कोरोना से ज्यादा लॉकडाउन की वजह से परेशानियां हुईं : दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने आज ‘अनलॉक 1’ के सरकारी आदेश को चुनौती देने वाली विभिन्न याचिकाओं को खारिज कर दिया और कहा कि ‘लॉकडाउन कोविड-19 महामारी से ज्यादा तकलीफदेह रहा।

अनिद्रा मुझे सोने नहीं देती : नोरा फतेही

हालांकि यह लॉकडाउन का प्रभाव हो सकता है, लेकिन अभिनेत्री व डांसर नोरा फतेही ने हाल ही में यह स्वीकार किया है कि जब भी वह सोने की कोशिश करती हैं

मोदी के सब्र से नही बना जलियांवाला

पिछले दिनों कपिल सिब्बल ने बहुत पते की बात कही। उन्होंने कहा कि राज्य सरकारें नागरिकता संशोधन क़ानून को लागू करने से इनकार नहीं कर सकती | एक तरफ संविधान के अनुच्छेद 11 की खिल्ली उड़ाते हुए कांग्रेस अपनी बहुमत वाली विधानसभाओं से संसद से पारित क़ानून के खिलाफ प्रस्ताव पास करवा रही हैं , तो दूसरी ओर 26 जनवरी को कांग्रेस की ओर से प्रधानमंत्री को संविधान की एक प्रति भेजते हुए लिखा गया-“  ‘प्रिय प्रधानमंत्री, संविधान की प्रति जल्द आप तक पहुंच रही है. जब आपको देश को बांटने से समय मिल जाए तो कृपया इसे पढ़ें |” इसे कहते हैं –“ दूसरों को नसीहत , खुद मियाँ फजीहत |“ देश के इतिहास में यह पहली बार हो रहा है कि संविधान की रक्षा के नाम पर संविधान के खिलाफ काम हो रहा है | कांग्रेस के दोगलेपन का यह सिर्फ एक सबूत नहीं। एक तरफ वह पाकिस्तान के मुसलमानों के लिए भारतीय नागरिकता के दरवाजे खोलना चाहती है तो दूसरी तरफ अदनाम सामी को पद्मश्री दिए जाने का विरोध करती है, जिसे मोदी सरकार ने भारत की नागरिकता दी है | संवैधानिक बात कहने के बाद कांग्रेस में कपिल सिब्बल की जो फजीहत हुई है , उस… Continue reading मोदी के सब्र से नही बना जलियांवाला

फिल्मी कलाकारों कैसे ऐसे-ऐसे?

आपको अनुराग कश्यप, विशाल भारद्वाज, नंदिता दास, अपर्णा सेन, सिद्धार्थ मल्होत्रा, परिणिति चोपड़ा, स्वरा भास्कर, राकेश ओम प्रकाश मेहरा, सुशांत सिंह जैसे अनेक हिन्दू फ़िल्मी कलाकार मिल जाएंगे जो नागरिकता संशोधन क़ानून का विरोध कर रहे हों। इन सब को इस से कोई फर्क नहीं पड़ता कि पाकिस्तान, बांग्लादेश या अफगानिस्तान में अल्पसंख्यकों की जिंदगी नर्क बनी हुई है या नहीं। इन्हें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि पाकिस्तान में आए दिन दलित हिन्दू, सिख, ईसाई नाबालिग बच्चियों का अपहरण और बलात्कार हो रहा है। इन्हें फर्क इस बात का पड़ता है कि पाकिस्तान , बांग्लादेश और अफगानिस्तान के मुस्लिम दर्शक रूठ गए तो उन का फ़िल्मी बिजनेस चोपट हो जाएगा। यह तो है स्वार्थी हिन्दू कलाकारों की बात जो खुद को धर्म से ऊपर उठा हुआ बता कर इंसानियत का ढोंग रचते हैं। वे बता नहीं पाते कि हिन्दू , सिख , ईसाई बच्चियों को अपहरण और बलात्कार से बचा कर सम्मानपूर्वक जिंदगी जीने का हक दिलाना इंसानियत के दायरे में कैसे नहीं आता। दूसरी ओर क्या आप कोई ऐसा भारतीय मुस्लिम फ़िल्मी कलाकार बता सकते हो , जो पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के अल्पसंख्यकों के सम्मान से जीने के हक के नाम पर न सही ,… Continue reading फिल्मी कलाकारों कैसे ऐसे-ऐसे?

केंद्र-राज्यः टकराव का नया दौर

नागरिकता संशोधन कानून को लेकर केंद्र और कई राज्यों के बीच टकराव बढ़ता जा रहा है। फिलहाल यह सबसे ज्यादा जाहिर केरल के संदर्भ में हुआ है। लेकिन जल्द ही गैर-भाजपा शासित दूसरे राज्य भी इस सूची में शामिल हो सकते हैं। पंजाब विधानसभा इस कानून के खिलाफ प्रस्ताव पारित कर चुकी है। राज्य की कांग्रेस सरकार एलान कर चुकी है कि वह भी केरल की तर्ज पर इस कानून की संवैधानिकता को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी। केरल ने संविधान के अनुच्छेद 131 के तहत चुनौती दी है, यानी उसने इस कानून को संघीय व्यवस्था का उल्लंघन बताया है। अब केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने माकपा नेतृत्व वाली लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) सरकार से रिपोर्ट मांगी है। पूछा है कि उन्हें सूचित किए बिना कैसे राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट चली गई। राज्य के मुख्य सचिव से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी गई है। राज्यपाल और सरकार में उस वक्त से टकराव चल रहा है, जब राज्य विधानसभा ने नये कानून को निरस्त करने के लिए पिछले महीने एक प्रस्ताव पारित किया था। खान ने सीएए के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने के फैसले की सूचना उन्हें नहीं दिए जाने को लेकर भी सरकार से अप्रसन्नता जताई थी। केरल… Continue reading केंद्र-राज्यः टकराव का नया दौर

