देश के दो मुख्यमंत्री Trivendra Rawat और Mamta Benarjee की चिंता

देश के दो मुख्यमंत्री इन दिनों बहुत चितिंत हैं। एक उत्तराखंड के तीरथ सिंह रावत और दूसरी पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी। दोनों मुख्यमंत्री विधायक नहीं हैं। रावत को सितंबर तक विधायक बनना है और ममता बनर्जी के पास नवंबर के पहले हफ्ते तक का समय है। रावत चूंकि भाजपा के मुख्यमंत्री हैं इसलिए उनको पता है कि भाजपा आलाकमान उनके बारे में सोच रहा होगा पर ममता को तो खुद ही सोचना है। तभी ममता ने कहा है कि राज्य में कोरोना वायरस के केसेज कम हो गए हैं और इसलिए उपचुनाव कराना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री से यह भी कहा है कि वे चुनाव आयोग को उपचुनाव कराने का निर्देश दें। उनको पता है कि प्रधानमंत्री कम से कम आधिकारिक रूप से चुनाव आयोग को कोई निर्देश नहीं दे सकते हैं। फिर भी उन्होंने ऐसी अपील की तो इससे उनका फ्रस्ट्रेशन जाहिर हो रहा है। यह भी पढ़ें: ममता दीदी के भतीजे अभिषेक बनर्जी कहां राष्ट्रीय राजनीति करेंगे? उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को अलग तरह की चिंता है। उनको इस बात की चिंता है कि पार्टी आलाकमान कहीं किसी दूसरे नेता को मुख्यमंत्री न बना दे। ध्यान रहे उनसे पहले धन सिंह रावत को सीएम बनाने की… Continue reading देश के दो मुख्यमंत्री Trivendra Rawat और Mamta Benarjee की चिंता

देश ने खोया महान पर्यावरणविद्, वृक्षमित्र के नाम से प्रसिद्ध Sunderlal Bahuguna का निधन, CM तीरथ सिंह रावत ने जताया दुख

नई दिल्ली | देश ने आज कोरोना संक्रमण के चलते प्रख्यात पर्यावरणविद को दिया है. चिपको आंदोलन ( Chipko Andolan ) के प्रणेता और प्रख्यात पर्यावरणविद सुंदरलाल बहुगुणा ( Sunderlal Bahuguna ) का शुक्रवार को निधन हो गया है. उन्होंने ऋषिकेश स्थित एम्स में अंतिम सांस ली. 94 वर्षीय सुंदरलाल बहुगुणा को कोरोना से संक्रमित होने के बाद बीती 8 मई को उत्तराखंड के ऋषिकेश स्थित एम्स में भर्ती कराया गया था। देहरादून स्थित शास्त्रीनगर स्थित अपने दामाद डॉ. बीसी पाठक के घर पर रह रहे सुंदरलाल बहुगुणा को कुछ दिन पहले बुखार आया था। बुखार नहीं उतरने पर उन्हें एम्स ले जाने की सलाह दी गई। सुंदर बहुगुना के बेटे राजीव ने बताया कि अस्पताल में उनका आरटीपीसीआर टेस्ट व अन्य जांचे की गई थी। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ( Tirath Singh Rawat ) ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है. सीएम रावत ने ट्वीट किया, चिपको आंदोलन के प्रणेता, विश्व में वृक्षमित्र के नाम से प्रसिद्ध महान पर्यावरणविद् पद्म विभूषण श्री सुंदरलाल बहुगुणा जी के निधन का अत्यंत पीड़ादायक समाचार मिला है. यह खबर सुनकर मन बेहद व्यथित है. यह सिर्फ उत्तराखंड के लिए नहीं, बल्कि संपूर्ण देश के लिए अपूरणीय क्षति है. पर्यावरण संरक्षण… Continue reading देश ने खोया महान पर्यावरणविद्, वृक्षमित्र के नाम से प्रसिद्ध Sunderlal Bahuguna का निधन, CM तीरथ सिंह रावत ने जताया दुख

CM Tirath singh Rawat के नाक के नीचे से अस्पताल प्रबंधन ने छिपाए 65 संक्रमित मौतों के आंकड़ें

