अयोध्या मामले पर सुन्नी वक्फ बोर्ड ने एआईएमपीएलबी से दूरी बनाई

सुन्नी वक्फ बोर्ड ने कहा है कि वह ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) के अयोध्या जमीन विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दाखिल करने के फैसले से खुद को अलग कर रहा है।

मस्जिद है अनमोल, हमें 500 एकड़ भी मंजूर नहीं : जिलानी

नई दिल्ली।  सुन्नी वक्फ बोर्ड के वकील जफरयाब जिलानी ने अयोध्या में विवादित भूमि पर रही ऐतिहासिक मस्जिद को ‘अमूल्य’ बताते हुए शनिवार को कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फरमान के मुताबिक किसी दूसरी जगह मस्जिद बनाना उन्हें मंजूर नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में विवादित स्थल हिंदू पक्ष को मंदिर के निर्माण के लिए दे दी है और मुस्लिम पक्ष को मस्जिद बनाने के लिए अयोध्या में ही कोई और वैकल्पिक जमीन देने का आदेश दिया गया है। फैसले पर जिलानी ने कहा, “मस्जिद अनमोल है। पांच एकड़ क्या होता है? 500 एकड़ भी हमें मंजूर नहीं। जिलानी ने कहा, “शरिया हमें मस्जिद किसी और को देने की इजाजत नहीं देता, उपहार के तौर पर भी नहीं। इसे भी पढ़ें : तथ्यों पर आस्था की जीत : ओवैसी उन्होंने कहा कि जमीन स्वीकार करने पर अंतिम निर्णय सुन्नी वक्फ बोर्ड लेगा। जिलानी ने फिर कहा कि बोर्ड सुप्रीम कोर्ट का सम्मान करता है, लेकिन निर्णय पर असहमति प्रत्येक नागरिक का अधिकार है। उन्होंने कहा, “हम फैसले का इस्तकबाल करते हैं, लेकिन हम इससे मुतमइन नहीं हैं। फैसला हमारी उम्मीदों के मुताबिक नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि वह समीक्षा याचिका दायर करेंगे। लेकिन अंतिम निर्णय कानूनी टीम के… Continue reading मस्जिद है अनमोल, हमें 500 एकड़ भी मंजूर नहीं : जिलानी

अयोध्या फैसला : जिलानी ने कहा, पुनर्विचार याचिका दायर करेंगे

नई दिल्ली। सुन्नी वक्फ बोर्ड के वकील जफरयाब जिलानी ने शनिवार को कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट के फैसले से संतुष्ट नहीं हैं और एक पुनर्विचार याचिका दायर करेंगे। जिलानी ने यह प्रतिक्रिया सुप्रीम कोर्ट द्वारा अपने फैसले में अयोध्या में विवादित भूमि हिंदुओं को देने और मस्जिद के लिए मुस्लिमों को अलग से पांच एकड़ भूमि देने के बाद दी है। उन्होंने कहा हम फैसले का सम्मान करते हैं, लेकिन संतुष्ट नहीं हैं। फैसला हमारी उम्मीदों के मुताबिक नहीं है। उन्होंने कहा आज के फैसले के बाद हम एक पुनर्विचार याचिका दायर करेंगे। इसे भी पढ़ें : राम जन्मभूमि पर फैसले की सोशल मीडिया पर सराहना जिलानी ने कहा प्रधान न्यायाधीश का आज का फैसला राष्ट्र के कल्याण में अहम भूमिका निभाएगा। हालांकि, सुन्नी वक्फ बोर्ड का प्रतिनिधित्व करने वाले दूसरे वकील राजीव धवन ने कोई टिप्पणी नहीं की। सुप्रीम कोर्ट की पांच न्यायाधीशों की पीठ ने अयोध्या की विवादित जमीन पर मंदिर निर्माण किए जाने का आदेश दिया। मंदिर का निर्माण केंद्र सरकार के नियंत्रण के तहत गठित ट्रस्ट के जरिए विवादित स्थल पर किया जाएगा। सरकार तीन महीने के भीतर ट्रस्ट बनाएगी।

