किसका विरोध, क्या जनता का ?

सर्वोच्च न्यायालय ने जन-प्रदर्शनों के बारे में जो ताज़ा फैसला किया है, उससे उन याचिकाकर्ताओं को निराशा जरूर हुई होगी, जो विरोध-प्रदर्शन के अधिकार के लिए लड़ रहे हैं।

सीएए कब से लागू होगा?

पश्चिम बंगाल में भाजपा के प्रभारी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा था कि केंद्र सरकार अगले साल जनवरी में बंगाल में संशोधित नागरिकता कानून यानी सीएए लागू कर देगी।

एंटी-सीएए प्रोटेस्ट फिर

नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ पिछले साल हुआ जोरदार विरोध आंदोलन मार्च में कोरोना महामारी की मार की वजह से दब गया था। लेकिन उस पर लोगों के मन में मौजूद विरोध खत्म नहीं हुआ

महान निष्क्रियता का दौर

प्रबंधन के कई गुरु बताते हैं कि फैसला नहीं करना भी एक किस्म का फैसला होता है। प्रबंधन गुरुओं के यह ज्ञान देने से बहुत पहले 1991 में देश के तब के प्रधानमंत्री पीवी नरसिंह राव ने इस गुरु मंत्र को अपनाया था। उन्होंने सरकार बनाने के चंद दिनों के बाद ही देश की अर्थव्यवस्था… Continue reading महान निष्क्रियता का दौर

शाहीन बाग और सवाल

यह सवाल पहले भी उठा था कि नागरिकता संशोधन विरोधी कानून के खिलाफ आंदोलन में हिंसा केवल उन राज्यों में क्यों हुई, जहां भारतीय जनता पार्टी का शासन है। अब महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का कहना है कि नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर सिर्फ भाजपा शासित राज्यों और दिल्ली में ही शाहीन बाग… Continue reading शाहीन बाग और सवाल

जाफराबाद मुस्लिम-दलित गठजोड़ का खतरा

शाहीन बाग़ में हो रहे धरने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सही कहा था , यह प्रदर्शन एक संयोग नहीं , एक प्रयोग है। कर्नाटक , महाराष्ट्र और आंध्रप्रदेश में हू-ब-हू शाहीन बाग़ दोहराया गया और रविवार को दिल्ली में ही जाफराबाद और चाँद बाग़ दोहराया गया। असदुद्दीन ओवेसी ने कहा था कि अगर पुलिस… Continue reading जाफराबाद मुस्लिम-दलित गठजोड़ का खतरा

सीएए पर दिल्ली में बढ़ा तनाव

नई दिल्ली। संशोधित नागरिकता कानून, सीएए के विरोध में दिल्ली के शाहीन बाग में चल रहे प्रदर्शन का मामला सुलझा नहीं है और इस बीच रविवार को दो नए इलाकों में प्रदर्शन हुए, जिसकी वजह से हिंसा भड़क गई और तनाव बढ़ गया। सीएए के विरोध में शनिवार की रात को दिल्ली के जाफराबाद इलाके… Continue reading सीएए पर दिल्ली में बढ़ा तनाव

सीएए विरोधी प्रदर्शनों का क्या होगा?

संशोधित नागरिकता कानून, सीएए के विरोध में देश भर में प्रदर्शन चल रहे हैं। दिल्ली के जामिया इलाके में स्थित शाहीन बाग इसका एक प्रतीक है। शाहीन बाग के अलावा सिर्फ दिल्ली में एक दर्जन से ज्यादा जगहों पर प्रदर्शन चल रहे हैं। लोग निजामुद्दीन में सड़क के किनारे टेंट लगा कर धरने पर बैठे… Continue reading सीएए विरोधी प्रदर्शनों का क्या होगा?

शाहीन बाग आयोग की भी विफलता!

अजित कुमार : यह कहने और मानने में हिचक नहीं है कि चुनाव आयोग ने देश में होने वाले चुनावों को निष्पक्ष, पारदर्शी और स्वतंत्र बनाने में बड़ी भूमिका निभाई है। सभी चुनाव आयुक्तों ने और केंद्र व राज्यों की सरकारों या दूसरी एजेंसियों ने भी इसमें भूमिका निभाई है। दिल्ली में अभी चल रहे… Continue reading शाहीन बाग आयोग की भी विफलता!

‘देश तोड़ने वालों’ का चुनावी इस्तेमाल!

तन्मय कुमार : देश तोड़ने का प्रयास करने वालों की जगह दिल्ली की सड़क है या तिहाड़ जेल? जब देश के प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को लग रहा है कि शाहीन बाग में पिछले 52 दिन से चल रहा धरना देश तोड़ने की साजिश का हिस्सा है तो इसमें शामिल लोगों को गिरफ्तार क्यों नहीं… Continue reading ‘देश तोड़ने वालों’ का चुनावी इस्तेमाल!

बंदूक थामे हाथ आखिर किसके हैं?

रामभक्त गोपाल या कपिल गुर्जर को किसी विचारधारा का प्रतिनिधि चेहरा मानना चाहिए या संशोधित नागरिकता कानून का विरोध करने वालों के ऊपर इनके गोली चलाने की घटना को इनका वैयक्तिक अपराध मान कर भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत इनके ऊपर मुकदमा चलना चाहिए? इस सवाल का जवाब आसान नहीं है। कहने को… Continue reading बंदूक थामे हाथ आखिर किसके हैं?

जनसंख्या क़ानून आया तो क्या होगा?

भ्रष्ट मनमोहन सरकार से मुक्ति के लिए अन्ना हजारे ने सभी के हाथ में राष्ट्रीय ध्वज पकड़ा दिया था। जिस से देश में कांग्रेस के खिलाफ क्रान्ति की ज्वाला पैदा हुई और कांग्रेस भारत के चुनावी इतिहास में पहली बार सब से निचले पायदान पर चली गई। कांग्रेस समर्थक वामपंथी दलों का पश्चिम बंगाल का… Continue reading जनसंख्या क़ानून आया तो क्या होगा?

धरना सेकुलर तो विरोध से ध्रुवीकरण कैसे?

शाहीन बाग़ के धरने से हिन्दू विरोधी सेकुलर जमात बहुत गदगद थी। इस जमात का वह सपना भी पूरा हो गया था कि शाहीन बाग जैसे धरने देश के हर शहर में हो| अब मुम्बई, लखनऊ, भोपाल, जयपुर आदि जगहों पर भी धरने शुरू हो गए हैं| शाहीन बाग़ धरने के आयोजक शरजिल इमाम गिरफ्तारी… Continue reading धरना सेकुलर तो विरोध से ध्रुवीकरण कैसे?

बगावत है या नीतीश का खेल?

लखनऊ में हुए अमित शाह के भाषण ने बहुतेरों की नींद उड़ा दी है। उन्होंने दो टूक शब्दों में चुनौती देते हुए कहा है कि नागरिकता संशोधन क़ानून किसी भी हालत में वापस नहीं होगा। जिस को जो करना है कर ले। वैसे शाहीन बाग़ के अलावा दश में कहीं कुछ हो भी नहीं रहा।… Continue reading बगावत है या नीतीश का खेल?