मेडिकाबाजार ने लॉन्च की डेंटल माइक्रोसाइट

कारोबारियों को मेडिकल आपूर्ति के लिए ऑनलाइन पोर्टल मेडिकाबाजार ने डेंटिस्ट और डेंटल क्लीनिक को ध्यान में रखते हुए सभी डेंटल सॉल्यूशन को एक जगह मुहैया कराने के उद्देश्य से एक्सक्लूसिव माइक्रोसाइट लॉन्च करने की है।

जीएसटी कौंसिल की बैठक 14 जून को

कोरोना वायरस का संक्रमण शुरू होने और उसके बाद देश भर में लागू लॉकडाउन के बीच वस्तु व सेवा कर, जीएसटी कौंसिल की पहली बैठक 14 जून को होगी। यह जीएसटी कौंसिल की 40वीं बैठक होगी

सीबीआईसी ने जारी किए 5575 करोड़ के जीएसटी रिफंड

केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड ( सीबीआईसी) ने कोरोना वायरस के कारण लॉकडाउन में कारोबारियों की मदद के लिए गत 30 मार्च से अब तक 5575 करोड़ रुपए के दावे

कारोबारियों को अभी राहत नहीं

कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच देश के कारोबारियों, उद्यमियों को अभी तत्काल राहत नहीं मिलने जा रही है। जानकार सूत्रों के मुताबिक केंद्र सरकार दूसरे आर्थिक पैकज की तैयारियों में लगी है पर वह भी कोरोना वायरस से प्रभावित हो रहे इलाकों और नागरिकों के लिए होगी।

दुनिया में 17 हजार से ज्यादा मौत

नई दिल्ली। कोरोना वायरस का कहर तेजी से दुनिया को अपनी चपेट में लेता जा रहा है। अब दुनिया के 195 देश इसकी चपेट में आ चुके हैं और मंगलवार की शाम तक इसके संक्रमण से मरने वालों की संख्या 17 हजार से ज्यादा हो गई। मंगलवार की शाम तक इससे संक्रमितों की संख्या भी चार लाख के करीब पहुंच गई। इस बीच इटली से खबर है कि वहां मरने वालों का आंकड़ा छह हजार पार कर गया है और वहां की एक हेल्थ एजेंसी ने कहा है कि संक्रमितों का वास्तविक आंकड़ा दस गुना ज्यादा हो सकता है। बहरहाल, दुनिया के 195 देश कोरोना वायरस की चपेट में आ चुके हैं। इससे 17,250लोगों की मौत हो चुकी है। मंगलवार शाम तक के आंकड़े के मुताबिक तीन लाख 96 हजार 236 लोग इससे संक्रमित हैं। मंगलवार की शाम तक एक तीन हजार मरीज स्वस्थ हुए हैं। इटली में लगातार संक्रमण बढ़ रहा है। अमेरिका, स्पेन, ईरान और पाकिस्तान के हालात भी बहुत भयावह हैं। पाकिस्तान ने तो अपने यहां सेना तैनात कर दी है। उधर इटली की सिविल प्रोटेक्शन एजेंसी को आशंका है कि देश में अब तक संक्रमण के जितने मामले सामने आए हैं, कुल मरीज इससे 10 गुना ज्यादा… Continue reading दुनिया में 17 हजार से ज्यादा मौत

कोरोना की ऐसी मार क्यों?

