किसानों के समर्थन में उतर सकती है शाहीन बाग की दबंग दादी, पहुंचेगी सिंघू बॉर्डर

कृषि कानूनों के खिलाफ विभिन्न राज्यों के कई किसान और किसान संगठन लगातार विरोध कर रहे हैं। अब इस आंदोलन में टाइम मैगजीन की 100 प्रभावशाली लोगों की लिस्ट में शामिल हुई शाहीन बाग की दादी भी उतरेंगी।

ये रिश्ता क्या कहलाता है?

शाहीन बाग प्रयोग में भी देश ने इन सबकी अराजकता देखी, और ढेरों दुर्दांत हत्याओं, बलात्कार, आगजनी, लूटमार के इतने महीनों बाद, अब जब दिल्ली पुलिस पिछले कुछ दिनों से चार्जशीट दाखिल कर रही है,

शाहीन बाग आखिर हुआ खाली

कोरोना वायरस के संकट से और कुछ हो या नहीं हो पर एक बड़ा काम हो गया है। नई दिल्ली का शाहीन बाग इलाका खाली हो गया है। हालांकि इसका तात्कालिक फायदा आम लोगों को नहीं है क्योंकि अभी तो वैसे भी दिल्ली में लॉकडाउन है और सड़कों पर ट्रैफिक नहीं है।

जनता कर्फ्यू में शामिल नहीं होंगी शाहीन बाग की दादियां

नई दिल्ली। देश भर में जहां प्रधानमंत्री की सलाह के बाद रविवार को जनता कर्फ्यू की तैयारी चल रही है। वहीं शाहीन बाग में नागरिकता संशोधन कानून का विरोध कर रही महिलाओं का कहना है कि वे अपनी मांगें पूरी होने तक धरना नहीं छोड़ेंगी, और न ही जनता कर्फ्यू का हिस्सा बनेंगी। हालांकि कोरोनावायरस के संक्रमण को देखते हुए यहां प्रदर्शनकारी महिलाओं की संख्या कम कर दी गई है। मुख्य पंडाल में अब केवल 40-50 महिलाएं ही मौजूद हैं। शाहीन बाग की दादी के नाम से मशहूर आसमा खातून ने कहा, हम यहां से तब तक नहीं हिलेंगे जब तक की सीएए का काला कानून वापस नहीं लिया जाता। भले ही मुझे कोरोनावायरस संक्रमण हो जाए। मैं शाहीन बाग में मरना पसंद करूंगी, लेकिन हटूंगी नहीं। शाहीन बाग की दूसरी दादी बिलकिस बानो ने कहा, अगर प्रधानमंत्री को हमारी सेहत की इतनी ही चिंता है तो आज इस काले कानून को रद्द कर दें फिर हम भी रविवार के दिन को जनता कर्फ्यू में शामिल हो जाएंगे। यहां धरनास्थल पर मौजूद नूरजहां ने कहा, हमारे लिए एक तरफ कुआं और एक तरफ खाई जैसे हालात हैं। यह खबर भी पढ़ें:- शाहीन बाग और सवाल कोरोना जैसी बीमारी का खतरा… Continue reading जनता कर्फ्यू में शामिल नहीं होंगी शाहीन बाग की दादियां

एनपीआर पर इतनी सफाई क्यों?

केंद्र सरकार सारे काम कर देगी पर यह नहीं कहेगी कि राष्ट्रीय जनगणना रजिस्टर यानी एनपीआर को 2010 के फार्मेट पर किया जाएगा। दिल्ली में दंगों पर पिछले दिनों राज्यसभा में हुई चर्चा के दौरान मौजूदा फार्मेट के हर पहलू पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सफाई दी।

विफल रही शाहीनबाग की महिलाओं और पुलिस की वार्ता

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस और शाहीनबाग की महिला प्रदर्शनकारियों के बीच मंगलवार को एक बार फिर वार्ता हुई। पुलिस अधिकारियों ने यहां नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ धरना दे रही महिलाओं से मुख्य सड़क मार्ग को खाली करने की अपील की, लेकिन प्रदर्शनकारी महिलाओं ने पुलिस की अपील को दरकिनार करते हुए प्रदर्शन जारी रखने का ऐलान किया है। इसके फलस्वरूप पुलिस और प्रदर्शनकारी महिलाओं के बीच चल रही है वार्ता एक बार फिर से विफल हो गई। इससे पहले भी कई मर्तबा दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी शाहीनबाग की मुख्य सड़क पर बैठी महिला प्रदर्शनकारियों से बात करने आ चुके हैं। मंगलवार को पुलिस और प्रदर्शनकारी महिलाओं के बीच वार्ता के लिए एक निष्पक्ष स्थान का चुनाव किया गया था। शाहीन बाग में चल रहे प्रदर्शन से करीब 100 मीटर दूर स्थित चौराहे पर पुलिस और महिला प्रदर्शनकारियों के बीच यह बातचीत हुई। यहां पुलिस की ओर से स्थानीय एसएचओ और एसीपी जगदीश यादव मौजूद थे। वहीं प्रदर्शनकारियों की ओर से करीब 20 महिलाएं इस वार्ता में शामिल हुईं। महिलाओं से बातचीत के दौरान एसीपी जगदीश यादव ने कहा “आप पिछले कई महीनों से यहां प्रदर्शन कर रही हैं, इस दौरान हमने आपको पूरी सुरक्षा मुहैया कराई है। हमारा… Continue reading विफल रही शाहीनबाग की महिलाओं और पुलिस की वार्ता

