मूवी पैलेस हमेशा रहेंगे, यह सोचना मूर्खतापूर्ण है: नसीरुद्दीन

अनुभवी अभिनेता नसीरुद्दीन शाह को लगता है कि भविष्य में ओटीटी प्लेटफॉर्म सिर्फ थिएटर देखने के अनुभव को बदल सकते हैं। शाह ने कहा, “मुझे डर है कि ऐसा होगा। वह दिन

फेसबुक पर प्रदर्शित भव्य नाट्य समारोह

कोरोना काल में आडिटोरियम के दरवाजे बंद है। नाटक नहीं हो सकते, यहां तक रिहर्सल की भी कोई गुंजाइष नहीं है। लिहाजा समूची रंगमंचीय गतिविधियां डिजिटल प्लेटफार्म पर उतर आई हैं।

थिएटर हमेशा अनापेक्षित को सामने लाता है: शिल्पा शुक्ला

अभिनेत्री शिल्पा शुक्ला का कहना है कि उन्हें थिएटर की कहानियां पसंद हैं क्योंकि यह विधा हमेशा अनापेक्षित को सामने लाता है। शिल्पा इन दिनों महेश दतानी द्वारा लिखित

संस्कृति अनुदान की प्रक्रिया पर सवाल

कोरोना काल में समूची रंगमंचीय गतिविधियां रूकी हुई हैं। रंगकर्मी या तो अपने-अपने घरों में कैद हैं या डिजिटल प्लेटफार्म पर सक्रिय हैं। उनके सामने आर्थिक संकट भी गहराया हुआ है।

जीनत अमान थियेटर में वापसी करने को तैयार

बॉलीवुड दीवा जीनत अमान 15 सालों के बाद थियेटर में ‘डियरेस्ट बापू, लव कस्तूरबा’ के साथ वापसी कर रही हैं। इसका प्रीमियर फरवरी में होगा।

रंगमंच लोगों को आपस में जोड़ता है: महेश भट्ट

मशहूर फिल्मकार महेश भट्ट का कहना है कि रंगमंच लोगों को एक-दूसरे से जोड़ता है। उन्होंने आगे कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के उद्भव से थिएटर जाने वाले दर्शक बंट गए हैं।

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