मोदी सरकार से दिल्ली लावारिस मरघट!

कोरोना वायरस के अभूतपूर्व संकट के बीच राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली एक ऐतिहासिक मोड़ पर है, जहां अब हर हाल में यह तय किया जाना चाहिए कि दिल्ली की प्रशासकीय स्थिति क्या रहेगी? अपनी अनोखी प्रशासकीय स्थिति की वजह से राष्ट्रीय राजधानी को दूसरे राज्यों के मुकाबले ज्यादा भयावह संकट का सामना करना पड़ रहा है। महाराष्ट्र से लेकर मध्य प्रदेश, गुजरात और हरियाणा या छत्तीसगढ़ में भी बड़ा संकट है। बड़ी संख्या में लोग संक्रमित हो रहे हैं और मर भी रहे हैं लेकिन वहां कम से कम एक सरकार संकट का प्रबंधन करती दिख रही है। परंतु राष्ट्रीय राजधानी होने के बावजूद दिल्ली में संकट भयावह रूप लेता जा रहा है और मुख्यमंत्री असहाय दिख रहा है। ऐसा लग रहा है कि देश की राजधानी होने के बावजूद दिल्ली लावारिस है। एक असहाय मुख्यमंत्री, मुख्यमंत्री के अधिकारों से लैस एक नौकरशाह उप राज्यपाल और दिल्ली की सत्ता पर कब्जे के लिए हर किस्म का प्रयास करते प्रधानमंत्री और गृह मंत्री तो दिख रहे हैं पर दिल्ली के लोगों के संकट का कोई समाधान नहीं दिख रहा है। ऐसा इसलिए है क्योंकि दिल्ली की सत्ता सबको चाहिए पर दिल्ली के लोगों का दर्द दूर करने वाला कोई नहीं है। दिल्ली… Continue reading मोदी सरकार से दिल्ली लावारिस मरघट!

ऑक्सीजन संकट जस का तस, मरीजों की स्थिति गंभीर

नई दिल्ली। ऑक्सीजन की कमी दूर करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खुद कमान संभालने के बावजूद संकट दूर नहीं हो रहा है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से लेकर पड़ोस के राज्य हरियाणा सहित कई और राज्यों में ऑक्सीजन का संकट जारी है। हरियाणा के रेवाड़ी में रविवार की सुबह एक निजी अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी होने से कोरोना संक्रमित चार मरीजों की मौत हो गई। कई और मरीजों की स्थिति गंभीर है और परिजनों का आरोप है कि ऑक्सीजन की कालाबाजारी हो रही है। रविवार की शाम को गुरुग्राम के मेट्रो अस्पताल ने एक ट्विट करके एसओएस अपील करते हुए कहा कि अस्पताल में ऑक्सीजन खत्म होने वाली है और अगर जल्दी ऑक्सीजन की आपूर्ति नहीं हुई तो मरीजों की जान जा सकती है। अस्पताल में 70 मरीज भरती हैं। इससे एक दिन पहले शनिवार को गुरुग्राम के दो अस्पतालों- मैक्स और मेयोम हॉस्पिटल में इसी तरह ऑक्सीजन की कमी हो गई थी। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पिछले एक हफ्ते से ऑक्सीजन की कमी का संकट चल रहा है। दिल्ली में सात सौ मीट्रिक टन ऑक्सीजन की जरूरत है लेकिन चार सौ मीट्रिक टन की भी आपूर्ति नहीं हो पा रही है। ऑक्सीजन की कमी दूर करने के… Continue reading ऑक्सीजन संकट जस का तस, मरीजों की स्थिति गंभीर

