Rajasthan Day special : जानें, पिंक सिटी के पर्यटन स्थलों के बारे में जहां सैलानियों की लगती है महफिल …

जयपुर, जैसलमेर और बीकानेर की तात्कालीन रियासतों के विलय के बाद ‘‘वृहत्तर राजस्थान संघ’’ बना था. इसी दिन को राजस्थान दिवस  के रूप में मनाया जाता है. इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( PM Narendra Modi) और राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ( CM Ashok Gahlot) ने राजस्थान के लोगों शुभकामनाएं दी है. आज हम राजस्थान दिवस के मौके पर बात करेंगे जयपुर की कुछ ऐसी धरोहरों के बारे में जिनको देखने के लिए लोग देश विदेश से राजस्थान पहुंचते हैं. राजस्थान शुरु से ही सैलानियों के लिए खास रहा है. यहां की ऐतिहासिक धरोहरें और शौर्य गाथा लोगों को रोमांचित करती रही हैं. राजस्थान सरकार के राजस्व का एक बड़ा हिस्सा भी पर्यटन से ही आता है. हालांकि पिछले साल से कोरोना के कारण यहां आने वाले सैलानियों की संख्या में काफी कमी आई है. जिससे सैकड़ों परिवारों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. पर्यटन उद्योग भई काफी हद तक प्रभावित हो रहा है. इस साल लॉकडाउन हटने के बाद से देश के लोग तो फिर भी यहां पहुंचने लगे थे. इससे काफी हद तक राजस्थान के पर्यटन स्थल गुलज़ार होने लगे थे. लेकिन एक बार फिर से ल़ॉकडाउन की आहटों के बीच राजस्थान के पर्यटन… Continue reading Rajasthan Day special : जानें, पिंक सिटी के पर्यटन स्थलों के बारे में जहां सैलानियों की लगती है महफिल …

रेलवे को पार्सल विशेष गाड़ियों से 69.91 करोड़ रु. का राजस्व

पश्चिम रेलवे ने अपनी 763 पार्सल विशेष गाड़ियों के ज़रिये 2.05 लाख टन से अधिक वजन की वस्तुओं का परिवहन किया जिससे लगभग 69.91 करोड़ रु. का राजस्व प्राप्त हुआ है।

सरकार चुकाएगी जीएसटी का बकाया

केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में आज वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद की 41वीं बैठक होगी जिसमें इस कर व्यवस्था के लागू होने से राज्यों के राजस्व

राज्यों का संकट आने वाला

राजस्थान में चल रही सियासी हलचल के बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बहुत जरूरी और जायज सवाल उठाया है। उन्होंने प्रधानमंत्री के साथ तत्काल राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाने को कहा है।

जीएसटी से कड़की के संकट का पहले से पता

वित्त मंत्रालय के सचिव अजय भूषण पांडेय ने तो पिछले हफ्ते संसद की वित्त मामलों की स्थायी समिति को बताया कि केंद्र सरकार के पास वस्तु व सेवा कर, जीएसटी के मद में इतने पैसे नहीं हैं कि वह राज्यों को उनका हिस्सा दे सके।

जीएसटी के मारे, राज्य बेचारे!

अटल बिहारी वाजपेयी ने एक समय कहा था कि जब जनता पार्टी बनी तो सबने अपनी-अपनी नौकाएं जला दीं और जनता पार्टी के जहाज पर सवार हो गए। बाद में जब जहाज पर सवार लोगों में झगड़े होने लगे और जहाज डूबने लगा तो सब बारी बारी से उस पर से कूदने लगे।

