उद्धव ने कांग्रेस, एनसीपी को मुश्किल में डाला

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे भले कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिल कर सरकार चला रहे हैं लेकिन वे अपनी राजनीति नहीं छोड़ते हैं। वे अपने को कट्टर हिंदुवादी साबित करने का कोई मौका हाथ से नहीं जाने देते हैं।

कांग्रेस अभी इंतजार के मूड में

कांग्रेस पार्टी 2024 के लोकसभा चुनाव को लेकर किसी जल्दी में नहीं है। ममता बनर्जी भले उसके लिए बहुत उत्साह दिखा रही हैं लेकिन कांग्रेस को हड़बड़ी नहीं है। कांग्रेस पार्टी अपना समय आने का इंतजार कर रही है। पार्टी को लग रहा है कि अगले साल होने वाले पांच राज्यों के चुनाव के बाद कांग्रेस की स्थिति बदल जाएगी।

पवार, यशवंत और अब ममता

विपक्ष के नेताओं का म्यूजिकल चेयर चल रहा है। सारे नेता एक आभासी कुर्सी के ईर्द-गिर्द संगीत की धुन पर चक्कर लगा रहे हैं। कुछ दिन पहले तक विपक्ष को एकजुट करने का प्रयास कर रहे नेता शरद पवार थे।

नवाब मलिक ने पीएम मोदी और शरद पवार की मुलाकात पर दी सफाई कहा- नदीं के दो किनारे (BJP-NCP) एक नहीं हुआ करते …

मुंबई |  Pawar’s meeting with Modi : प्रधानमंत्री मोदी और शरद पवार की मुलाकात अपने आप में चर्चाओं में रही. इन चर्चाओं को शेयर पवार ने खुद ही एक बयान देकर और हवा दे दी. शरद पवार ने कहा कि पीएम मोदी से मेरी मुलाकात पर महाराष्ट्र के सीएम को पसीना आ गया होगा. पवार के इस बयान के बाद से सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई. हालांकि इसके बाद अब एनसीपी के नेता नवाब मलिक ने पवार और पीएम के साथ हुई मुलाकात पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नदी के दो किनारे हैं भाजपा और एनसीपी. उन्होंने कहा कि जिस तरह नदी के दो किनारों को आपस में नहीं मिल सकते वैसे ही भाजपा और एनसीपी कभी एक नहीं हो सकते. पवार ने कहा कि इन दोनों राजनीति के दिग्गजों के बीच बैंक नियामक प्राधिकरण में हुए परिवर्तन को लेकर विचार विमर्श किया गया है और राजनीति पर कोई बात नहीं की गई. राजनीति विचारों के आधार पर होती है, संघ का राष्ट्रवाद और राष्ट्रवादी पार्टी के राष्ट्रवाद में ज़मीन आसमान आ अंतर है। नदी के दो छोर कभी नहीं मिल सकते, ये सच्चाई है। भाजपा और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का एक साथ आना असंभव है: नवाब… Continue reading नवाब मलिक ने पीएम मोदी और शरद पवार की मुलाकात पर दी सफाई कहा- नदीं के दो किनारे (BJP-NCP) एक नहीं हुआ करते …

शरद पवार ने पीएम मोदी से मुलाकात के बाद ट्वीट कर कहा- राष्ट्रहित से जुड़े मुद्दों पर हुई चर्चा

नयी दिल्ली | Pawar’s meeting with Modi : देश में फिलहाल राजनीति को लेकर कुछ भी स्पषट तौर पर कहना मुश्किल है. पिछले कुछ समय से देश के जाने माने चुनावी राणनीतिकार प्रशांत किशोर की मुलाकातों का सिलसिला सुर्खियों में बना हुआ था. उन्होंने पहले तो शरद पवार और फिर राहुल गांधी से मुलाकात कर राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया था. अब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के प्रमुख शरद पवार ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की है और राष्ट्र हित से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की. इस संबंध में पवार ने एक ट्वीट करते हुए कहा कि ‘‘देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. राष्ट्र हित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की. इधर , प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने ट्वीट कर दोनों नेताओं के बीच हुई मुलाकात की एक तस्वीर साझा की गई . Met the Hon. Prime Minister of our country Shri Narendra Modi. Had a discussion on various issues of national interest.@PMOIndia pic.twitter.com/AOp0wpXR8F — Sharad Pawar (@PawarSpeaks) July 17, 2021 चीन के साथ जारी गतिरोध पर कल हुई थी बैठक Pawar’s meeting with Modi : बता दें कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को शरद पवार और पूर्व रक्षा मंत्री व… Continue reading शरद पवार ने पीएम मोदी से मुलाकात के बाद ट्वीट कर कहा- राष्ट्रहित से जुड़े मुद्दों पर हुई चर्चा

