भाजपा ने कहा-केरल और राजस्थान सरकार के कारण बढ़ रहे हैं कोरोना के नये मामले और बकरीद …

संबित पात्रा ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की सरकार का उदाहरण देते हुए कहा कि दोनों ही प्रदेशों ने समझदारी दिखाते हुए कावड़ यात्रा पर रोक लगा दी थी. उन्होंने कहा कि राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने इंडोर स्टेडियम अपना जन्मदिन मनाया जिसमें सैकड़ों लोग शामिल रहे.

दिल्ली में स्कूलों को खोले जाने पर मांगी डिप्टी सीएम ने राय, पूछा क्या खोल दें स्कूल ?

दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने एक प्रेस वार्ता कर स्कूलों के खोलने को लेकर अभिभावकों से उनकी राय मांगी है. मनीष सिसोदिया ने टि्वटर हैंडल पर ट्वीट करते हुए पूछा है कि स्कूल की टीचर, प्रिंसिपल, अभिभावक और बच्चे बताएं कि हमें स्कूल खोलना चाहिए या नहीं??

बिन ऑक्सीजन मौत.. इतना झूठ क्यों?

ऑक्सीजन की कमी से मौतें नहीं हुईं। भला ऐसे सत्य को कैसे झुठला सकते हैं, जिसकी फोटो हैं, जिसके मुंह जुबानी बोलते चेहरे हैं, जिसके रोते-बिलखते आंसू हैं! पूरी दुनिया ने, भारत के लोगों ने जब ऑक्सीजन की कमी से फड़फड़ाते लोगों को देखा है

राज्य क्यों नहीं बता रहे हैं सच!

जिन राज्यों में ऑक्सीजन की कमी से मौतें हुईं और मीडिया ने रिपोर्ट किया उन राज्यों में भी कहा जा रहा है कि उनके यहां किसी की मौत नहीं हुई। इसमें पक्ष और विपक्ष दोनों के शासन वाले राज्य शामिल हैं। महाराष्ट्र, तमिलनाडु, बिहार, मध्य प्रदेश आदि राज्यों की ओर से कहा गया है कि उनके यहां किसी की मौत ऑक्सीजन की कमी से नहीं हुई।

ताकि इतिहास याद रखे

शोधकर्ताओं ने सात राज्यों में मौतों के आंकड़ों का अध्ययन किया। इन सात राज्यों में कुल मिलाकर भारत की आधी से ज्यादा आबादी रहती है। शोधकर्ताओं ने सीरो सर्वेक्षण के आंकड़ों का भी अध्ययन किया। सीरो सर्वेक्षण देशभर में हुए दो एंटिबॉडी टेस्ट के आंकड़े हैं। इनकी तुलना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वायरस से मरने वाले लोगों की संख्या से की गई।

ऑक्सीजन की कमी से मौत मामले में घिरी सरकार, विपक्षी नेताओं का केंद्र सरकार पर हमला

सरकार ने ऑक्सीजन ट्रांसपोर्ट करने वाले टैंकरों की व्यवस्था नहीं की। एंपावर्ड ग्रुप और संसदीय समिति की सलाह को नजरअंदाज कर ऑक्सीजन उपलब्ध कराने का कोई प्रयास नहीं हुआ और अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट लगाने में कोई सक्रियता नहीं दिखाई गई।

मृत्यु भी सत्य से परे!

23 अप्रैल की रात को दिल्ली के जयपुर गोल्डेन अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी से 25 लोगों की मौत हो गई। अस्पताल प्रशासन ने हलफ उठा कर यह जानकारी दिल्ली हाई कोर्ट में दी हुई है। 22 से 23 अप्रैल के बीच 24 घंटे में दिल्ली के सबसे प्रतिष्ठित गंगाराम अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी से 25 मरीजों की मौत हो गई। अस्पताल के चेयरमैन डॉ. डीएस राणा ने खुद इस बात की जानकारी दी।

अस्पताल के बाहर ऑक्सीजन के लिए तड़पते मरीज और सरकार का कहना ऑक्सीजन की कमी के कारण एक भी मौत नहीं..

अस्पताल के बाहर ऑक्सीजन के लिए तड़पते मरीज और सरकार का कहना ऑक्सीजन की कमी के कारण एक भी मौत नहीं..