ऑक्सीजन के औद्योगिक इस्तेमाल पर रोक

नई दिल्ली। देश में बढ़ते ऑक्सीजन संकट से निपटने के लिए सरकार ने देर से ही सही पर कुछ बड़े कदम उठाए हैं। केंद्र सरकार ने राज्यों को निर्देश भेजा है कि लिक्विड ऑक्सीजन का इस्तेमाल मरीजों के अलावा किसी और काम में नहीं किया जाएगा। इस तरह सरकार ने लिक्विड ऑक्सीजन के औद्योगिक इस्तेमाल पर पाबंदी लगा दी है। ऑक्सीजन की कमी पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने पिछले हफ्ते कई बार कहा था कि सरकार तत्काल सभी उद्योगों को मिलने वाली ऑक्सीजन की आपूर्ति बंद कराए। बहरहाल, केंद्र ने कहा है कि लिक्विड ऑक्सीजन का पूरा स्टॉक सिर्फ सिर्फ चिकित्सा कार्यों में इस्तेमाल होगा। इस बीच केंद्र सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाने का ऐलान किया है। कोरोना वायरस का संक्रमण शुरू होने के बाद बनाए गए पीएम केयर्स फंड से देश के पांच सौ से ज्यादा जिलों में ऑक्सीजन प्लांट लगाने की घोषणा की गई है। रविवार को बताया गया कि पीएम केयर्स फंड से देश के विभिन्न राज्यों के स्वास्थ्य केंद्रों में 551 मेडिकल ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्रों की स्थापना की जाएगी। प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक बयान में रविवार को कहा कि पीएम केयर्स फंड ने इन संयंत्रों की स्थापना के लिए सैद्धांतिक मंजूरी… Continue reading ऑक्सीजन के औद्योगिक इस्तेमाल पर रोक

किसान आंदोलन: हमें अगर सरकार ने छेड़ा तो किसान 1 घंटे के अंदर दे देंगे जवाब

New Delhi. एक ओर देश में कोरोना कहर बरसा रहा है तो  दूसरी ओर किसान आंदोलन में डटे हुए किसान है जो अपना धरना प्रदर्शन बंद करने को तैयार ही नहीं है. किसान नेता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait)  ने एक बार फिर से भड़काऊ भाषण देते हुए कहा कि सरकार पिछले कुछ दिनों से दिल्ली (Delhi) को साफ करने की बात कर रही है.  उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने किसान आंदोलन को छेड़ने की कोशिश की तो किसान सरकार को 1 घंटे के अंदर जवाब दे देंगे. बता दें कि दिल्ली में कोरोना के नये मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है.  इसे देखते हुए सरकार के साथ ही प्रशासन भी किसानों को समझा कर उन्हें वापस भेजने का हर संभव प्रयास कर रहा है.  लेकिन किसान कुछ भी समझने को तैयार नहीं हैं. इफ्तार पार्टी के वीडियो वायरल होने पर हुई थी किरकरी कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए भी किसान नेता राकेश टिकैत लगातार धरना प्रदर्शन को जारी रखने की बात कर रहे हैं.  बीती रात रामायण टोल प्लाजा पर भी धरने पर बैठे किसानों के समक्ष उन्होंने किसानों से कहा कि सरकार हमारे आंदोलन को कुचलने के लिए नए-नए हथकंडे अपना रही हैं लेकिन सरकार… Continue reading किसान आंदोलन: हमें अगर सरकार ने छेड़ा तो किसान 1 घंटे के अंदर दे देंगे जवाब

Bihar : Public transport में इन चीजों को खाते हुए पकड़े गए तो भरना पड़ेगा भारी जुर्माना और हो सकती है कानूनी कार्रवाई

विभाग का मानना है वाहनों से लोग बड़ी संख्या में आते-जाते हैं और लोग अगर पान-गुटखा, खैनी खाकर इधर-उधर…

कोरोना के बढ़ते मामलों को देखकर कुंभ के शाही स्नानों में ज्यादा भीड़ आने की संभावना नहीं -अधिकारी