कृषि कानून क्यों नहीं बदल रही सरकार?

changing the agriculture law : केंद्र सरकार के बनाए तीन कृषि कानूनों के विरोध में किसानों का आंदोलन शुरू होने के बाद संसद का दूसर सत्र शुरू होने वाला है। किसानों के साथ सरकार ने आखिरी बार 22 जनवरी को बात की थी। उसके बाद किसानों से बात करने और आंदोलन खत्म कराने का कोई प्रयास नहीं हुआ है। सरकार की ओर से बार बार कहा जा रहा है कि कानूनों को रद्द करने के अलावा बाकी हर मुद्दे पर वह किसानों से बात करने को तैयार है। अब तो किसानों के हितैषी और विपक्ष के महत्वपूर्ण नेता शरद पवार ने भी कह दिया है कि कानून पूरी तरह से रद्द करने की जरूरत नहीं है, बल्कि जिन प्रावधानों से किसानों को आपत्ति है उन्हें बदला जाए। यह भी पढ़ें: राजद्रोह-कानूनः लोकतंत्र का कलंक तभी सवाल है कि केंद्र सरकार इन कानूनों को बदलने की पहल क्यों नहीं कर रही है? सरकार ने किसानों के साथ आखिरी बार बातचीत से पहले कुछ बदलावों पर सहमति जताई थी। तीनों कानूनों को मिला कर कोई एक दर्जन प्रावधान थे, जिन्हें बदलने को सरकार तैयार थी। सरकार ने खुद कहा था कि वह कांट्रैक्ट पर खेती की मंजूरी देने वाले कानून में अदालत… Continue reading कृषि कानून क्यों नहीं बदल रही सरकार?

शरद पवार बनेंगे राष्ट्रपति ! प्रशांत किशोर ने सोनिया गांधी के सामने रखा प्रस्ताव

नई दिल्ली। Prashant Kishor’s proposal to Congress : पिछले कुछ महीनों में प्रशांत किशोर अपनी मुलाकातों के कारण चर्चा में रहे हैं. मंगलवार को प्रशांत किशोर ने राहुल गांधी के आवास पर उनसे मुलाकात की थी. बताया गया था कि राहुल गांधी से मुलाकात के दौरान इन दोनों के साथ प्रियंका गांधी वाड्रा भी मौजूद थी. इसके साथ ही वर्चुअल तौर पर कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी भी बैठक में शामिल हुई थी. मुलाकात के बाद अटकलें लगाई जा रही थी पंजाब विधानसभा चुनावों को लेकर राहुल गांधी से प्रशांत किशोर मिलने पहुंचे थे. लेकिन अब एक और नई बात निकल कर सामने आ रही है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार को हुई इस बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर नहीं बल्कि 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव की तैयारियों पर चर्चा की गई. बताया जा रहा है कि इस बैठक के दौरान चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी के सामने शरद पवार को राष्ट्रपति बनाने का प्रस्ताव रखा. इस प्रस्ताव पर राहुल और सोनिया गांधी की ओर से क्या प्रतिक्रिया आई है, इस पर अभी स्पष्टता नहीं मिल सकी है. चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी से… Continue reading शरद पवार बनेंगे राष्ट्रपति ! प्रशांत किशोर ने सोनिया गांधी के सामने रखा प्रस्ताव

शिव सेना पर पवार का दांव

shiv sena sharad pawar : महाराष्ट्र के महाविकास अघाड़ी में शामिल एनसीपी के नेता शरद पवार का कोई खास सद्भाव कांग्रेस के प्रति नहीं है। वे शिव सेना के प्रति अपना सद्भाव दिखाते रहते हैं और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के साथ उनकी मुलाकातें भी होती रहती हैं। लेकिन जहां राजनीति की बात आती है वहां वे शिव सेना की लगाम कसे रखते हैं। उनको पता है कि शिव सेना के पास मुख्यमंत्री का पद है और इसलिए विधानसभा स्पीकर का पद किसी हाल में उसके पास नहीं जाना चाहिए। इसलिए जैसे ही शिव सेना के नेताओं ने स्पीकर पद की मांग की वैसे ही पवार ने दो टूक कहा कि स्पीकर का पद कांग्रेस के पास ही रहेगा। ध्यान रहे कांग्रेस ने नाना पटोले को स्पीकर बनवाया था लेकिन बाद में पार्टी ने उनको प्रदेश अध्यक्ष बना दिया। तब से स्पीकर का पद खाली है। दो दिन के विशेष सत्र में उपाध्यक्ष और शिव सेना के नेता भास्कर जाधव ने सदन का संचालन किया और हंगामा करने के नाम पर भाजपा के एक दर्जन विधायकों को एक साल के लिए निलंबित कर दिया। तब से शिव सेना के नेता स्पीकर पद की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा है कि… Continue reading शिव सेना पर पवार का दांव