जब तक कोरोना से चीन पीड़ित था, इस बीमारी का उतना आतंक नहीं था। दहशत तब फैली जब यूरोप में मौतें होने लगीं और अमेरिका भी पीड़ित हो गया। अब हाल यह है कि यूरोप इससे सर्वाधिक पीड़ित है। दुनिया भर में कोविड-19 की चपेट में आ कर हजारों लोगों की जान गई है। दक्षिणी यूरोप कोरोना वायरस की महामारी में बुरी तरह फंस चुका है। अस्पतालों में मरीजों की तादाद बढ़ती जा रही है। इटली के बाद स्पेन भी इस वायरस की चपेट में उलझता जा रहा है। इटली में मरने वालों की संख्या चीन से ज्यादा हो चुकी है। इटली से आ रही तस्वीरें बेहद परेशान करने वाली हैं। दूसरी तरफ अर्थव्यवस्था के मंदी के दलदल में फंसने का खतरा बढ़ता जा रहा है। आर्थिक गतिविधियां एक तरह से बंद हो गई है। दुनिया भर के एयरपोर्ट पर सन्नाटा है। ज्यादातर एयरलाइनों के विमान खड़े हो गए हैं। कई देशों ने अर्थव्यवस्था को राहत देने के लिए पैकेज का एलान किया है, लेकिन फिलहाल यह संकट कब तक जारी रहेगा इस बारे में कोई कुछ कहने की स्थिति में नहीं है। विभिन्न देशों की सरकारें लॉकडाउन करती जा रही हैं। इसके बीच जरूरी चीजों की सप्लाई ठहर गई… Continue reading कोरोना की ऐसी मार क्यों?

सभी तरफ बढ़ रहे संक्रमित

नई दिल्ली। कोरोना वायरस के नए मामले आने का सिलसिला थम नहीं रहा है। एक दिन के जनता कर्फ्यू के बाद सोमवार को केरल, महाराष्ट्र सहित अनेक राज्यों में संक्रमण के नए मामले आए, जिसकी वजह से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़ कर 467 पहुंच गई। इस बीच दो और लोगों की मौत हो गई। कोलकाता में 57 साल के एक संक्रमित व्यक्ति की मौत हो गई। जबकि अमेरिका से लौटे 69 साल के एक निर्वासित तिब्बती की हिमाचल प्रदेश में मौत हो गई है, जिससे कोरोना संक्रमण से भारत में मरने वालों की संख्या नौ हो गई है। इससे पहले कर्नाटक, मुंबई, दिल्ली, पंजाब, बिहार में कोरोना संक्रमितों की मौत हो चुकी है। केरल में सोमवार को संक्रमण के 28 नए मामले सामने आए, जिससे वहां संक्रमितों की संख्या बढ़ कर 95 हो गई है। देश में सबसे ज्यादा लोग केरल में संक्रमित हैं। इसके बाद प्रदेश में पूरी तरह लॉकडाउन का ऐलान कर दिया गया। राज्य की सभी सीमाएं बंद रहेंगी और सार्वजनिक परिवहन भी बंद रहेगा। मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कहा- सोमवार को कोरोना वायरस के 28 मामले सामने आए। इसके साथ ही राज्य में संक्रमितों की संख्या बढ़ कर 95 हो गई है। इनमें से चार… Continue reading सभी तरफ बढ़ रहे संक्रमित

दुनिया में 15 हजार मौत

नई दिल्ली। दुनिया के देशों में कोरोना वायरस से संक्रमित होने वाले और इसके संक्रमण से मरने वालों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। सोमवार की शाम तक दुनिया के 192 देश इसकी चपेट में आ गए। कोरोना वायरस से संक्रमित होने वालों की संख्या बढ़ कर तीन लाख 60 हजार तक पहुंच गई है और मरने वालों का आंकड़ा साढ़े 15 हजार तक पहुंच गया। संक्रमित लोगों में 11 हजार से ज्यादा की हालत गंभीर बताई जा रही है। इटली में इस संक्रमण से मरने वालों की संख्या साढ़े पांच हजार से ज्यादा हो गई है। अच्छी खबर यह है कि इलाज से स्वस्थ होने वालों की संख्या बढ़ कर एक लाख हो गई है। सबसे ज्यादा हैरान करने वाली और चिंताजनक खबर अमेरिका से आ रही है। वहां मरने वालों का आंकड़ा पांच सौ के करीब पहुंच गया है। दुनिया के दूसरे देशों के उलट अमेरिका में युवा व अधेड़ उम्र के लोगों की मौत ज्यादा हो रही है। वहां से मिले आंकड़ों के मुताबिक अमेरिका में कोरोना वायरस से 53 फीसदी मौतें 18 से 49 साल की उम्र के लोगों की हुई है। इसके उलट दुनिया के दूसरे देशों में ज्यादातर मौतें 60 साल से… Continue reading दुनिया में 15 हजार मौत

सिर्फ प्रतिक्रिया देने की एप्रोच!

