Good News: बच्चों के लिए कारगर दिखे दो कोविड-19 टीके, नन्हें बंदरों पर किया गया था टेस्ट

न्यूयॉर्क | देश में कम होते कोरोना के साथ ही अब एक और राहत वाली खबर आई है. जानकारी के अनुसार अमेरिका की मॉडर्ना कोरोना की वैक्सीन बच्चों पर कारगर मजर आ रही है. शुरुआती परीक्षणों में ही टीके से आतेो सकारात्मक प्रभावों को देखकर वैज्ञानिकोें में काफी उत्साह है. बताया जा रहा है कि ये वैक्सीन सार्स-कोव-2 वायरस से लड़ने में कारगर एंटीबॉडी उत्पन्न करने वाले साबित हुई है. जर्नल ‘‘साइंस इम्यूनोलॉजी’’ में मंगलवार को प्रकाशित खभर इस बात का ओर संकेत करता है कि बच्चों के लिए टीका महामारी की विभीषिका को कम करने में कारगर हथियार साबित हो सकता है. बच्चों से भी हो सकता है संक्रमण का प्रसार अमेरिका के न्यूयॉर्क-प्रेस्बाइटेरियन कॉमनस्काई चिल्ड्रेन हॉस्पिटल की सेली पर्मर ने इस संबंध में कहा कि कम उम्र के बच्चों के लिए सुरक्षित और प्रभावी टीके से कोविड-19 के प्रसार को सीमित करने में मदद मिलेगी. उन्होंने कहा कि हम जानते हैं कि, भले ही बच्चे सार्स-कोव-2 के संक्रमण से बीमार हों या बिना लक्षण वाले हों, वे इसका प्रसार कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि इससे भी बड़ी बात है कि कई बच्चे बीमार हुए और यहां तक कि संक्रमण की वजह से कई की मौत तक हो… Continue reading Good News: बच्चों के लिए कारगर दिखे दो कोविड-19 टीके, नन्हें बंदरों पर किया गया था टेस्ट

Corona Relief : वैज्ञानिकों ने बच्चों के लिए खास तैयार की ‘लॉलीपॉप टेस्टिंग किट’, जानें क्या है खास

नई दिल्ली |  कोरोना की तीसरी लहर को लेकर वैज्ञानिकों की भविष्यवाणी पर लगातार काम हो रहा है. इसी कड़ी में अब विशेषज्ञों ने बच्चों कोरोना टेस्ट करने के लिए एक नई तकनीक आजाद किया है. वैज्ञानिकों ने बच्चों के लिए  तैयार किये गये टेस्ट का नाम भी बच्चों के हिसाब से लॉलीपॉप टेस्टिंग किट दिया है. डॉक्टरों की टीम ने इसे एक लॉलीपॉप की तरह ही डिज़ाइन किया है. जिस बच्चे का कोरोना टेस्ट किया जाना है उसे या लॉलीपॉप चूसने के लिए दे दिया जाता है. थोड़ी देर बच्चे के इसे चूसने के बाद इसमें लगे स्टीकर में बच्चे का स्वैब का नमूना आ जाता है और उसे बाद में जांच के लिए लैब भेज दिया जाता है. लॉलीपॉप टेस्टिंग किट के स्वाद पर भी विशेष ध्यान बता दें कि इस लॉलीपॉप टेस्टिंग किट से ऑस्ट्रिया में किंडर गार्डन के बच्चों पर इसका पहला टेस्ट भी किया जा चुका है. भारत के साथ दुनिया भर के देश अपने बच्चे को सुरक्षित करने के लिए प्रयासरत हैं. कई देशों की सरकारें अब बच्चों पर विशेष ध्यान दे रही है. विशेषज्ञों का कहना है कि इस तकनीक से बच्चों को किसी तरीके की परेशानी नहीं होती और उनका आसानी से स्वैब लिया… Continue reading Corona Relief : वैज्ञानिकों ने बच्चों के लिए खास तैयार की ‘लॉलीपॉप टेस्टिंग किट’, जानें क्या है खास

