4जी स्पीड मामले में जियो की बादशाहत बरकरार

दूरसंचार कंपनी रिलायंस जियो ने 4जी स्पीड के मामले में अन्य दूरसंचार कंपनियों को पछाड़ते हुये अपनी बादशाहत को लगातार बरकरार रखा है।

दूरसंचार कंपनियां बकाया भुगतान पर मोहलत के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा की अगुवाई वाली एक पीठ अगले हफ्ते दूरसंचार कंपनियों के करीब 1.47 लाख करोड़ रुपए के बकाया भुगतान के लिए मोहलत देने की मांग वाली याचिका पर नए सिरे से सुनवाई करेंगी। दूरसंचार कंपनियों को यह भुगतान दूरसंचार विभाग को करना है। ए.एम.सिंघवी और सी.ए.सुदंरम सहित वरिष्ठ अधिवक्ताओं के एक समूह ने अदालत में कंपनियों की पैरवी की। प्रधान न्यायाधीश एस.ए.बोबडे की अगुवाई वाली पीठ ने कहा कि वह उसी पीठ के समक्ष अगले हफ्ते नई याचिकाओं को सूचीबद्ध किया जाएगा, जो पूर्व की याचिकाओं को सुन चुकी है और फिर मामले पर फैसला पारित किया है। इस पीठ में न्यायमूर्ति एस.ए.नजीर और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना शामिल हैं। 16 जनवरी को न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने दूरसंचार कंपनियों की पुनर्विचार याचिकाओं को खारिज कर दिया था। इन पुनर्विचार याचिकाओं को न्यायमूर्ति मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ द्वारा पारित पहले के आदेश को लेकर दाखिल किया गया था। न्यामूर्ति मिश्रा ने अपने आदेश में 92,000 करोड़ रुपये के बकाए का भुगतान 23 जनवरी तक करने का आदेश दिया था।

बीएसएनएल को वीआरएस से वेतन पर हर माह बचेंगे 600 करोड़ रुपए : पुरवार

नई दिल्ली। सार्वजनिक क्षेत्र की दूरसंचार कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक पी के पुरवार ने मंगलवार को कहा कि निगम के आधे से अधिक कर्मचारियों ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (वीआरएस) को स्वीकार किया है जिससे चालू वित्त वर्ष में वेतन पर खर्च किए जाने वाली राशि से करीब 1300 करोड़ रुपए की बचत होगी। पुरवार ने कहा कि नवंबर का वेतन भुगतान अगले कुछ दिनों में कर दिए जाने की उम्मीद है। उन्होंने कहा, नवंबर माह का वेतन इस महीने बहुत जल्दी भुगतान किये जाने की उम्मीद है। उन्होंने कहा जिन कर्मचारियों ने वीआरएस स्वीकार की है, उनकी सेवा का अगला महीना अंतिम होगा। उन्होंने कहा, वीआरएस स्वीकार कर लेने वाले कर्मचारियों का 31 जनवरी सेवा का अंतिम दिन होगा। इसके बाद से स्थिति में सुधार होगा और उपक्रम को प्रत्येक माह में करीब 600 करोड़ रुपए की बचत होगी। इस प्रकार चालू वित्त वर्ष के अंतिम दो माह फरवरी और मार्च में केवल वेतन मद में ही लगभग 1300 करोड़ रुपए की बचत होगी। उन्होंने बताया कि उपक्रम बाजार से भी 1500 करोड़ रुपए की पूंजी जुटाएगा। उन्होंने बताया कि सरकार की तरफ से पेश की गई वीआरएस को 78 हजार 569 कर्मचारियों… Continue reading बीएसएनएल को वीआरएस से वेतन पर हर माह बचेंगे 600 करोड़ रुपए : पुरवार

वोडाफोन आइडिया एक दिसंबर से बढ़ाएगी टैरिफ

नई दिल्ली। गलाकट प्रतिस्पर्धा और नई नीतियों के अनुरूप बकाये लाइसेंस शुल्क भुगतान के अदालती आदेश के कारण चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में करीब 51 हजार करोड़ रुपए का घाटा उठाने वाली दूरसंचार कंपनी वोडाफोन आइडिया लिमिटेड ने एक दिसंबर से टैरिफ दरों में बढोतरी करने की घोषणा की है। कंपनी ने सोमवार को कहा कि उपभोक्ताओं को विश्व स्तरीय डिजिटल अनुभव सुनिश्चित करते हुये वह अपने टैरिफ में एक दिसंबर से समुचित बढोतरी करेगी। उसने कहा कि पूरी दुनिया में भारत में मोबाइल डाटा सबसे सस्ता है और मोबाइल डाटा सेवाओं की मांग में तेजी का रूख बना हुआ है। कंपनी ने कहा कि मार्च 2020 तक देश की 100 करोड़ आबादी को 4 जी सेवायें उपलब्ध कराने के लिए क्षमता और कवरेज दायरें में तेजी से बढोतरी की जा रही है। कंपनी को देश में सबसे बड़ा स्पेक्ट्रम फूटप्रिंट है और नेटवर्क एकीकरण कर इसमें तेजी लायी जा रही है। वह देशवासियों को डिजिटल सेवायें देने के लिए प्रतिबद्ध है।  

दूरसंचार कंपनियां सरकार को दे बकाया 90 हजार करोड़ : सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया सहित दूरसंचार कंपनियों को सरकार की बकाया राशि 92,000 करोड़ रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया है। इस राशि में जुर्माना और ब्याज भी शामिल हैं। समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) के दायरे में शीर्ष अदालत द्वारा सुनाया गया यह एक महत्वपूर्ण फैसला है। न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि दूरसंचार कंपनियों को बकाया चुकाना होगा। दूरसंचार विभाग (डीओटी) की कुल मांग लगभग 92,000 करोड़ रुपये है। दूरसंचार कंपनियों की ओर से उनके वकीलों ने बकाया राशि लौटाने के लिए छह महीने का समय मांगा है। इस पर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत से कहा कि उचित समय सीमा ही दी जाए। शीर्ष अदालत दूरसंचार कंपनियों को निर्धारित समय सीमा के अंदर उनके बकाये का भुगतान करने के लिए एक अलग आदेश भी जारी करेगी। इस मामले में शीर्ष अदालत ने अगस्त में आदेश सुरक्षित रखा था। दूरसंचार विभाग के अनुसार, एजीआर में लाभांश, हैंडसेट की बिक्री, किराया और बिक्री से हुआ मुनाफा आदि शामिल होना चाहिए। शीर्ष अदालत ने कहा कि ज्यादातर चीजें सरकार के एजीआर निर्धारण के तहत आएंगी और टेलीकॉम कंपनियों को भुगतान करना होगा। शीर्ष अदालत ने यह भी… Continue reading दूरसंचार कंपनियां सरकार को दे बकाया 90 हजार करोड़ : सुप्रीम कोर्ट

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