कोविड-19 के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है. दूसरी ओर देवभूमि उतराखंड के हरिद्वार में कुंभ का मेला चल रहा है. अधिकारियों का कहना है कि कुंभ में होने वाले मुख्य स्नान में ज्यादा भीड़ होने की उम्मीद नहीं की जा रही है. कुंभ में इस बार तीन शाही स्नानों का आयोजन किया जाएगा. ये शाही स्नान 12,14 और 27 अप्रैल को आयोजित होंगे.  अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि अब तक के मेले को देखकर नहीं लगता है कि शाही स्नान के दिन ज्यादा लोग पहुंचेंगे.  हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि किसी भी तरह की स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं कर ली गयी हैं. अगर ज्यादा भीड़ आ भी गई तो सभी व्यवस्थाएं पर्याप्त रूप से उपलब्ध है. इसे भी पढ़ें Corona Update : मध्यप्रदेश के सभी शहरों में लगाया Weekend Lockdown, जानें क्या हैं नियम 670 हेक्टेयर में लगा है कुंभ का मेला हरिद्वार से लेकर देवप्रयाग तक 670 हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र में कुंभ का मेला लगा हुआ है. इस पर नज़र रखने के लिए चप्पे-चप्पे पर 12000 पुलिस और 400 अर्धसैनिक बल तैनात हैं, जो कानून और व्यवस्था के साथ ही कोविड प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित करवाएंगे. महाकुंभ मेले के पुलिस महानिरीक्षक संजय… Continue reading कोरोना के बढ़ते मामलों को देखकर कुंभ के शाही स्नानों में ज्यादा भीड़ आने की संभावना नहीं -अधिकारी

कोरोना और लॉकडाउन की आशंकाओं के बीच शेयर बाजार में भी हाहाकार…..

देशभर में कोरोना के मामले के बढ़ने का एक प्रभाव ये भी देखने को मिला है कि शेयर बाजार में हाहाकार मच गया है. सबसे बढ़ी आश्चर्य की बात ये है कि सभी मुख्य सूचकांकों में तेजी के बावजूद ये हालात देखने को मिल रहे हैं. इसके पीछे का कारण देश में पिछले 24 घंटों में सामने आए कोरोना संक्रमण के एक लाख से अधिक मामले हैं. इसके साथ ही देशभर में फैली लॉकडाउन की आशंकाएं भी हैं. शुरूआती कारोबार में 1500 अंकों से अधिक की गिरावट लेने के बाद बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 870.51 अंक और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 229.55 अंक की बड़ी गिरावट लेकर बंद हुआ. माना जा रहा है कि आने वाले समय में भी शेयर बाजार की स्थिति कुछ खास अच्छी नहीं होने वाली है. लोग अभी कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच किसी भी क्षेत्र में इंवेस्ट करने से बचते दिखाई दे रहे हैं. इसे भी पढ़ें – Samsung ने भारत में लॉन्च किया गैलेक्सी एफ 12 और एफ02, जानें क्या है फीचर्स और कीमत ये रहा हाल सेंसेक्स जहां बड़ी गिरावट से कुछ उबरते हुए 49,159.32 अंक पर बंद हुआ. वही निफ्टी 14,637.80 अंक पर रहा. दिन की… Continue reading कोरोना और लॉकडाउन की आशंकाओं के बीच शेयर बाजार में भी हाहाकार…..

देश में सामने आए कोविड-19 के 20903 नए मामले

भारत में आज बीते 24 घंटों में 20,903 नए मामले दर्ज किए गए हैं। यह एक दिन में सामने आने वाला अब तक का सबसे अधिक आंकड़ा है।

पाकिस्तान रच सकता है कोरोना फैलाने की साजिश : भाजपा

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कुशीनगर से सांसद विजय दुबे ने कहा है कि पाकिस्तान कुशीनगर जनपद सहित नेपाल सीमा से सटे भारत के अन्य जिलों में कोरोना का संक्रमण फैलाने की सजिश रच सकता है।

अमेरिका में हुए 20 लाख से अधिक टेस्ट : ट्रंप

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि देश में कोविड-19 संक्रमण की जांच के लिए अब तक 20 लाख (2 मिलियन) से अधिक टेस्ट कराए जा चुके हैं।

कोरोना: फेसबुक ने उपयोगकर्ताओं की आवाजाही के आंकड़े दिए

फेसबुक ने सोमवार को कहा कि वह उपयोगकर्ताओं की पहचान गोपनीय रखते हुए उनकी आवाजाही तथा उनके रिश्तों के बारे में शोधकर्ताओं को जानकारी मुहैया करा रहा है,

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