सरकार ने बताया दो-तिहाई लोगों में बनीं ‘एंटीबॉडी’, अब भी 40 करोड़ में ‘संक्रमण का खतरा’

नयी दिल्ली | 40 crore people at risk: कोरोना की दूसरी लहर को झेलने के बाद तीसरी लहर की दहलीज पर खडे भारत के लिए एक बड़ी खबर आई है. भारत सरकार ने कहा है कि एक राष्ट्रव्यापी सर्वेक्षण के मुताबिक करीब 40 करोड़ लोगों को अब भी कोरोना वायरस संक्रमण का खतरा है. बताया गया कि छह साल से अधिक आयु की देश की आबादी के दो तिहाई हिस्से में सार्स-सीओवी-2 एंटीबॉडी पाई गई है. सरकार ने कहा कि भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के चौथे राष्ट्रीय कोविड सीरो सर्वे के नतीजों से उम्मीद की किरण नजर आ रही है, लेकिन ढिलाई की कोई जगह नहीं है और कोविड से जुड़े नियमों का अनुपालन करना होगा. महत्वपूर्ण बात यह है कि एक तिहाई आबादी, 40 करोड़ आबादी में एंटीबॉडी नहीं है: ICMR के महानिदेशक डॉ. बलराम भार्गव, कोविड के लिए की गई राष्ट्रीय सीरो सर्वे के चौथे चरण पर — ANI_HindiNews (@AHindinews) July 20, 2021 40 करोड़ लोगों को अभी भी कोरोना का खतरा 40 crore people at risk: स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हालिया राष्ट्रीय सीरो सर्वे में दो तिहाई या छह वर्ष से अधिक आयु की भारत की 67.6 प्रतिशत आबादी में सार्स-सीओवी-2… Continue reading सरकार ने बताया दो-तिहाई लोगों में बनीं ‘एंटीबॉडी’, अब भी 40 करोड़ में ‘संक्रमण का खतरा’

UGC ने जारी की गाइडलाइन, 30 सितंबर तक एडमिशन और 1 अक्टूबर से नया सेशन

नई दिल्ली | UGC guidelines released Now : कोरोना काल में अगर सबसे ज्यादा किसी चीज पर असर पड़ा है तो वो है शिक्षा व्यवस्था. देश में पिछले 2 सालों से कोरोना महामारी के कारण शिक्षा व्यवस्था ठप पड़ी है. स्कूलों में लगे ताले को जैसे खुले ही नहीं है. वहींं कॉलेजों में पहली लहर के बाद उम्मीद जगते हुए कॉलोजों को जरूर खोला गया था लेकिन दूसरी लहर के आने के साथ ही एक बार फिर से सबकुछ बंद हो गया. कोरोना की दूसरी लहर के कमजोर पड़ने के बाद अब एक बार फिर से सबकुछ सामान्य होने की उम्मीद की जा रही है. ऐसे में अब यूनिवर्सिटी ग्रांड कमीशन ( UGC ) की भी गाइडलाइन आ गई है. इस गाइडलाइन में 1 अक्टूबर से कॉलेजों में नया सेशन शुरू करने को कहा गया है. कोरोना के मद्देनज़र विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों की परीक्षाओं और शैक्षणिक कैलेंडर पर दिशा-निर्देश जारी किए हैं। pic.twitter.com/9yro0aHvxq — ANI_HindiNews (@AHindinews) July 17, 2021 30 सितंबर तक एडमिशन का काम करना होगा खत्म UGC guidelines released Now : कोरोना महामारी और लॉकडाउन के कारण इस साल भी एकेडमिक सेशन लेट हो गया है. देशभर के कई कॉलेजों में परीक्षाएं तक… Continue reading UGC ने जारी की गाइडलाइन, 30 सितंबर तक एडमिशन और 1 अक्टूबर से नया सेशन

हम नहीं सुधरेंगे ! दिल्ली में कोरोना गाइडलाइन की अनदेखी करने पर 2 महीने में वसूला गया 51.7 करोड़ का जुर्माना