Good News: वैज्ञानिकों ने कहा तीसरी लहर के बच्चों को प्रभावित करने के कोई प्रमाण नहीं, माहौल बनाने से बचना होगा

Corona Third News वैज्ञानिकों का कहना है कि अबतक इस बात का कोई प्रमाण नहीं मिलता है कि कोरोना महामारी की अगली या तीसरी लहर…

सच हो रही वैज्ञानिकों की भविष्यवाणी! आया बच्चों में पहला Black Fungus का केस,  साथ ही इस राज्य में 20 साल से कम उम्र के 1 लाख संक्रमित

New Delhi: देश में कोरोना संक्रमण पर काम कर रहे वैज्ञानिकों ने सरकार और स्वास्थ्य मंत्रालय को आगाह किया था कि देश में कोरोना की तीसरी लहर से बच्चों को खासा नुकसान हो सकता है. अब वैज्ञानिकों की ये भविष्यवाणी सच साबित होती नजर आ रही है. परेशानी की बात ये है कि कोरोना संक्रमण के संकट के बीच ब्लैक फंगस भी लोगों को अपना शिकार बना रहा है. बड़े-बुजुर्गों के बाद अब यह ब्लैक फंगस बच्चों में भी हो रहा है. सूत्राें के अनुसार, 13 साल का बच्चा ब्लैक फंगस (म्यूकरमाइकोसिस) का पहला शिकार हुआ है. यह मामला गुजरात के अहमदाबाद की है. बच्चें में ब्लैक फंगस की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद आज शुक्रवार को अहमदाबाद के एप्पल चिल्ड्रेन अस्पताल में ऑपरेशन किया गया फिलहाल बच्चा सुरक्षित है. मालूम हो कि बच्चा इससे पहले कोरोना पॉजिटिव हो चुका था और उसकी मां की मौत भी कोरोना के कारण हो चुकी है. कर्नाटक में तेजी से बच्चों में फैल रहा है कोरोना कर्नाटक से पिछले दो महीने में जो आंकड़े सामने आये हैं उसके अनुसार 0-9 साल तक के बच्चों में कोरोना का संक्रमण अब तक हुए संक्रमण का 143 प्रतिशत है. वहीं 10-19 साल तक के बच्चों में… Continue reading सच हो रही वैज्ञानिकों की भविष्यवाणी! आया बच्चों में पहला Black Fungus का केस, साथ ही इस राज्य में 20 साल से कम उम्र के 1 लाख संक्रमित

Corona Crisis: जर्नल ‘द लैंसेट’ के संपादकीय में  पीएम मोदी और सरकार के काम को बताया ’अक्षम्य’, जानें, क्या बताया उपाय

New Delhi: देश में कोरोना की दूसरी लहर से हाहाकार मचा हुआ है. भारत में कोरोना के इस प्रकोप के कारण अब बाहर के देश भी अब खुलकर सरकार के कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहे हैं. इसके पीछे का कारण भी है कि  भारत में उत्पन्न हुए हालातों के कारण अब दूसरे देशों में भी खतरा बढ़ रहा है. विदेशों  में भी  वैज्ञानिक और शोधकर्ता ये समझने की कोशिश कर रहे हैं कि हालात इतने बदतर कैसे हो गये. जर्नल ‘द लैंसेट’ के संपादकीय में खुले तौर पर इस स्थिति का जिम्मेवार प्रधानमंत्री मोदी और भारत की सरकार को बताया है.  इसके इस संपादकीय में ये भी बताया गया है कि अब इस स्थिति से उबरने के लिए क्या प्रयास किये जाने चाहिए. इसमें कहा गया है कि  भारत के लोग जिन हालातों से गुजर रहे हैं उन्हें समझना बेहद मुश्किल है.  सात ही कहा गया है कि जो  मौत के आंकड़े सामने आ रहे हैं वे असर से कहीं ज्यादा हैं. भारत की स्थिति के बारे में कहा गया है कि वहां के अस्पतालों में मरीजों के लिए जगह नहीं है साथ ही स्वास्थ्यकर्मी परेशान हो रहे हैं.हालत ये है कि लोग सोशल मीडिया पर डॉक्टर, मेडिकल, ऑक्सिजन,… Continue reading Corona Crisis: जर्नल ‘द लैंसेट’ के संपादकीय में  पीएम मोदी और सरकार के काम को बताया ’अक्षम्य’, जानें, क्या बताया उपाय

