काँग्रेस की हथेली से फिसलता उसका भविष्य…?

देश के प्राचीनतम राजनीतिक दल काँग्रेस अब अस्ताचल की ओर अग्रसर है, इसे इस स्थिति तक पहुंचाने का श्रेय किसी विरोधी दल को नहीं बल्कि उसी एक खानदान को है, जिसने कभी इसे पाला-पोसा था।