ममता को बंगाल में ही रोकने का प्रयास

भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी क्या ममता बनर्जी की महत्वाकांक्षा से चिंतित हैं और मान रहे हैं कि ममता वह कर सकती हैं, जो आज तक विपक्ष का कोई नहीं कर सका है? ध्यान रहे विपक्ष का कोई नेता लोकप्रियता और विश्वसनीयता के मामले में नरेंद्र मोदी को चुनौती नहीं दे सका है। अखिल भारतीय स्तर पर किसी नेता की वैसी पहचान और साख भी नहीं बनी है, जैसी मोदी की है। लेकिन बंगाल में लगातार तीसरी बार चुनाव जीतने और सीधे मुकाबले में मोदी और अमित शाह को हराने के बाद ममता चुनौती बन सकती हैं। यह भी पढ़ें: शिव सेना जानती है कांग्रेस की मजबूरी असल में ममता बनर्जी ने बंगाल में कई मिथक तोड़े हैं। मोदी की लोकप्रियता, शाह की रणनीति और भाजपा की ध्रुवीकरण कराने की क्षमता के मिथक टूट गए हैं। इसका असर दूरगामी होगा। ऊपर से ममता बनर्जी को दूसरे कई नेताओं के मुकाबले बहुत एडवांटेज हैं। उनके भतीजे को भ्रष्टाचार के आरोपों में घेरने की केंद्रीय एजेंसियों के तमाम प्रयासों के बावजूद ममता के भ्रष्ट होने का नैरेटिव नहीं बन पाया है। उनकी ईमानदारी और सादगी सहज रूप से स्वीकार्य है। दूसरे, वे महिला हैं और जुझारू हैं। तीसरे, कांग्रेस छोड़… Continue reading ममता को बंगाल में ही रोकने का प्रयास

शिव सेना जानती है कांग्रेस की मजबूरी

maharashtra politics mahavikas aghadi Sarkar : महा विकास अघाड़ी महाराष्ट्र की महा विकास अघाड़ी सरकार का नेतृत्व कर रही शिव सेना क्यों कांग्रेस पार्टी को ज्यादा महत्व नहीं दे रही है? क्यों शिव सेना के नेता एनसीपी के शरद पवार को तरजीह दे रहे हैं और कांग्रेस के खिलाफ बयान देते रहते हैं? क्यों शिव सेना ने राहुल गांधी को शरद पवार से सीखने की सलाह दी? शिव सेना क्यों कांग्रेस नेताओं जैसे नाना पटोले या भाई जगताप के बयानों पर ध्यान नहीं दे रही है? इन सब सवालों का एक ही जवाब है कि शिव सेना को कांग्रेस की मजबूरी पता है। उसे पता है कि कांग्रेस महा विकास अघाड़ी छोड़ कर कहीं नहीं जाने वाली है। कम से कम अगले दो साल तक कांग्रेस को किसी तरह से शिव सेना के साथ ही रहना है। शिव सेना छोड़ दे तो अलग बात है। यह भी पढ़ें: नरसिंह राव को याद करने का समय नहीं यह भी पढ़ें: स्वतंत्र निदेशकों के लिए भी कुछ नियम बने! दूसरी ओर एनसीपी के साथ ऐसी मजबूरी नहीं है। एनसीपी को भाजपा के साथ राजनीति करने में भी कोई दिक्कत नहीं है। पिछले कुछ दिनों से इस बात की चर्चा हो रही है… Continue reading शिव सेना जानती है कांग्रेस की मजबूरी

