जुबानी खुली तो पोल खुली

यह नहीं कहा जा सकता कि उर्जित पटेल या विरल आचार्य का कोई राजनीतिक एजेंडा है। पटेल को एक समय नरेंद्र मोदी सरकार की पसंद माना जाता था। पटेल भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर बने और समय से पहले इस्तीफा दिया।