नई दिल्ली | Fine Collected in Delhi : देश में कोरोना की दूसरी लहर ने किस करह का उत्पाद मचाया था ये किसी से भी छिपा हुआ नहीं है. उन हालातों को देखने के बाद भी लोगों में अब भी जागरूकता का अभाव देखने को मिल रहा है. देश की राजधानी दिल्ली की बात करें तो लापरवाही को दिखाने वाले कुछ आंकडें डराने वाले हैं. पिछले 2 महीनों की बात करें तो सिर्फ दिल्ली में लापरवाही करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए अब तक 51.7 करोड़ का फाइन नसूला गया है. मतलब साफ है कि सरकार द्वारा दी जा रही छूटों के बाद अब लोग एक बार फिर से लापरवाह होते जा रहे हैं. यहीं हालात रहे तो एक बार फिर से देश कोरोना की तीसरी लहर के पास जा सकता है. सबसे बड़े आश्च्य की बात है कि इन परिस्थितियों में भी लोग सिर्फ पुलिस और प्रशासन की डर से मास्क पहनते हैं. बता दें कि ये आंकड़ा 23 अप्रैल से 7 जुलाई के बीच का है. सबसे ज्यादा लोगों पर मास्क के कारण लगा फाइन Fine Collected in Delhi : 51.7 करोड़ का जो आंकड़ा जारी किया गया है इसमें सबसे ज्यादा फाइन मास्क के बिना सड़कों… Continue reading हम नहीं सुधरेंगे ! दिल्ली में कोरोना गाइडलाइन की अनदेखी करने पर 2 महीने में वसूला गया 51.7 करोड़ का जुर्माना

उत्तराखंड में स्कूल खुलने को लेकर क्या कहा शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने, जानें इस रिपोर्ट में..

हाल ही में उत्तराखंड सरकार( uttarakhand school open matter )द्वारा यह फरमान ज़ारी हुआ था कि उत्तरप्रदेश की राह में देवभूमि भी अपने यहां स्कूल खोलने जा रहा है। लेकिन कोरोना के खतरे को देखते हुए उत्तराखंड सरकार में शिक्षामंत्री अरविंद पांडेय ने इस बात से इनकार कर दिया है। स्कूल खुलने के लिए अभी थोड़ा और इंतज़ार करना पड़ेगा। शिक्षामंत्री अरविंद पांडेय ने कहा है कि जब तक कोरोना के हालात सामान्य नहीं हो जाते तब तब तक स्कूल नहीं खोले जाएंगे। कोरोना की दूसरी लहर अभी गुज़री है। कोरोना के केस भले ही कम हो गये है लेकिन खत्म नहीं। और बच्चों की वैक्सीन अभी तक आई नहीं है। इसलिए अभी इतना बड़ा खतरा मोल नहीं ले सकते है। स्कूल खुलने को लेकर अभी कैबिनेट में मंथन होगा। उसके बाद इस वर फैसला होगा कि स्कूल खोलने है या नहीं। ऐसे में पेरेंट्स की टेंशन बढ़ गई कि वो बच्चों को ऑनलाइन क्लास के बाद घर पर कैसे व्यस्त रखें। मार्च 2020 से स्कूल बंद है। ऐसे में बच्चों और माता-पिता के लिए एक मानसिक तनाव का विषय बन गया है। स्कूल से हमारा शारिरीक और मानसिक विकास होता है। also read: Rajasthan में 24 घंटे में 155 नए… Continue reading उत्तराखंड में स्कूल खुलने को लेकर क्या कहा शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने, जानें इस रिपोर्ट में..

Salute : बेटे को पीठ पर बांधकर नदी पार करके लोगों को वैक्सीन लगाने जाती मानती की कहानी

Positive story in covid रांची | कोरोना की दूसरी लहर ने देश में जो हालात उत्पन्न किए उसे शायद ही लोग कभी भूल सकेंगे. इन विपरीत परिस्थितियों में भी कुछ लोगों ने जो काम किया है उससे यह साबित हो गया है कि दुनिया में आज भी ईमानदार लोग मौजूद हैं. ऐसी ही एक महिला है झारखंड की स्वास्थ्य सहिया मानती कुमारी. पिछले कुछ दिनों से मानती की तस्वीरें सोशल मीडिया में काफी तेजी से वायरल हो रही है. इन तस्वीरों के वायरल होने के बाद से मानती अब कोई आम महिला नहीं बल्कि अपने आप में एक सेलिब्रिटी बन गई हैं. सोशल मीडिया में वायरल हो रही इन तस्वीरों में साथ देखा जा सकता है कि मानती के एक तरफ तो वैक्सीन का कंटेनर है तो दूसरी तरफ उन्होंने अपने बच्चे को बांध रखा है. कौन है मानती कुमारी झारखंड के लातेहार जिले में मानती एक स्वास्थ्य सहिया के रूप में कार्य करती है. कोरोना की दूसरी लहर के कमजोर पड़ने के बाद से राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण इलाकों में वैक्सीन देने की पहल शुरू की गई है. इसी कड़ी में जब मानती अपनी ड्यूटी करते के लिए जा रही थी तो तेज बारिश और नदी को पार करने… Continue reading Salute : बेटे को पीठ पर बांधकर नदी पार करके लोगों को वैक्सीन लगाने जाती मानती की कहानी