आंतकी की तरह व्यवहार कर रहे शाहीनबाग प्रदर्शनकारी: कपिल मिश्रा

नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों के खिलाफ शुरुआत से ही हमलावर रहे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता कपिल मिश्रा ने एक बार फिर उन पर निशाना साधा। इस बार कोविड-19 के बढ़ते खतरे को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मिश्रा ने ट्वीट कर कहा, पहले उन्होंने हमारे यातायात को रोका, हमें स्कूल-अस्पताल और कार्यालय जाने से भी रोका। अब शाहीन बाग के प्रदर्शनकारी आत्मघाती मिशन पर निकले आतंकवादियों की तरह व्यवहार कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा, शाहीन बाग अब दिल्ली के लाखों नागरिकों के जीवन के लिए सीधा खतरा बन गया है। यह एक आपराधिक कृत्य है। हैशटैग कोरोना। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है, जब प्रदर्शनकारियों ने सरकार के सामाजिक दूरी बनाए रखने के निर्देशों को अनदेखा करते हुए कहा कि वह प्रदर्शनस्थल से नहीं हटेंगे। दिल्ली सरकार ने कोरोनवायरस संक्रमण के बढ़ते खतरे के मद्देनजर 50 या इससे अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर रोक लगा दी है। गौरतलब है कि शाहीन बाग में महिलाएं नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए), प्रस्तावित नागरिको के राष्ट्रीय रजिस्टर (एनआरसी) और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) के विरोध में प्रदर्शन कर रही हैं। कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण को देखते… Continue reading आंतकी की तरह व्यवहार कर रहे शाहीनबाग प्रदर्शनकारी: कपिल मिश्रा

शाहीन बाग में दिन के समय नहीं जुट रही भीड़

शाहीन बाग में नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के विरोध में पिछले 84 दिनों से चल रहा प्रदर्शन अब फीका पड़ने लगा है।

शाहीनबाग में धारा 144 लागू

शाहीन बाग में नागरिकता संशोधन कानून को लेकर करीब 3 महीने से सड़क पर प्रदर्शन चल रहा है, जिससे ओखला में रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

क्या हिंसा रोकनी मुश्किल थी?

दिल्ली में चार दिन तक चले दंगे को समझने के प्रयास में एक बात सबसे ज्यादा सोचने वाली है कि क्या सचमुच दंगा रोकना मुश्किल था? इसके जवाब के लिए पूरी क्रोनोलॉजी समझनी होगी। असल में दिल्ली में दंगे के हालात पिछले कई महीने से बन रहे थे। 11-12 दिसंबर को जब संसद में संशोधित नागरिकता कानून, सीएए पास हुआ तभी से तनाव बढ़ना शुरू हो गया था।

ट्रंप की वापसी के बाद खत्म होगा धरना!

क्या‍ भारत सरकार दिल्ली के शाहीन बाग और दूसरी कई जगहों पर संशोधित नागरिकता कानून, सीएए के खिलाफ चल रहे धरने को खत्म कराने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की यात्रा पूरी होने का इंतजार कर रही है?

अब शाहीन बाग का क्या होगा?

संशोधित नागरिकता कानून के विरोध में दिल्ली के शाहीन बाग की सड़कों पर बैठे लोगों को वहां से हटने के लिए तैयार करने के वास्ते सुप्रीम कोर्ट ने दो वार्ताकार नियुक्त किए थे। इन दोनों वार्ताकारों को सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में अपनी रिपोर्ट देनी है। इन पांच दिन के प्रयास का कुल लब्बोलुआब यह है कि शाहीन बाग से होकर कालिंदी कुंज से होते हुए नोएडा जाने वाली एक सड़क खोली गई है। बाकी प्रदर्शनकारी अपनी जगह पर डटे हैं। यह सड़क भी खोलने में खतरे बहुत हैं। तभी प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से 24 घंटे की सुरक्षा मांगी है और यह भी कहा है कि सुरक्षा देने के लिए सुप्रीम कोर्ट आदेश करे। प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा के आदेश देने की शर्त रखी है और साथ ही यह भी कहा है कि शाहीन बाग और जामिया के इलाके में जिन लोगों पर भी सीएए विरोध की वजह से मुकदमा हुआ है उस वापस लिया जाए। सो, अब सुप्रीम कोर्ट को फैसला करना होगा। अदालत ने वार्ताकार नियुक्त करते हुए कहा था कि अगर बातचीत से सड़क खाली नहीं होती है तो अदालत यह मामला प्रशासन पर छोड़ेगी। कायदे से अदालत को प्रशासन को आदेश देना चाहिए कि वह सड़क खाली… Continue reading अब शाहीन बाग का क्या होगा?