कोरोना वायरस यानी कोविड-19 से भारत की लड़ाई कैसी है? भारत की सरकार और आम लोग क्या वैसे ही लड़ रहे हैं, जैसे इससे प्रभावित दूसरे अपेक्षाकृत विकसित और सभ्य देशों में लड़ा जा रहा है या हमारी लड़ाई उनसे अलग है? इसे समझने के लिए कोरोना वायरस से प्रभावित देशों की अलग-अलग श्रेणियां बना कर अपनी श्रेणी के किसी देश के साथ तुलना करने पर वास्तविकता का पता चलता है। पर यह तरीका बहुत विवादित हो जाएगा क्योंकि पहला सवाल इसी पर उठेगा कि हम किस श्रेणी में आते हैं? हम यूरोप की श्रेणी में नहीं हैं और अमेरिका की श्रेणी में भी नहीं हैं। एशियाई देशों में भी हम चीन, दक्षिण कोरिया या जापान की श्रेणी में नहीं हैं। और अगर पाकिस्तान, बांग्लादेश आदि की श्रेणी में भारत को रखें तो बहुत से लोगों की भावनाएं आहत हो सकती हैं। इसलिए भारत की तैयारी और इसकी लड़ाई को अपने ही नजरिए से देखने की जरूरत है। तो सवाल है कि हमारा नजरिया कैसा है? भारत का नजरिया सिर्फ प्रतिक्रिया देने का है। भारत की ओर से आगे बढ़ कर समस्या से मुकाबला करने की एप्रोच नहीं दिखाई गई है। संकट आ जाने पर उससे लड़ने के बंदोबस्त जरूर… Continue reading सिर्फ प्रतिक्रिया देने की एप्रोच!

भारत जीतेगा कोरोना-युद्ध

जनता-कर्फ्यू की सफलता अभूतपूर्व और एतिहासिक रही है। पिछले 60-70 साल में मैंने कई भारत बंद देखे हैं और उनमें भाग भी लिया है लेकिन ऐसा भारतबंद पहले कभी नहीं देखा। इस पहल का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तो है ही, इस जनता-कर्फ्यू ने यह भी सिद्ध कर दिया है कि मोदी से बड़ा प्रचारमंत्री पूरी दुनिया में कोई नहीं है।इटली, चीन, स्पेन और अमेरिका में कोरोना से हजारों लोग हताहत हुए लेकिन इन देशों में भी जनता का ऐसा कर्फ्यू कहीं नहीं हुआ। इसका एक कारण यह भी है कि लोगों के दिल में मौत का डर गहरे में बैठ गया है, वैसा शायद कहीं नहीं फैला है। इसके अलावा भारत की केंद्रीय सरकार और राज्य सरकारें भी जबर्दस्त मुस्तैदी दिखा रही हैं। यदि अगले 15 दिन ठीक-ठाक निकल गए तो भारत की यह मुस्तैदी सारी दुनिया के लिए एक मिसाल बन जाएगी। इस जनता-कर्फ्यू ने यह भी सिद्ध कर दिया है कि भारत की जनता काफी जिम्मेदार और समझदार है। भारत के 60-70 प्रतिशत मतदाताओं ने मोदी के विरुद्ध मतदान किया है लेकिन एकाध अधकचरे नेता के अलावा देश के 100 प्रतिशत लोगों ने मोदी के आह्वान का सम्मान किया है।मुझे आश्चर्य है कि अभी तक मोदी… Continue reading भारत जीतेगा कोरोना-युद्ध

ताली, थाली पीटने के पक्ष में कैसे कैसे तर्क!