Death Mystery :  जानें,  मौत के उन 8 संकेतों को जो पहले ही कर देते हैं इशारा

इस दुनिया में कुछ भी हमेशा के लिए नहीं है. लोग मौत का नाम सुनते ही डरने लगते हैं. लेकिन ये वो सच्चाई है जिससे बचा नहीं जा सकता है. मौत को लेकर कई मान्यता है. वैज्ञानिकों में भी अक्सर इस विषय में मतभेद होता दिखाई देता है,  भारत में ज्योतिष शास्त्र को को मानने वालों के कोई कमी नहीं है. ऐसे में ज्योतिष शास्त्र की मानें तो इंसानों के मौत आने से पहले उनके सामने कई प्रकार के संकेत मिलने शुरू हो जाते हैं.  मौत कब आएगी और किसको अपने साथ लेकर जाएगी इसका किसी को पता नहीं है. शास्त्रों के अनुसार हमारे जीवन में बहुत सारे ऐसे संकेत होते रहते है, जिन्हें लोग समझ नहीं पाते हैं.  आपको बता दें, कि शास्त्रों के अनुसार भगवान शिव ने माता पार्वती को मनुष्य की मृत्यु आने से पहले आने वाले संकेतों के बारे में बताया है.  जिसमें उन्होंने मृत्यु के 8 बड़े संकेतों की व्याख्या की है. यदि आपके जीवन में यहां बताए गए 8 संकेत कभी भी दिखाई दे, तो इसे नजरअंदाज ना करें. ऐसा होने पर तुरंत खुद को सचेत हो जाए. क्या आपको पता है, कि भगवान शिव शंकर ने माता पार्वती को मृत्यु के 8 कौन… Continue reading Death Mystery : जानें, मौत के उन 8 संकेतों को जो पहले ही कर देते हैं इशारा

कोरोना से बड़ी होगी आने वाले महामारी, जानें कहां होगा इसका केंद्र

New Delhi: विश्वभर में कोरोना अपना कहर बरसा रहा है. कोरोना से होने वाली मौतें इंसान की काबिलियत पर सवाल खड़े कर रही है.  ऐसे में भारत में भी कोरोना की दूसरी लहर जमकर कहर बरसा रही है. भारत में भी अब तक लाखों लोगों की जान कोरोना से जा चुकि है. वहीं विश्व में कोरोना से मरने वालों की संख्या 15 करोड़ पार कर चुकी है.  लोग इस महामारी से कापी भयभीत है. वहीं दूसरी तरफ वैज्ञानिकों ने लोगों को सावधान और सतर्क करने के लिए अगली महामारी कौन सी आएगी उसका भी पता लगा लिया है. इसके साथ ही यह भी पता लगाया है कि ये महामारी अभी किस देश में पनप रही है और वह किस जीव से फैलेगी. वैज्ञानिकों ने ये भी बताया कि कैसे अगली महामारी के संकट को टाला जा सकता है. इस बार महामारी ब्राजील के अमेजन जंगलों और वहां पर रहने वाले जीवों (चमगादड़, बंदर और चूहों) की प्रजातियों में मौजूद बैक्टीरिया और वायरस से फैल सकती है. जंगलों में बढ़ते अतिक्रमण के कारण पनपती है  महामारी ब्राजील के मानौस स्थित फेडरल यूनिवर्सिटी ऑफ अमेजोनास के बायोलॉजिस्ट मार्सेलो गोर्डो और उनकी टीम को हाल ही में कूलर में तीन पाइड टैमेरिन (बंदरों… Continue reading कोरोना से बड़ी होगी आने वाले महामारी, जानें कहां होगा इसका केंद्र

मनमोहक आम हैं अम्बिका और अरुणिका

वैज्ञानिकों ने फलों के राजा आम की दो ऐसी किस्में विकसित की है जो न केवल मनमोहक है बल्कि इसमें हर वर्ष फलने की क्षमता है

