सिस्टम (दीमक) से न यशस्वी, न विभूतियां!

अपने अजीत द्विवेदी ने पते की बात कहीं। पंडित जसराज के प्रसंग में कहा, दोष आजादी पूर्व की विभूतियों, यशस्वियों का भी है। आखिर पंडित नेहरू ने आजादी के बादसरकारी संस्थान बनाए।कई विभूतियों को उनका प्रमुख बनाया।