ऐसा नहीं है कि जनता कर्फ्यू को मास्टरस्ट्रोक बताने वाले समर्थक सिर्फ इसके ‘वैज्ञानिक’ पक्ष का प्रचार कर रहे है उन्होंने कर्फ्यू के दौरान शाम पांच बजे ताली और थाली बजा कर कोरोना वायरस से लड़ रहे लोगों का आभार जताने के प्रधानमंत्री के सुझाव का धार्मिक, आध्यात्मिक और ज्योतिषीय पक्ष भी खोज निकाला। असल में समाज में और सोशल मीडिया एक बड़ा समूह है, जो प्रायोजित तौर पर या स्वंयस्फूर्त भी हर उस बात के समर्थन का तर्क खोज लेता है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या उनकी सरकार कहती है। हालांकि उसके बरक्स एक ऐसा वर्ग भी है, जो मोदी और उनकी सरकार की हर बात का विरोध करने का तर्क भी खोज लेती है। बहरहाल, समर्थकों के हिसाब से प्रधानमंत्री ने बहुत सोच समझ कर ताली या थाली बजाने को कहा है। किसी एक ने कहा कि इससे जो शोर पैदा होगा, उसे ही भारतीय शास्त्रों में नाद कहा गया है। उनके हिसाब से इस नाद से तमाम बुरी शक्तियों को पराजित करने की मिसालें रही हैं। किसी एक ने कहा कि इस नाद से जो कंपन पैदा होता है उससे वायरस को आसानी से मारा जा सकता है। एक ने 22 मार्च की तारीख का महत्व समझाया।… Continue reading ताली, थाली पीटने के पक्ष में कैसे कैसे तर्क!

कोविड-19 से लड़ाई लंबी है

भारत और दुनिया के 182 देश इस समय कोविड-19 यानी नोवल कोरोना वायरस से लड़ रहे हैं। सबकी लड़ाई अपने अपने तरीके से है और सब अपने तरीके और अपने संसाधनों के हिसाब से लड़ाई लड़ रहे हैं। भारत की लड़ाई इन सबके मुकाबले जटिल है और इसके कई पहलू हैं। इसलिए भारत को यह लड़ाई सिर्फ एक मोर्चे पर नहीं लड़ना पड़ रहा है, बल्कि कई मोर्चों पर एक साथ लड़ना पड़ रहा है। देश के 130 करोड़ लोगों की सेहत और उनके जीवन का एक मोर्चा है तो दूसरा मोर्चा बड़ी आर्थिक लड़ाई का है। इस लड़ाई में भारत के सामने कई बाधाएं हैं। स्पेन, इटली, फ्रांस या ब्रिटेन की तरह भारत कम आबादी वाला और विकसित देश नहीं है, न यह ईरान की तरह का धार्मिक राष्ट्र है और न चीन की तरह एक पार्टी की तानाशाही वाला देश है। इसके पास अमेरिका की तरह विशाल संसाधन भी नहीं हैं और न दक्षिण कोरिया की तरह उन्नत वैज्ञानिक व्यवस्था है। तभी भारत की लड़ाई इस वायरस से सबसे अधिक प्रभावित आठ-नौ देशों के मुकाबले बिल्कुल अलग है। जिस समय देश में आजादी की लड़ाई चल रही थी उस समय महात्मा गांधी ने कम से कम दो स्तर… Continue reading कोविड-19 से लड़ाई लंबी है