त्रिपुरा के वैज्ञानिक ने बनाया रोबोट, करेगा कोरोना मरीजों की देखभाल

त्रिपुरा विश्वविद्यालय के एक वैज्ञानिक ने दूर-दराज के स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की मदद के लिए स्थानीय स्तर पर उपलब्ध स्कै्रप सामग्री से एक रोबोट बनाया है।

सरकार नए समाधान खोजने विशेषज्ञों की मदद लें : राहुल गांधी

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने कोविड-19 संकट के बीच नए समाधानों पर काम करने के लिए वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और डेटा विशेषज्ञों की मदद लेने का सरकार से आग्रह किया।

युवा वैज्ञानिकों से अपील तो साधन भी दिलाएं

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को जो तीसरा टास्क दिया वह सबसे उत्तम, चुनौतीपूर्ण और देश का मिजाज बदल देने वाला है। प्रधानमंत्री ने देश के युवा वैज्ञानिकों में विश्वास व्यक्त करते हुए उनसे कोरोना कावैक्सिन बनाने की अपील की।भारत का युवा वैज्ञानिक बहुत प्रतिभाशली और इनोवेटिव है। जब वह रिसर्चमें जाता है तो उत्साह से भरा होता है। मगर हमारा सिस्टम और सरकारी तंत्रजल्दी ही उसके उत्साह को तोड़कर उसे यथास्थितिवादी बना देता है।प्रधानमंत्री अगर वास्तव में भारत के युवा वैज्ञानिकों का बनाया वैक्सिनदुनिया को देना चाहते है तो वैज्ञानिक सोच और साधन बढ़वाने पर जोर देना होगा।  हाल में कोरोना के इलाज में सहायक हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन दवा अमेरिका सहित और देशों को दी है तो उसका न केवल निर्माण अपने यहां हो रहा बल्कि आविष्कार भी भारतीय वैज्ञानिक प्रफुल्ल चंद्र राय ने किया था। उन प्रो. राय की यह बात भी ध्यानमें ऱखना चाहिए कि अविष्कार प्रयोगशालाओं में होता है मगर उसके लिए माहौलबाहर बनता है। प्रो. राय ने कहा था कि जब में अपनी क्लास में छात्रों को चन्द्रग्रहण का कारण बताता था कि चाँद और सूर्य के बीच पृथ्वी के आजाने से चन्द्रग्रहण पड़ता है और वे इसे परीक्षा में लिखकर अच्छे नंबरलाते थे मगर जब चन्द्र… Continue reading युवा वैज्ञानिकों से अपील तो साधन भी दिलाएं

आईयूएसएसटीएफ ने कोरोना पर संयुक्त अनुसंधान प्रस्ताव आमंत्रित

कोविड-19 जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए वैश्विक साझेदारी की जरूरत होती है, इस बात पर जोर देते हुए भारतीय-अमेरिकी विज्ञान फोरम ने दोनों देशों के वैज्ञानिकों एवं इंजीनियरों से वैश्विक महामारी पर संयुक्त अनुसंधान गतिविधियों के संबंध में प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं।

एक घंटे में होगी कोविड 19 की जांच

वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) के वैज्ञानिकों ने कोविड-19 के त्वरित परीक्षण के लिए एक नई किट विकसित की है जो पेपर स्ट्रिप आधारित है

वैज्ञानिक लोगों की जीवन गुणवत्ता सुधारे: मोदी

मोदी ने वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद सोसाइटी की बैठक को सम्बोधित करते हुये विश्व स्तरीय उत्पाद विकसित करने के लिए आधुनिक विज्ञान के साथ पारम्परिक ज्ञान को जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया।

देश का विकास विज्ञान,प्रौद्योगिकी की सफलता पर निर्भर: मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैज्ञानिकों एवं प्रौद्योगिकविदों से भारत के ग्रामीण समुदाय को सशक्त बनाने की दिशा में कड़ी मेहनत का आज आह्वान किया

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