी तरह से झोलाछाप विशेषज्ञों के हवाले हैं। जिस तरह गांवों में झोलाछाप डॉक्टरों को समझ में नहीं आ रहा है कि कोरोना का इलाज कैसे करें वैसे ही इन विशेषज्ञों को भी कुछ समझ में नहीं आ रहा है। ये भी पढ़ें: दुनिया क्या जैविक युद्ध के बीच? दुनिया में कोरोना वायरस की महामारी शुरू होने के करीब डेढ़ साल बाद भारत में अब जाकर प्लाज्मा थेरेपी को इलाज के प्रोटोकॉल से बाहर किया गया है। सोचें, इतने दिनों से प्लाज्मा थेरेपी चल रही थी, लोग प्लाज्मा डोनेट कर रहे थे, प्लाज्मा बैंक बन रहा था लेकिन अब इससे इलाज पर रोक लगा… Continue reading झोलाछाप विशेषज्ञों के हवाले कोरोना का प्रबंधन

इलाज का प्रोटोकॉल बनाए सरकार

भारत में कोरोना वायरस की महामारी के खिलाफ जिस अंदाज में जंग लड़ी जा रही है वह दुनिया में सबसे अनोखी है…

Corona Alert: RT-PCR  पर नहीं रहा भरोसा तो अब बार-बार CT scan करा रहे हैं मरीज,एम्स निदेशक ने कहा- बेवकूफी ना करें हो सकता है कैंसर 

New Delhi: देशभर में कोरोना की दूसरी लहर से हाहाकार मचा हुआ है. देश के लोगों को यह समझ ही नहीं आ रहा है कि वे क्या करें और क्या ना करें. हाल में देश में कुछ ऐसे हाई-फाई कोरोना के मामले सामने आए हैं जिनमें आरटी पीसीआर टेस्ट कराने पर कोरोना की रिपोर्ट नेगेटिव आई लेकिन CT SCAN में पता चला कि फेफड़े 80% से ज्यादा संक्रमित हो चुके हैं. इसके बाद मरीजों की कोरोना से मौत भी हो गई. इन मामलों में वरिष्ठ पत्रकार रोहित सरदाना का भी नाम शामिल है. ऐसे में अब लोगों को कोरोना के थोड़े लक्षण होने पर भी वे बार-बार RT-PCR की टेस्ट करा रहे हैं.  जब कोरोना की रिपोर्ट नेगेटिव आ रही है तो फिर वह CT SCAN कराने के लिए चक्कर लगा रहे हैं. जानकारी के अनुसार हर 3 दिन में कुछ लोग CT SCAN कराने अस्पताल पहुंच रहे हैं. लोग इस बात से डरे हुए हैं कि कहीं उन्हें भी फेफड़ा इनफैक्ट होने के बाद उन्हें इसकी जानकारी ना मिले इसलिए वह बार-बार CT SCAN कराने अस्पताल जा रहे हैं. क्या कहा AIMS निदेशक रणदीप गुलेरिया ने इस पूरे प्रकरण पर AIMS के निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया ने कहा कि… Continue reading Corona Alert: RT-PCR  पर नहीं रहा भरोसा तो अब बार-बार CT scan करा रहे हैं मरीज,एम्स निदेशक ने कहा- बेवकूफी ना करें हो सकता है कैंसर 

लोगों पर भी फोड़ेंगे ठीकरा

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, एम्स के रणदीप गुलेरिया ने गुरुवार को कई बातें ऐसी कहीं, जिनसे भविष्य का अंदाजा लग रहा है। इसमें खासतौर से गौर करने वाली एक बात उन्होंने कही। गुलेरिया ने कहा कि लॉकडाउन से भारत को फायदा हुआ है, इससे संक्रमण की रफ्तार कम हुई और मेडिकल तैयारियों के लिए वक्त मिला।

कहा जाने लगा जून-जुलाई में पीक आएगा!

कोराना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए पूरे देश में लागू लॉकडाउन की शर्तों में छूट दिए जाने के बीच ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, एम्स दिल्ली के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कहा है कि भारत में अभी पीक नहीं आया है।

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