शाहीन बागः सड़क खुली व बंद हुई

नई दिल्ली। संशोधित नागरिकता कानून, सीएए के खिलाफ शाहीन बाग में सड़क पर धरने पर बैठे लोगों को मनाने और सड़क खुलवाने में सुप्रीम कोर्ट की ओर से नियुक्त वार्ताकारों को कामयाबी नहीं मिली है। शनिवार को चौथे दिन वार्ताकारों ने प्रदर्शनकारियों से बात की। चौथे दिन की बातचीत के बाद प्रदर्शनकारियों के एक धड़े ने शाहीन बाग की एक नौ नंबर सड़क खोलने की हामी भर दी। थोड़ी देर के लिए सड़क खुली भी पर थोड़ी ही देर के बाद उस पर फिर से बैरीकेड्स लगा दिए गए। हालांकि थोड़ी देर के बाद इसे फिर खोला गया। इससे पहले प्रदर्शनकारियों ने सुप्रीम कोर्ट की ओर से नियुक्त दो वार्ताकारों में से एक वरिष्ठ वकील संजय हेगड़े के सामने सड़क खाली करने के लिए कुछ शर्तें रखीं। उन्होंने 24 घंटे की सुरक्षा मांगी और यह भी कहा कि इसका आदेश सुप्रीम कोर्ट पास करे क्योंकि उनको पुलिस पर भरोसा नहीं है। उन्होंने शाहीन बाग और जामिया इलाके में लोगों पर दर्ज मामले वापस लेने की भी मांग की। बहरहाल, शनिवार की बातचीत के बाद प्रदर्शन की जगह के पास नौ नंबर की सड़क खोल दी गई। यह सड़क जामिया से कालिंदी कुंज होते हुए नोएडा जाती है।  प्रदर्शनकारियों ने नागरिकता… Continue reading शाहीन बागः सड़क खुली व बंद हुई

शाहीन बाग : चौथे दिन भी वार्ता विफल

उच्चतम न्यायालय द्वारा शाहीन बाग के प्रदर्शन पर बातचीत के लिए नियुक्त किए गए वार्ताकारों और प्रदर्शनकारियों के बीच आज चौथे दिन भी सहमति नहीं बन पायी।

शाहीन बाग में वार्ताकार नाकाम

नई दिल्ली। संशोधित नागरिकता कानून, सीएए के विरोध में पिछले 69 दिन से शाहीन बाग में धरने पर बैठे प्रदर्शनकारियों से मिलने पहुंचे सुप्रीम कोर्ट से नियुक्त वार्ताकारों को तीसरे दिन भी कामयाबी नहीं मिली। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को दो वकीलों- संजय हेगड़े और साधना रामचंद्रन को प्रदर्शनकारियों से बातचीत के लिए मध्यस्थ नियुक्त किया है। वे बुधवार से रोज शाहीन बाग जा रहे हैं पर प्रदर्शनकारियों को रास्ता खाली करने और दूसरी जगह धरने पर बैठने के लिए तैयार नहीं कर सके। इस बीच बताया जा रहा है कि रास्ता खाली करने के मामले में प्रदर्शनकारियों की राय बंटी है। कुछ प्रदर्शनकारी रास्ता खाली करने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि अगर सुरक्षा मिले तो वे रास्ता खाली कर सकते हैं। पर कुछ प्रदर्शनकारी इसके लिए तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि उनको पुलिस पर भरोसा नहीं है। शुक्रवार के तीसरे दिन वार्ताकार थोड़ी देर से पहुंचे। इससे पहले गुरुवार को प्रदर्शनकारियों के बरताव से वे नाराज हो गए थे, जिसके बाद कहा जा रहा था कि वे शायद शुक्रवार को बातचीत के लिए नहीं पहुंचेंगे। पर दोनों वार्ताकार शाम चार बजे शाहीन बाग पहुंचे। वहां उन्होंने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। उन्होंने धरने पर बैठे लोगों से एक… Continue reading शाहीन बाग में वार्ताकार नाकाम

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