धर्म आधारित नागरिकता संविधान के खिलाफ

नई दिल्ली। कांग्रेस ने नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरुद्ध हो रहे प्रदर्शनों को लेकर केंद्र की चुप्पी पर हैरानी जताते हुए सरकार पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया और कहा कि धर्म के आधार पर नागरिकता देना संविधान के खिलाफ है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने मंगलवार को यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस कानून को लेकर देश की जनता से असत्य बोल रहे हैं और भ्रम फैला रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोगों में इस कानून के क्रियान्वयन को लेकर भय है इसलिए प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन मोदी और  शाह उनकी बात सुनने को तैयार ही नहीं हैं। उन्होंने कहा कि धर्म के आधार पर पहली बार नागरिकता दी जा रही है जबकि संविधान में कहीं भी धर्म के आधार पर नागरिकता देने का कोई प्रावधान नहीं है। यही नहीं जब किसी क्षेत्र का भारत में विलय होता है तब भी धार्मिक भेदभाव के बिना वहां के लोगों को देश की नागरिकता दी जाती है। उन्होंने कहा कि धर्म को आधार बनाकर नागरिकता देने का उल्लेख संविधान में कहीं नहीं है। सिब्बल ने सीएए को लेकर नौ विंदु उठाए और… Continue reading धर्म आधारित नागरिकता संविधान के खिलाफ

कांग्रेस का सुलझा हुआ तार्किक स्टेंड

कांग्रेस से एक अच्छी बात निकल कर आई है। कपिल सिब्बल के इस बयान ने कांग्रेस में खलबली मचा दी थी कि राज्य सरकारें नागरिकता संशोधन क़ानून को लागू करने से इनकार नहीं कर सकती। अब कांग्रेस से सुलझा हुआ बयान आया है कि नागरिकता संशोधन क़ानून की वैधता साबित होने तक राज्य सरकारों को क़ानून लागू करने को बाध्य नहीं किया जा सकता। हालांकि सुप्रीमकोर्ट ने क़ानून लागू करने पर कोई स्टे नहीं दिया है , सुप्रीमकोर्ट के चीफ जस्टिस का बयान भी क़ानून के खिलाफ नहीं आया है , लेकिन कांग्रेस का यह स्टेंड जायज है। अगर यह तार्किक स्टेंड वह पहले ही लेती तो देश में इतना तनाव नहीं बनता , जितना अब बन गया है। कांग्रेस से ही एक जिम्मेदार दल होने की उम्मींद की जा सकती है। लगता है कि कांग्रेस का एक समझदार वर्ग वामपंथियों की देश को तोड़ने वाली साजिश से वाकिफ हुआ है , तभी कुछ समझदारी की बातें की जा रही हैं। क़ानून में भारतीय मुस्लिम नागरिकों के खिलाफ कुछ भी न होने के बावजूद अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी और जामिया मिलिया के वामपंथी मुस्लिम छात्रों के सडकों पर आ कर विरोध करने के पीछे कौन काम कर रहा है , कांग्रेस… Continue reading कांग्रेस का सुलझा हुआ तार्किक स्टेंड

सीएए पर सिब्बल ने दी सफाई

नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने संशोधित नागरिकता कानून, सीएए पर शनिवार को दिए अपने बयान पर रविवार को सफाई दी। उन्होंने शनिवार को केरल में एक कार्यक्रम में कहा था कि सीएए को लागू करने के अलावा राज्यों के पास कोई विकल्प नहीं है। इस पर सवाल उठाए जाने के बाद उन्होंने रविवार को कहा कि इसका विरोध  करने का राज्यों को अधिकार है पर अगर सुप्रीम कोर्ट ने इसे मान्यता दे दी तो फिर इसके विरोध में प्रस्ताव पास करने वाले राज्यों को परेशानी हो सकती है। सिब्बल ने रविवार को कहा कि राज्य विधानसभाओं को केंद्र सरकार से सीएए वापस लेने की मांग करने वाला प्रस्ताव पारित करने का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन अगर सुप्रीम कोर्ट ने सीएए को संवैधानिक करार दिया तब इस कानून का विरोध करने वाले राज्यों के लिए परेशानी पैदा होगी। इससे पहले सिब्बल ने शनिवार को कहा था कि राज्यों के पास किसी केंद्रीय कानून को पारित करने के अलावा कोई विकल्प नहीं होता है। इस बयान पर सफाई देते हुए सिब्बल ने शनिवार को ट्विट कर कहा- मेरा मानना है कि सीएए असंवैधानिक है। हर राज्य विधानसभा के पास इस कानून को वापस लेने… Continue reading सीएए पर सिब्बल ने दी सफाई

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