IPL 2021: CSK Vs RR  के बीच का मैच भी स्थगित, बढ़ रही है परेशानी

New Delhi: चेन्नई सुपर किंग्स और (CSK) और राजस्थान रॉयल्स (RR) के बीच बुधवार को होने वाला इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) का मैच भी बाद में कराया जाएगा. सीएके के खिलाड़ियों को  पृथकवास से गुजरना पड़ेगा. बता दें कि  गेंदबाजी कोच एल बालाजी के कोविड-19 के लिये पॉजिटिव पाये थे. जिसके बाद BCCI ने ये फासले लिये हैं. इस संबंध में जानकारी देते हुए बोर्ड़ के द्वारा कहा गया है यदि कोई भी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आता है तो उसे छह दिन तक पृथकवास पर रहना होगा और इस दौरान उसकी आरटी पीसीआर की तीन रिपोर्ट नेगेटिव आनी चाहिए.  भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) के एक अधिकारी ने कहा कि  CSK और रॉयल्स के बीच अरुण जेटली स्टेडियम में कल होने वाला मैच एसओपी नियमों के तहत बाद की तिथियों में आयोजित किया जाएगा. बालाजी सभी खिलाड़ियों के सपर्क में आये थे और इसलिए उन सभी को कड़े पृथकवास में रहना पड़ रहा है.  उनका प्रत्येक दिन परीक्षण किया जा रहा है. कोरोना से प्रभावित होने वाला ये दूसरा मैच CSK के CEO काशी विश्वनाथन से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि CSK ने बालाजी के आरटी पीसीआर परिणाम के बारे में BCCI को सूचित कर दिया है.… Continue reading IPL 2021: CSK Vs RR  के बीच का मैच भी स्थगित, बढ़ रही है परेशानी

चुनाव आयोग की अलग ही चिंता

केंद्रीय चुनाव आयोग ने खुद ही अपनी प्रतिष्ठा मिट्टी में मिलाई है। इसके लिए अदालत या मीडिया को दोष देने का कोई मतलब नहीं है। पश्चिम बंगाल सहित पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में चुनाव आयोग ने जिस तरह का आचरण किया है वह ऐतिहासिक गिरावट की मिसाल है। हालांकि मद्रास हाई कोर्ट ने उसके पूर्वाग्रह को लेकर कुछ नहीं कहा पर कोरोना वायरस की गंभीरता को दरकिनार करके कई चरणों में चुनाव कराने और चुनाव प्रचार के दौरान दिशा-निर्देशों के खुलेआम उल्लंघन पर आंखें मूंदे रखने पर तीखी टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि क्यों नहीं आयोग के अधिकारियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा चलाया जाए। चुनाव आयोग अदालत की इस टिप्पणी से उतना आहत नहीं हुआ, जितना इसके मीडिया में छपने और दिखाए जाने से हुआ। तभी आयोग ने मद्रास हाई कोर्ट में याचिका देकर कहा कि मीडिया को अदालती टिप्पणियों के प्रसारण और प्रकाशन से रोका जाए। इस पर भी अदालत ने चुनाव आयोग को फटकार लगाई और याचिका खारिज कर दी। बहरहाल, ऐसा नहीं है कि चुनाव आयोग अदालती टिप्पणी से सुधर गया है। उसने वोटों की गिनती के दिन के लिए नए दिशा-निर्देश बनाए तो पार्टियों से कहा कि उम्मीदवार को तभी मतगणना केंद्र में… Continue reading चुनाव आयोग की अलग ही चिंता

देश के हाई कोर्ट्स को सलाम

देश की उच्च न्यायपालिका में लोगों के कम होते भरोसे की मजबूत होती धारणा के बीच देश की उच्च अदालतों ने रोशनी की किरण दिखाई है। दिल्ली से लेकर मद्रास हाई कोर्ट और इलाहाबाद से लेकर गुजरात हाई कोर्ट तक ने कमाल किया है। कोरोना वायरस के संक्रमण के दौर में जब देश की सर्वोच्च अदालत तक इस धारणा के साथ काम कर रही है कि सरकार के प्रशासकीय कामकाज में न्यायिक दखल नहीं होना चाहिए, ऐसे समय में हाई कोर्ट्स ने रास्ता दिखाया है। कम से कम चार हाई कोर्ट्स ने राज्य सरकारों को जिम्मेदार बनाने वाली टिप्पणियां की हैं। हालांकि उनके भी आदेश नहीं आए हैं, जिससे कहा जाए कि अब नजीर बनेगी। लेकिन मौजूदा समय में किसी जज का राज्य सरकारों के कामकाज पर तीखी मौखिक टिप्पणी भी बहुत बड़ी बात है और दिल्ली हाई कोर्ट ने तो सीधे केंद्र सरकार को कठघरे में खड़ा किया और मद्रास हाई कोर्ट ने संवैधानिक संस्था होने के नाम पर पवित्र गाय बने केंद्रीय चुनाव आयोग को उसकी गलतियों के लिए आईना दिखाया। ध्यान रहे पिछले साल कोरोना वायरस की पहली लहर के समय जब प्रवासी मजदूर पलायन कर रहे थे और देश की छह हाई कोर्ट्स ने केंद्र से… Continue reading देश के हाई कोर्ट्स को सलाम

चुनाव आयोग को क्या हो गया है?