राज्यों को जल्दी मिलेगा जीएसटी का पैसा

नई दिल्ली। केंद्र सरकार वस्तु व सेवा कर, जीएसटी का राज्यों का बकाया जल्दी ही जारी करने वाली है। जीएसटी की वजह से राज्यों को राजस्व में हो रहे नुकसान की भरपाई के लिए केंद्र सरकार जल्दी ही 35 हजार करोड़ रुपए जारी करेगी। केंद्र सरकार के एक अधिकारी ने इसकी जानकारी दी है। गौरतलब है कि जीएसटी के तहत राज्यों को राजस्व में 14 फीसदी की बढ़ोतरी नहीं हो पाने की स्थिति में पांच साल तक मुआवजा देने व्यवस्था है। केंद्र सरकार और राज्य सरकारों के बीच वित्त वर्ष 2017-18, 2018-19 और चालू वित्त वर्ष के पहले चार महीनों तक मुआवजे को लेकर किसी तरह विवाद नहीं हुआ था। हालांकि, उपकर से प्राप्त राजस्व कम रहने की वजह से केंद्र सरकार ने अगस्त से राज्यों को मुआवजे का पैसा देना रोक दिया है। इसके बाद राज्यों ने केंद्र के सामने यह मुद्दा उठाना शुरू कर दिया था। केंद्र सरकार ने अगस्त-सितंबर के लिए दिसंबर 2019 में 35,298 करोड़ रुपए जारी किए थे। केंद्र सरकार के एक अधिकारी ने कहा- हम जल्दी ही भारत के समेकित कोष से मुआवजा मद में दो खेप में 35 हजार करोड़ रुपए की एक और किस्त जारी करेंगे। पहली किस्त अक्टूबर-नवंबर के लिए होगी।… Continue reading राज्यों को जल्दी मिलेगा जीएसटी का पैसा

राज्यों को जल्द जीएसटी मुआवजे जारी करेगी सरकार

केंद्र सरकार माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के कारण राज्यों को राजस्व में हो रहे नुकसान की भरपाई के लिए जल्द 35,000 करोड़ रुपये जारी करेगी। एक अधिकारी ने इसकी जानकारी दी है।

राज्यों को केन्द्र से नहीं मिल रही है अपेक्षित राशि : जयराम

कांग्रेस के जयराम रमेश ने बुद्धवार राज्यों को केन्द्र से मिलने वाले राजस्व में कमी आने पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस मामले में दिये गये

प्रदेश में पहली बार एक माह में 2017 करोड़ का रिकॉर्ड राजस्व संग्रह

मध्यप्रदेश के पावर सेक्टर के इतिहास में नवंबर 2019 का माह मील के पत्थर के रूप में दर्ज हो गया है। नवंबर में राजस्व संग्रह 2017 करोड़ रुपये का हुआ है,

उप्र में अधिकारी ही पहुंचा रहे राजस्व की हानि

उत्तर प्रदेश के बिंदकी में इन दिनों अधिकारियों की मिलीभगत से राजस्व की काफी हानि हो रही है। बिहार में मंडी शुल्क में छूट होने के चलते वहां के कागजों से व्यापारी बड़ी हेरा-फेरी कर रहे हैं। बिंदकी के नवीन गल्ला मंडी में अधिकारियों की मिलीभगत से ढाई फीसद मंडी शुल्क बचाने का खेल चल रहा है।

फ्लिपकार्ट का 2018-19 में राजस्व 6 अरब डॉलर

बेंगलुरू। विश्व की सबसे बड़ी खुदरा कंपनी वालमार्ट की भारतीय ई-टेलर शाखा, फ्लिपटकार्ट ने छह अरब डॉलर (42,600 करोड़ रुपये) का राजस्व दर्ज कराया है। बिजनेस इंटेलिजेंस प्लेटफार्म पेपर डॉट वीसी ने शुक्रवार को कहा सिंगापुर होल्डिंग कंपनी के भारतीय ई-कॉमर्स प्लेटफार्म फ्लिपकार्ट ने गुरुवार को वार्षिक वित्तीय स्टेटमेंट दाखिल किया। चेन्नई स्थित वित्तीय डेटा प्लेटफार्म पेपर डॉट वीसी ने एक ई-मेल बयान में कहा वित्तीय आंकड़ों से पता चलता है कि वालमार्ट द्वारा अगस्त 2018 में 16 अरब डॉलर में एक्वि टी हिस्सेदारी खरीदने के बाद ई-टेलर का कैसा पदर्शन रहा है। इसे भी पढ़ें : फेसबुक इंडिया का सैफ पार्टनर्स से समझौता

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