Dehradun: देश में कोरोना की दूसरी लहर से अभी भी हालत खराब है. इन हालातों में भी देश के कुछ राज्यों के सीएम की ओर से हास्यपद बयान आए हैं. इनमें सबसे उपर शामिल है उत्तराखंड के सीएम तीरथ सिंह रावत का नाम. बता दें कि हाल में ही सीएम तीरथ सिंह ने कोरोना के कहर के बीच एत अजीब बयान दिया था. तीरथ सिंह ने कहा था कि कोरोना का भी घर परिवार है. सीएम के इस बयान के बाद से उनकी काफी फजीहत भी हुई थी. अब उत्तराखंड के हरिद्वार से एक बार फिर बड़ा लापरवाही की खबर सामने आई है. जानकारी के अनुसार हरिद्वार के एक निजी अस्पताल ने कथित तौर पर नियमों का खुला उल्लंघन करते हुए एक पखवाडे़ से भी ज्यादा समय तक स्वास्थ्य अधिकारियों से अपने यहां हुई कोविड मरीजों की मौतों की संख्या छिपाई है. अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी. हरिद्वार के बाबा बर्फानी अस्पताल में 25 अप्रैल से लेकर 12 मई के बीच 65 कोविड मरीजों की मृत्यु हुई लेकिन अस्पताल प्रशासन ने राज्य कोविड नियंत्रण कक्ष से ये आंकडे़ छिपा लिए. अस्पताल प्रबंधन ने बनाए कई बहानें इस संबंध में राज्य कोविड नियंत्रण कक्ष के अधिकारियों ने बताया कि जब अस्पताल… Continue reading CM Tirath singh Rawat के नाक के नीचे से अस्पताल प्रबंधन ने छिपाए 65 संक्रमित मौतों के आंकड़ें

Kedarnath Dham Reopened: खुल गए बाबा केदारनाथ धाम के कपाट, आज सुबह 5 बजे विधि-विधान के साथ हुई पूजा-अर्चना, 11 क्विंटल फूलों से सजाया गया मंदिर

नई दिल्ली। Kedarnath Dham Reopened: हिमालय की वादियों में स्थित बाबा केदारनाथ धाम (Kedarnath Dham) के कपाट आज सोमवार सुबह पांच बजे विधि विधान के साथ खुल गए हैं. इस दौरान कोरोना गाइडलाइन (COVID Guidelines in India) के अनुसार, तीर्थ पुरोहित, पंडा समाज और हककूधारियों को ही मंदिर में जाने की अनुमति रही. चारों और बर्फील पहाड़ों से घिरे ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग भगवान बाबा केदारनाथ के मंदिर ( Kedarnath Temple ) को 11 क्विंटल फूलों से सजाया गया है. मंदिर में पहली पूजा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से हुई. बाबा केदारनाथ की पूजा-अर्चना सुबह 3 बजे से शुरू हो गयी थी. लेकिन कोविड-19 के चलते मंदिर में सीमित लोग ही मौजूद रहे. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ( Tirath Singh Rawat ) ने कहा कि विश्व प्रसिद्ध ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग भगवान केदारनाथ धाम के कपाट आज सोमवार को प्रातः 5 बजे विधि-विधान से पूजा-अर्चना और अनुष्ठान के बाद खोल दिए गए हैं. मेष लग्न के शुभ संयोग पर मंदिर का कपाटोद्घाटन किया गया. मैं बाबा केदारनाथ से सभी को निरोगी रखने की प्रार्थना करता हूं. यह भी पढ़ेंः- CHARDHAM YATRA POSTPOND : कोरोना ने चारधाम यात्रा पर निर्भर व्यापारियो की फिर तोड़ी कमर… सीएम रावत ने निलंबित की चारधाम यात्रा कोरोना… Continue reading Kedarnath Dham Reopened: खुल गए बाबा केदारनाथ धाम के कपाट, आज सुबह 5 बजे विधि-विधान के साथ हुई पूजा-अर्चना, 11 क्विंटल फूलों से सजाया गया मंदिर

Char Dham Yatra 2021 : चारधाम यात्रा के लिए SOP जारी, आम श्रद्धालुओं को यात्रा की अनुमति नहीं