कोरोना की चेन तोड़ने का सरलीकरण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक दिन के जनता कर्फ्यू का ऐलान किया तो उन्होंने ऐसा कुछ नहीं कहा कि इससे कोरोना वायरस के संक्रमण की शृंखला टूट जाएगी या इससे वायरस की कमर टूट जाएगी और सब कुछ ठीक हो जाएगा। उन्होंने इसके वैज्ञानिक और तकनीकी पक्ष का भी ब्योरा नहीं दिया और न यह बताया कि इतनी देर तक कर्फ्यू लगाने से इस वायरस के मूवमेंट पर कैसा असर होगा। पर जिस समय इसकी घोषणा हुई उसी समय से प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा के समर्थकों की एक ब्रिगेड इसके वैज्ञानिक पक्ष की व्याख्या में लग गई है। पर यह इस मामले का अति सरलीकरण करना है, जिससे नुकसान भी हो सकता है। जैसे भाजपा समर्थक समूहों ने सोशल मीडिया पर यह बताना शुरू किया कि यह कैसे मोदी का मास्टरस्ट्रोक है। वैसे यह भी विडंबना है कि अब तक के तमाम मास्टरस्ट्रोक जैसे नोटबंदी, जीएसटी वगैरह नुकसानदायक ही साबित हुए हैं। बहरहाल, इसे मास्टरस्ट्रोक बताया जा रहा है। कहा जा रहा है कि यह सिर्फ 14 घंटे की कर्फ्यू नहीं है, बल्कि 36 घंटे का है। तकनीकी रूप से यह सही भी है। क्योंकि इसकी शुरुआत भले रविवार की सुबह सात बजे से हुई है पर प्रभावी तरीके से… Continue reading कोरोना की चेन तोड़ने का सरलीकरण

तीन मौत, 350 संक्रमित

नई दिल्ली। कोरोना वायरस से भारत में मरने वालों की संख्या सात पहुंच गई है। शनिवार की रात से लेकर रविवार तक तीन लोगों की कोरोना वायरस के संक्रमण से मौत हुई है। भारत में कोरोना वायरस के संक्रमण से पहली मौत 10 मार्च को कर्नाटक के कलबुर्गी में हुई थी। अगले  12 दिन में यह आंकड़ा सात पहुंच गया। भारत में इस वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है। रविवार तक इसके संक्रमितों की संख्या साढ़े तीन सौ पहुंच गई। बहरहाल, शनिवार-रविवार को पहली बार एक दिन में तीन मौतों का मामला सामने आया है। मुंबई में शनिवार की रात  को 63 साल के एक मरीज की मौत हो गई। शनिवार की रात को ही पटना में 38 साल के सैफ अली की मौत हुई। 60 साल के कम उम्र के व्यक्ति की मौत का यह पहला मामला है। मुंगेर का रहने वाला सैफ हाल ही में कतर से लौट कर आया था। उसे 20 मार्च को एम्स में भर्ती कराया गया था। इन दोनों मरीजों को डायबिटीज थी। सैफ अली की किडनी भी खराब थी। उधर गुजरात के सूरत में रविवार को 67 साल के एक बुजुर्ग की मौत हो गई। वे अस्थमा… Continue reading तीन मौत, 350 संक्रमित

आइसोलेशन पर अब जोर

नई दिल्ली। केंद्र सरकार कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों का पता लगाने के लिए ज्यादा जांच कराने के पक्ष में नहीं है। उसकी बजाय सरकार चाहती है कि लोग आइसोलेशन में रहें। रविवार को हुई प्रेस कांफ्रेंस में सरकार की ओर से साफ किया गया कि उसके पास एक हफ्ते में 60 से 70 हजार लोगों की जांच की सुविधा है पर वह अंधाधुंध जांच के पक्ष में नहीं है। सरकार की ओर से यह भी कहा गया है कि 80 फीसदी मरीज खुद ही ठीक हो रहे हैं और सिर्फ पांच फीसदी मरीजों को ही अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत है। कोराना वायरस के संक्रमण से बचाव और इलाज के बारे में सरकार की तैयारियों की जानकारी देने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च, आईसीएमआर के अधिकारियों ने रविवार को प्रेस कांफ्रेंस की। अधिकारियों  ने बताया कि आइसोलेशन और क्वारैंटाइन सबसे कारगर उपाय हैं। उन्होंने कहा कि 14 दिनों के आइसोलेशन से 80 फीसदी मरीज ठीक हो सकते हैं। सिर्फ पांच फीसदी को ही अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत होगी।अधिकारियों ने लोगों से यह भी कहा कि संक्रमण के लक्षण नजर आने पर ही जांच कराएं, ताकि अस्पतालों पर बेवजह बोझ… Continue reading आइसोलेशन पर अब जोर

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