सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो कानपुर कांड की जांच

नई दिल्ली। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने उत्तरप्रदेश के कानपुर कांड की जांच उच्चतम न्यायालय की निगरानी में कराने की मांग करते हुए कहा है कि इससे शहीद पुलिस कर्मियों को न्याय मिल सकेगा। मायावती ने एक ट्वीट श्रृंखला में कहा कि पुलिस और आपराधिक और राजनीतिक गठजोड़ की भी जांच की जानी चाहिए। बसपा नेता ने कहा, कानपुर पुलिस हत्याकाण्ड की तथा साथ ही इसके मुख्य आरोपी दुर्दान्त विकास दुबे को मध्यप्रदेश से कानपुर लाते समय आज पुलिस की गाड़ी के पलटने व उसके भागने पर यूपी पुलिस द्वारा उसे मार गिराए जाने आदि के समस्त मामलों की माननीय सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए। मायावती ने कहा , यह उच्च-स्तरीय जाँच इसलिए भी जरूरी है ताकि कानपुर नरसंहार में शहीद हुए आठ पुलिसकर्मियों के परिवार को सही इन्साफ मिल सके। साथ ही, पुलिस तथा आपराधिक राजनीतिक तत्वों के गठजोड़ की भी सही शिनाख्त करके उन्हें भी सख्त सजा दिलाई जा सके। ऐसे कदमों से ही यूपी अपराध-मुक्त हो सकता है।

महामारी बनी निगरानी का मौका?

आरोग्य सेतु ऐप पर सवाल अभी गहराए ही हुए हैं कि कुछ खबरों ने दूसरे प्रश्न भी खड़े कर दिए हैं। मुद्दा यह है कि क्या प्रशासन ने कोरोना महामारी को लोगों पर नजर रखने का मौका बना लिया है?

यूपी के हॉटस्पॉट इलाकों में ड्रोन से निगरानी शुरू

उत्तर प्रदेश की पुलिस अब हॉटस्पॉट घोषित क्षेत्रों की ड्रोन से भी निगरानी कर रही है। लखनऊ पुलिस ने हॉटस्पॉट इलाकों में ड्रोन से निगरानी शुरू कर दी है।

कश्मीर में कोविड-19 मामलों का पता लगाने के प्रयास तेज

कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने से रोकने के उद्देश्य से कश्मीर में अधिकारियों ने उन यात्रियों का पता लगाने के लिए जमीनी निगरानी तेज कर दी है,

दिल्ली: हिंसाग्रस्त इलाकों में ड्रोन कैमरे से निगरानी

उत्तर पूर्वी दिल्ली के हिंसाग्रस्त इलाकों में पुलिस और सुरक्षाबलों के ड्रोन कैमरा लोगों को सुरक्षा मुहैया कराने में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं।

कोरानावायरस: हिमाचल में 111 संदिग्ध निगरानी में

हिमाचल प्रदेश में कोरोनावायरस के 111 संदिग्धों को निगरानी में रखा गया है, जबकि 46 लोगों ने 28 दिनों की अनिवार्य निगरानी अवधि को पूरा कर लिया है।

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