शरद पवार से नाराज कांग्रेस नेता

कांग्रेस पार्टी के नेता शरद पवार ( maharashtra politics sharad pawar ) से बहुत नाराज हैं। पहले ही जब उन्होंने राहुल गांधी के नेतृत्व को लेकर टिप्पणी की थी तभी नाराजगी शुरू हो गई थी लेकिन अब हद हो गई है। हालांकि बेचारे कांग्रेस नेता मजबूर हैं कुछ कर नहीं सकते हैं। वे सही मौके का इस्तेमाल कर रहे हैं। कांग्रेस के एक महत्वपूर्ण नेता ने माना कि महाराष्ट्र में कांग्रेस के नेता जो बयान दे रहे हैं उस पर आलाकमान की सहमति है और वह बयानबाजी सिर्फ शरद पवार की वजह से हो रही है। कांग्रेस नेता यह भी मान रहे हैं कि शरद पवार ही शिव सेना को भी भड़का रहे हैं। कांग्रेस के एक प्रवक्ता ने चुनिंदा पत्रकारों के सामने कहा कि शरद पवार नियमित रूप से उद्धव ठाकरे से मिलते हैं, जबकि कांग्रेस में ऐसा कोई सिस्टम नहीं है। अपनी मुलाकातों में पवार क्या खिचड़ी पकाते हैं यह किसी को पता नहीं है। यह भी पढ़ें: दिसंबर से पहले ही सबको वैक्सीन लगेगी! कांग्रेस के एक नेता ने नाराजगी जताते हुए कहा कि शरद पवार सिर्फ प्रासंगिक बने रहना चाहते हैं और विपक्ष की राजनीति को नियंत्रित करना चाहते हैं। वे सिर्फ पांच सांसदों वाली पार्टी… Continue reading शरद पवार से नाराज कांग्रेस नेता

ममता दीदी के भतीजे अभिषेक बनर्जी कहां राष्ट्रीय राजनीति करेंगे?

अभिषेक बनर्जी कहां राष्ट्रीय राजनीति करेंगे : नेताओं का आत्मविश्वास अक्सर हैरान करने वाला होता है। कई बार नासमझ नेता कोई बयान देते हैं, जैसे ई श्रीधरन ने कहा कि वे केरल के मुख्यमंत्री बनेंगे, तो ऐसे बयानों की अनदेखी करनी होती है। लेकिन कई बार बहुत जानकार और सीजन्ड नेता इस तरह के बयान देते हैं। जैसे ममता बनर्जी ने कहा है कि उनकी पार्टी अब राष्ट्रीय राजनीति करेगी। उन्होंने अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी को राष्ट्रीय महासचिव बनाया है। नई जिम्मेदारी मिलने के बाद अभिषेक ने कहा कि वे पार्टी को पूरे देश में ले जाएंगे और चुनाव लड़ेंगे। अब सोचें, अभिषेक बनर्जी पार्टी को कहां राष्ट्रीय राजनीति करेंगे? क्या वे अगले साल उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर में पार्टी को चुनाव लड़ाएंगे? इससे उनको क्या हासिल होगा? ममता ने मोदी पर किया हमला तृणमूल कांग्रेस पहले भी इस तरह राष्ट्रीय राजनीति करने का प्रयास कर चुकी है। झारखंड में इधर-उधर के नेताओं को जुटा कर तृणमूल को खड़ा करने का प्रयास हुआ था। ममता बनर्जी भी रैली करने पहुंची थीं। लेकिन अंत नतीजा क्या हुआ? इधर-उधर से आए सारे नेता फिर इधर-उधर चले गए। बिल्कुल यहीं कहानी त्रिपुरा में भी दोहराई गई थी। ममता बनर्जी के… Continue reading ममता दीदी के भतीजे अभिषेक बनर्जी कहां राष्ट्रीय राजनीति करेंगे?

शरद पवार और विपक्ष : उम्मीद, भरोसा किस चेहरे से?

शरद पवार और विपक्ष : शरद पवार के घर पर कुछ विपक्षी पार्टियों और कुछ जाने-माने नागरिकों की जो बैठक हुई है उसका मकसद समझना मुश्किल नहीं है। बैठक के बाद भले पवार की पार्टी के नेता कहें कि यह बैठक उन्होंने नहीं बुलाई थी या यह कोई राजनीतिक बैठक नहीं थी लेकिन हकीकत सबको पता है। यह 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले देश में लोगों के सामने एक विकल्प पेश करने, एक अलग विचारधारा दिखाने और देश के लोगों को एक अलग कहानी सुनाने के मकसद से हुई। आगे इसका स्वरूप और स्पष्ट होगा। थोड़े दिन के बाद यह भी साफ होगा कि इस समूह के नेता कांग्रेस के नेतृत्व वाले दूसरे मोर्चे का साथ किस तरह का चुनावी तालमेल करेंगे। यह भी पढ़ें: महाराष्ट्र में चुनाव की क्या जल्दी है? लेकिन उससे पहले सवाल है कि क्या इस समूह में ( शरद पवार और विपक्ष) कोई चेहरा ऐसा है, जो उम्मीद जगा सके या देश के लोगों को भरोसा दिलाए? यह प्रयास कुछ कुछ वैसा  ही है जैसा 2011 में अरविंद केजरीवाल ने किया था। उन्होंने इसी तरह देश भर के सामाजिक कार्यकर्ताओं को और जाने-माने लोगों को एक जगह इकट्ठा किया था और इंडिया अगेंस्ट करप्शन… Continue reading शरद पवार और विपक्ष : उम्मीद, भरोसा किस चेहरे से?