फैसले से सुन्नी वक्फ बोर्ड संतुष्ट नहीं

नई दिल्ली। अयोध्या मामले के प्रमुख पक्षकार सुन्नी वक्फ बोर्ड ने उच्चतम न्यायालय के फैसले का सम्मान व्यक्त करते हुए कहा है कि वे इससे पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं और फैसला पढने के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी। जबकि निर्मोही अखाडा ने फैसले का स्वागत किया है और कहा है कि अदालत ने पिछले 150 साल से चली आ रही उनकी लड़ाई को स्वीकार किया है और उन्हें मंदिर के निर्माण के लिए केन्द्र सरकार द्वारा बनाये जाने वाले न्यास में प्रतिनिधित्व दिया है और इसके लिए वह न्यायालय के कृतज्ञ हैं। सुन्नी वक्फ बोर्ड के वकील जफरयाब जिलानी ने मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ का फैसला आने के बाद शनिवार को यहां न्यायालय परिसर में संवाददाताताओं से कहा कि वह फैसले का स्वागत करते हैं लेकिन इससे संतुष्ट नहीं हैं। न्यायालय का विस्तृत फैसला पढने के बाद पढने के बाद आगे की रणनीति पर विचार करेंगे। निर्माेही अखाडे के प्रवक्ता कार्तिक चोपड़ा ने कहा कि वह उच्चतम न्यायालय के प्रति कृतज्ञ हैं कि उसने उनके संघर्ष को स्वीकार किया और राम मंदिर बनाने के निर्माण के लिए केंद्र सरकार द्वारा गठित किये जाने वाले न्यास में उन्हें पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिया… Continue reading फैसले से सुन्नी वक्फ बोर्ड संतुष्ट नहीं

अयोध्या पर बोर्ड के प्रस्ताव से मुस्लिम पक्षकार हैरान

नई दिल्ली। अयोध्या में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद में मुस्लिम पक्षकारों ने सुन्नी वक्फ बोर्ड की ओर से मामला वापस पर आपत्ति जताई है। अयोध्या भूमि विवाद में महत्वपूर्ण मुस्लिम वादी एम सिद्दीक के वकील एजाज मकबूल ने कहा कि सुन्नी वक्फ बोर्ड को छोड़कर सभी मुस्लिम पक्षों ने समझौते को खारिज कर दिया है। मकबूल ने कहा कि विवाद के मुख्य हिंदू पक्षकार मध्यस्थता प्रक्रिया और इसके तथाकथित समाधान का हिस्सा नहीं थे। इसे भी पढ़ेः फैसले के बाद धवन को देंगे जवाब : वेंदाती सुन्नी वक्फ बोर्ड को छोड़कर मुस्लिम पक्षकारों ने स्पष्टीकरण बयान जारी कर कहा कि वे सुप्रीम कोर्ट की ओर से नियुक्त मध्यस्थता समिति के राम जन्मभूमि बाबरी मस्जिद भूमि विवाद को सौहार्दपूर्वक सुलझाने के लिए तथाकथित समझौते के प्रस्ताव को स्वीकार नहीं करेंगे। बयान के मुताबिक, हम सुन्नी वक्फ बोर्ड के वकील शाहिद रिजवी के हवाले से मीडिया में आ रही इन खबरों से हैरान हैं कि उत्तर प्रदेश सुन्नी केंद्रीय वक्फ बोर्ड बाबरी मस्जिद स्थल पर अपना दावा वापस लेने का इच्छुक है। इसमें कहा गया है कि हम यह बिल्कुल स्पष्ट करना चाहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट के समक्ष हम, अपीलकर्ता, प्रेस को लीक किए गए प्रस्ताव को स्वीकार नहीं करते, हम… Continue reading अयोध्या पर बोर्ड के प्रस्ताव से मुस्लिम पक्षकार हैरान

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