सबकुछ मजदूर संकट में बदल गया

कहां तो भारत को कोरोना वायरस से लड़ना था और कहां अब सारी लड़ाई मजदूरों के संकट को दूर करने में बदल गई है।

मजदूरों को मदद नहीं हक दीजिए

देश के राजमार्गों पर 40 डिग्री सेल्सियस की गर्मी में, जेठ की भरी दोपहरी में पैदल चल रहे हजारों, लाखों लोग भिखारी नहीं मजदूर हैं, जिन्होंने यह दुनिया बनाई है।