अमेरिकी लोकतंत्र और बाइडेन का भाषण

जो बाइडेन ने अमेरिका के राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेने के बाद जो भाषण दिया वह कई मायने में ऐतिहासिक था। हम भारत के लोगों के लिए इतने भर से वह ऐतिहासिक हो गया कि भारतवंशी विनय रेड्डी ने वह भाषण तैयार किया था।

भारत व अमेरिका का फर्क

अपने सुधी पाठक परेश ने राष्ट्रपति जो बाईडेन की शपथ के बाद पाठिकाजी की एक प्रतिक्रिया भिजवाई जिसका भाव है कि अमेरिका बोरिग देश है। जो बाईडेन को भारत से सीखना चाहिए।

बाइडेन और ट्रंप का फर्क

अमेरिका के मौजूदा राष्ट्रपति जो बाइडेन और विदा हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भाषणों में ठीक वैसा ही फर्क है, जैसा दोनों के व्यक्तित्व में है। ट्रंप अमेरिकी इतिहास के सबसे कलंकित राष्ट्रपति हैं तो बाइडेन अमेरिका की उज्ज्वल-धवल उम्मीदों के प्रतीक हैं।

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