Yashwant Sinha Rashtramanch Meeting : भाजपा-विरोधी ‘राष्ट्रमंच’ की नाकामी

Yashwant Sinha Rashtramanch Meeting : तृणमूल कांग्रेस के उपाध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा ने पहल की और अपने ‘राष्ट्रमंच’ की ओर से देश के राजनीतिक दलों की एक बैठक बुलाई। विपक्षी दलों की इस बैठक की हफ्ते भर से अखबारों में बड़ी चर्चा हो रही थी। कहा जा रहा था कि सारे विपक्षी दलों का जबर्दस्त गठबंधन खड़ा किया जाएगा, जो अगले आम चुनाव में नरेंद्र मोदी और भाजपा को चित्त कर देगा लेकिन हुआ क्या ? खोदा पहाड़ और उसमें से चुहिया भी नहीं निकली। यह भी पढ़ें: यह कैसा धर्मांतरण है ? चुहिया भी नहीं निकली, यह मैं इसलिए कह रहा हूं कि बैठक के बाद इसके प्रवक्ता ने एकदम शीर्षासन की मुद्रा धारण कर ली। उसने सबसे बड़ी बात यह कही कि यह बैठक उन्होंने वैकल्पिक सरकार बनाने के हिसाब से नहीं बुलाई थी और इसका लक्ष्य भाजपा सरकार का विरोध करना नहीं है। यदि ऐसा ही था तो फिर इसे क्यों बुलाया गया था ? इसमें सभी छोटी-मोटी पार्टियों को तो बुलाया गया था लेकिन भाजपा को आयोजक लोग कैसे भूल गए ? भाजपा को इसमें क्यों नहीं बुलाया गया ? देश की स्थिति सुधारने में क्या उसका कोई योगदान नहीं हो सकता है… Continue reading Yashwant Sinha Rashtramanch Meeting : भाजपा-विरोधी ‘राष्ट्रमंच’ की नाकामी

Maharashtra Politics : शिवसेना का पीएम मोदी के प्रति नरम रुख कहीं कोई इशारा तो नहीं…

मुंबई | महाराष्ट्र की राजनीति ( Maharashtra Shivsena Politics News ) में कब क्या हो ये किसी को भी पता नहीं होता. महाराष्ट्र के मौजूदा सीएम उद्धव ठाकरे कि पीएम मोदी से मुलाकात के बाद सियासत की हवाएं एक बार फिर तेजी से बहने लगी हैं. हालांकि इस बारे में अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी लेकिन इतना जरूर कहा जा सकता है कि शरद पवार द्वारा मजबूत विपक्ष की बात और फिर पीएम मोदी से मुलाकात कर लौटते सीएम उद्धव ठाकरे का बयान कुछ तो इशारे जरूर करता है. शिवसेना के मुखपत्र सामना के पिछले कुछ अंकों में यह साफ दिखाई दे रहा है कि भाजपा या नरेंद्र मोदी के खिलाफ छपने वाले अंक गायब हैं. महाराष्ट्र की राजनीति को करीब से जानने वाले भी इस बात को मान रहे हैं कि यहां की सियासत हवाओं ने कुछ अलग तरीके से बहना शुरू कर दिया है. शिवसेना ने पीएम मोदी के खिलाफ नरम किया अपना रूख सीएम उद्धव ठाकरे की पीएम मोदी से मुलाकात के बाद से शिवसेना भाजपा और पीएम मोदी को लेकर अपने रुख को लेकर सुर्खियों में है. इसके पहले जहां शिवसेना के नेता संजय रावत और मुखपत्र सामना में पाएम मोदी के खिलाफ बड़े-बड़े अंक… Continue reading Maharashtra Politics : शिवसेना का पीएम मोदी के प्रति नरम रुख कहीं कोई इशारा तो नहीं…

और लोड करें