नई दिल्ली। Char Dham Yatra 2021 : उत्तराखंड में कोरोना के बढ़ते संक्रमण (COVID-19) के बीच आगामी 14 मई से शुरू हो रही चारधाम यात्रा (Char Dham Yatra) के लिए राज्य सरकार ने SOP जारी कर दी है. सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार, कोरोना महामारी को देखते हुए इस बार चारधाम यात्रा में आम श्रद्धालुओं के आने पर पाबंदी रहेगी. मंदिर परिसर में प्रसाद बांटने की इजाजत नहीं होगी और टीका लगाने की अनुमति भी नहीं होगी. गर्भगृह तक सिर्फ मंदिर प्रबंधन से जुड़े लोगों को ही प्रवेष की अनुमति रहेगी. इसमें भी मूर्ति, घंटी या धार्मिक ग्रंथों को छूने की इजाजत नहीं होगी. यह भी पढ़ें:- CHARDHAM YATRA POSTPOND : कोरोना ने चारधाम यात्रा पर निर्भर व्यापारियो की फिर तोड़ी कमर… सीएम रावत ने निलंबित की चारधाम यात्रा उत्तराखंड सरकार का कहना है कि आम यात्रियों को चारधाम यात्रा के लिए छूट देने पर भविष्य में विचार किया जा सकता है. लेकिन अभी किसी को भी यात्रा की अनुमति नहीं है. एसओपी के अनुसार, बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री में केवल रावल, पुजारीगण और मंदिरों से जुड़े स्थानीय हक हकूक धारी, पंडा पुरोहित, कर्मचारी व अधिकारी ही जा सकेंगे. लेकिन इन सभी को पहले अपनी कोरोना निगेटिव रिपोर्ट लाना जरूरी… Continue reading Char Dham Yatra 2021 : चारधाम यात्रा के लिए SOP जारी, आम श्रद्धालुओं को यात्रा की अनुमति नहीं

एक सीएम और अज्ञानता प्रदर्शन!

मुख्यमंत्री बनने के बाद मोदी की तारीफ में कुछ ऐसा कहना था, जो किसी ने नहीं कहा हो। इसलिए उनकी तुलना भगवान राम से की।

विरोध का टुकड़े-टुकड़े अंदाज

देश में कोई टुकड़े-टुकड़े गैंग हो या नहीं, लेकिन एक बड़ा समूह ऐसा जरूर है, जो टुकड़े-टुकड़े में विरोध जताने से आगे नहीं बढ़ पाता। समस्या यह है कि वह सोशल मीडिया का एडिक्ट है और उसे इस पर कोई विवाद या बहस करने का मुद्दा चाहिए। इस लिहाज से तीरथ सिंह रावत का बयान जरूर माफिक था।

पहनावे पर दिए बयान में फंसे मुख्यमंत्री रावत

उत्तराखंड के नए मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत महिलाओं के पहनावे पर दिए बयान में फंस गए हैं। महिलाओं के फटी जींस पहनने और घुटने दिखाने के उनके बयान की चौतरफा आलोचना हो रही है।

द बर्निंग ट्रेन बन गई दिल्ली—देहरादून शताब्दी एक्सप्रेस, धू—धू कर जल गया चलती ट्रेन का कोच

New Delhi:  दिल्ली—देहरादून एक्सप्रेस (Delhi-Dehradun Express) का एक कोच आग में स्वाह हो गया.  हालांकि सभी सवारियों को सुरक्षित निकाल लिया गया. किसी के हताहत की सूचना नहीं है. माल के नुकसान का आकलन किया जा रहा है. आग लगने का प्रारंभिक कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है. चलती ट्रेन में इस तरह की आग की घटना ने कई सवाल तो उठाए हैं. उत्तराखंड के डीजीपी अशोक कुमार के अनुसार यह घटना कंसारो (Kansaro)के पास हुई. हादसे के दौरान सभी यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया गया और किसी को कोई चोट नहीं आई. यह ट्रेन दिल्ली से देहरादून जा रही थी. हरिद्वार-देहरादून सेक्शन पर ट्रेन में आग लगते ही लोको पायलट ने आपातकालीन ब्रेक (Emergency Brake) लगाए और जंगल में ट्रेन रोक दी. ट्रेन में सवार सभी यात्रियों को बाहर निकाला गया। साथ ही कोच को ट्रेन से अलग कर दिया गया और बाकी डिब्बों को आग का शिकार होने से बचा लिया गया. बताया जा रहा है कि इस शताब्दी एक्सप्रेस के कोच संख्या 199400 में दोपहर में सवा बारह बजे के करीब आग लगी. मुख्यमंत्री ​तीरथसिंह रावत (Tirath Singh Rawat)ने ट्वीट करके इस हादसे की जानकारी दी और कहा कि भगवान बद्री विशाल और बाबा केदार की… Continue reading द बर्निंग ट्रेन बन गई दिल्ली—देहरादून शताब्दी एक्सप्रेस, धू—धू कर जल गया चलती ट्रेन का कोच

क्या तीरथ वापसी करा पाएंगे?

उत्तराखंड की 70 में से 30 सीटें पहाड़ की हैं। दूसरे, राज्य की बहुसंख्यक आबादी ठाकुरों की है। ऐसे में अगर रावत पहाड़ में अपनी पकड़ कायम रखते हैं और ठाकुर वोट एकजुट कर पाते हैं तभी कुछ बात बनेगी।

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