शाहीन बाग पर वार्ताकारों की मुलाकात नहीं होगी

नई दिल्ली। शाहीनबाग में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर चल रहे प्रदर्शन को समाप्त करवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट की ओर से नियुक्त वार्ताकारों में से एक पूर्व मुख्य सूचना आयुक्त वजाहत हबीबुल्लाह ने मंगलवार को कहा कि वरिष्ठ वकील संजय हेगड़े और साधना रामचंद्रन से मंगलवार को मेरी मुलाकात नहीं होगी। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अपनी सुनवाई में वातार्कारों के एक पैनल का गठन किया, जिसमें वरिष्ठ वकील संजय हेगड़े, वकील साधना रामचंद्रन और पूर्व मुख्य सूचना आयुक्त वजाहत हबीबुल्लाह को शामिल किया गया है। ये वार्ताकार सभी प्रदर्शनकारियों से बातचीत करेंगे और जिस मार्ग पर ये प्रदर्शनकारी बैठें है उसको खुलवाने का भी प्रयास करेंगे। पूर्व मुख्य सूचना आयुक्त ने कहा, मुझे वरिष्ठ वकील संजय हेगड़े और साधना रामचंद्रन से आज मुलाकात की कोई जानकारी नहीं है। वैसे भी साधना रामचंद्रन जी की तबीयत ठीक नहीं है। इनलोगों से मुलाकात तब होगी, जब मुझे कोई निर्देश आएगा, अभी तक मुझे कोई निर्देश नहीं मिला है। आखिर मुझे भी पता लगे कि मुझे वार्ताकार नियुक्त किया गया है या मुझे उनकी मदद करने के लिए नियुक्त किया गया है। जब तक मुझे जानकारी नही होगी मैं किस मुद्दे पर बात करूंगा। वजाहत हबीबुल्लाह भारत… Continue reading शाहीन बाग पर वार्ताकारों की मुलाकात नहीं होगी

सुप्रीम कोर्ट के रूख से धरने का क्या होगा?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह दोनों साफ़ साफ़ कह चुके हैं कि न 370 वापिस बहाल होगी, न ट्रिपल तलाक बहाल होगा और न सरकार नागरिकता संशोधन क़ानून से पीछे हटेगी।

प्रदर्शन करें पर सड़क नहीं घेरें!

नई दिल्ली। संशोधित नागरिकता कानून, सीएए के खिलाफ शाहीन बाद इलाके में चल रहे बेमियादी धरने को सर्वोच्च अदालत बातचीत के जरिए इस मामले को सुलझाने का प्रयास कर रही है। अदालत ने सोमवार को इस मसले पर विचार किया और कहा कि किसी भी कानून के खिलाफ प्रदर्शन करना लोगों का अधिकार है पर सड़क घेर कर उसके ऊपर प्रदर्शन करना ठीक नहीं है। अदालत ने आगे की सुनवाई 24 फरवरी को करने का फैसला किया है पर उससे पहले दो वकीलों को शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों से बात करके उन्हें सड़क खाली और दूसरी जगह प्रदर्शन करने के लिए तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी है। सीएए विरोधी धरने के कारण सड़क बंद किए जाने के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि प्रदर्शन मौलिक अधिकार है पर सड़कों को बंद किया जाना चिंता का विषय है और निश्चित ही एक संतुलन रखना होगा। जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस केएम जोसेफ की पीठ ने कहा कि अदालत को इस बात की चिंता है कि यदि लोग सड़कों पर प्रदर्शन करना शुरू कर देंगे, तो फिर क्या होगा। अदालत ने कहा कि लोकतंत्र विचारों की अभिव्यक्ति पर चलता है लेकिन इसके लिए भी सीमाएं… Continue reading प्रदर्शन करें पर सड़क नहीं घेरें!

सुप्रीम कोर्ट ने शाहीन बाग मामले में वार्ताकार नियुक्त

शाहीन बाग में चल रहे प्रदर्शन के कारण दो महीने से बंद रास्ते को खुलवाने के लिए दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने आज वरिष्ठ वकील संजय हेगड़े, वजाहत हबीबुल्लाह और साधना रामचंद्रन को प्रदर्शनकारियों से बातचीत के लिए वार्ताकार नियुक्त किया।

और लोड करें