Baba Ka Dhaba : बाबा का ढाबा संचालक कांता प्रसाद ने किया आत्महत्या का प्रयास, अस्पताल में भर्ती

नई दिल्ली | कोरोना की की दूसरी लहर में एक बार फिर से सुर्खियों में आए बाबा का ढाबा के मालिक कांता प्रसाद ने आत्महत्या करने की कोशिश की है. इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार कांता प्रसाद ने पहले तो शराब पी और उसके बाद ढेर सारी नींद की गोलियां खा ली. आत्महत्या के प्रयास किया मामला गुरुवार की रात करीब 10:00 बजे का बताया जा रहा है. परिवार वालों ने अफरा-तफरी में कांता प्रसाद को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में एडमिट किया है. हालांकि राहत की बात यह है कि परिवार वालों ने समय रहते कांता प्रसाद को अस्पताल पहुंचा दिया था, इसलिए डॉक्टर उनकी जान बचा पाए. डॉक्टरों का कहना है कि अब कांता प्रसाद खतरे से बाहर हैं. दूसरे लहर में फिर से सुर्खियों में आए थे कांता प्रसाद बता दें कि कुछ दिनों पहले कांता प्रसाद एक बार फिर से सुर्खियों में आ गए थे. पहले तो पता चला कि उनका रेस्टोरेंट बंद हो गया जिसके बाद वे अपनी पुरानी जिंदगी में वापस लौट आए. पुरानी जिंदगी में लौटने के बाद कांता प्रसाद में कहा था कि लगातार चल रहे लॉकडाउन के कारण उन्हें रेस्टोरेंट में नुकसान होने लगा था इसी कारण रेस्टोरेंट को… Continue reading Baba Ka Dhaba : बाबा का ढाबा संचालक कांता प्रसाद ने किया आत्महत्या का प्रयास, अस्पताल में भर्ती

Vaccination Drive : संक्रमित हो चुके लोगों के लिए काफी है वैक्सीन की एक डोज- अध्ययन

नई दिल्ली | देश में कोरोना की दूसरी लहर ने जमकर उत्पात मचाया था, यहीं कारण है कि अब केंद्र और राज्य.की सरकारों वैक्सीनेशन की गति को बढ़ाने का हर संभव प्रयास कर रही है. ताजा जानकारी के अनुसार एक अध्ययन में पाया गया है कि कोरोना से उबर चुके लोगों के लिए अब वैक्सीन की एक डोज भी काफी है. हालांकि अभी भी देश मे कोरोना की वैक्सीन के बीच के अंतराल को लेकर लगातार विवाद चल रहा है . जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार की ओर से एक बार फिर से वैक्सीन के बीच के अंतराल को कम करने की योजना बनाई जा रही है. समाचार एजेंसी इन आई की खबर की मान्यता एशियन इंस्टीट्यूट आफ गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी (AIG) के प्रमुख डॉ नागेश्वर रेड्डी ने कहा है कि जिन्हें पुराना हो चुका है उनके लिए भविष्य की एक दो 12 महीने तक के लिए कामगार है. नई रणनीति भारत सरकार की कम कर सकती है परेशानी अगर अध्ययन को लेकर साक्ष्य प्रस्तुत कर दिए जाते हैं तो इससे भारत सरकार को बड़ी राहत मिलने वाली है. भारत में अभी भी बढ़ाना वैक्सीन की किल्लत के कारण वैक्सीनेशन प्रभावित हो रहा है. ऐसे में इस बात की पुष्टि हो जाती… Continue reading Vaccination Drive : संक्रमित हो चुके लोगों के लिए काफी है वैक्सीन की एक डोज- अध्ययन

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