बिहार चुनाव: मतदाताओं को नहीं भाए छोटे दल

बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के मैदान में ऐसे तो पांच नेता मुख्यमंत्री के चेहरे के रूप में चुनावी मैदान में थे, लेकिन आज मतगणना के प्रारंभिक दौर में मिल रहे रूझानों से स्पष्ट है कि बिहार के मतदाताओं ने छोटे दलों को सिरे से खारिज कर दिया है।

बिहार में ‘वोटकटवा’ साबित होंगे छोटे दल!

कोरोना काल में हो रहे बिहार विधानसभा चुनाव में कई बदलाव दिख रहे है। इधर, कई राजनीतिक दल भी सत्ता तक पहुंच बनाने के सपने संजोए नई राह पर चलकर अपनी

बिहार की छोटी पार्टियों की बेचैनी

बिहार में चार बड़ी पार्टियों- राजद, जदयू, भाजपा और कांग्रेस के अलावा एक दर्जन छोटी पार्टियां हैं, जिनकी राजनीति बहुत दिलचस्प होने वाली है।

छोटी पार्टियों का क्या होगा?

भाजपा की बड़ी सहयोगी पार्टियों में से शिव सेना बाहर हो गई है और जदयू को इस बार मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है। छोटी पार्टियों में अकाली दल और रामदास अठावले की आरपीआई को सरकार में जगह मिली हुई है। यह देखना दिलचस्प है कि भाजपा आगे क्या करती है।