कांग्रेस को कोई ‘और’ नहीं.. गुड्डू को कोई ‘ठौर’ नहीं..

इनको कोई और नहीं, उनको कोई ठौर नहीं है। कुछ यही बात कांग्रेस और गुड्डू यानी प्रेमचंद पर फिट बैठती है। खासतौर से सांवेर विधानसभा उपचुनाव में जब कांग्रेस को कभी अपने रहे तुलसी को हर हाल में