केंद्रीय चुनाव आयोग के लिए कोरोना वायरस की महामारी के बीच पांच राज्यों में चुनाव कराना और उसमें भी खास कर पश्चिम बंगाल में आठ चरण में चुनाव कराना बहुत शर्मिंदगी का कारण बना है। पार्टियों ने आयोग पर पक्षपात का या केंद्र सरकार से मिले होने का जो आरोप लगाया वह अपनी जगह है, अदालतों की फटकार अलग पड़ी। इसके बावजूद ऐसा नहीं लग रहा है कि चुनाव आयोग कोई भी फैसला करने में अपने दिमाग का इस्तेमाल कर रहा है। पहले पता नहीं किस मजबूरी या किस दबाव में बंगाल में आठ चरण में चुनाव कराया और चुनाव के बीच कोरोना विस्फोट के बावजूद पता नहीं किस दबाव में बचे हुए तीन-चार चरणों का चुनाव एक साथ कराने का फैसला नहीं किया, लेकिन अब वोटों की गिनती के लिए भी जो नियम बनाए जा रहे हैं वे समझ से परे हैं। मद्रास हाई कोर्ट ने चुनाव आयोग को फटकार लगाते हुए कहा कि कोरोना की दूसरी लहर के लिए आयोग जिम्मेदार है और यह सवाल भी किया क्यों नहीं आयोग के अधिकारियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा चलाया जाए। हाई कोर्ट ने वोटों की गिनती के दिए कोविड प्रोटोकॉल सख्ती से लागू करने को कहा तो आयोग ने… Continue reading चुनाव आयोग को क्या हो गया है?

कोरोना का कहरः न्यूज़ीलैंड के बाद हॉन्गकॉन्ग ने भारत आने-जाने वाली उड़ानों पर लगाया 3 मई तक प्रतिबंद्ध

भारत में कोरोना वायरस के सबसे ज्यादा मामले दर्ज हो रहे है। दुनिया में भारत की हालत बेहद चिंताजनक है। भारत में कोरोना की दूसरी लहर चल रही है।  भारत में कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देख हॉन्गकॉन्ग ने भारत से आने और जाने वाली विमानों को 20 अप्रैल से 3 मई तक के लिए रोक लगा दी गई है। हॉन्गकॉन्ग की सरकार का यह फैसला विस्तारा एयरलाइंस की फ्लाइट से गए 50 यात्रियों के कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाने के बाद आया है। मेडिकल जर्नल ‘द लैंसेट’ में प्रकाशित स्टडी में यह दावा किया गया है कि कोरोना वायरस के हवा में फैलने की आशंका है। एक दिन में कोविड-19 के 2लाख 78 हजार के करीब केस मिल रहे है। भारत सरकार कोरोना पर नियंत्रण पाने के लिए कड़ी सख्ती लगा रही है। आपको बतां दें कि हॉन्गकॉन्ग से पहले न्यूजीलैंड ने भी भारत से आने-जाने वाली उड़ानों पर रोक लगाई थी। इसे भी पढ़ें दस लाख का नोट फिर भी इतना सस्ता पाकिस्तान और फिलीपिंस की उड़ानों पर भी रोक हॉन्गकॉन्ग सरकार ने भारत के साथ ही पाकिस्तान और फिलीपिंस से आने-जाने वाली उडानों पर भी रोक लगाई है। यह प्रतिबद्धता 20 अप्रेल से 3 मई तक… Continue reading कोरोना का कहरः न्यूज़ीलैंड के बाद हॉन्गकॉन्ग ने भारत आने-जाने वाली उड़ानों पर लगाया 3 मई तक प्रतिबंद्ध

उप्र सरकार ने कोविड-19 परीक्षण शुल्क घटाया

योगी आदित्यनाथ सरकार ने कोविड-19 के आरटी-पीसीआर परीक्षणों की दरें कम कर दी हैं। इसके तहत अब निजी लैब में परीक्षण की दर 1,600 रुपये से घटाकर 700 रुपये कर दी गई है,

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