रुपया 29 पैसे मजबूत

घरेलू स्तर पर शेयर बाजारों के हरे निशान में लौटने और दुनिया की अन्य प्रमुख मुद्राओं के बास्केट में डॉलर के कमजोर पड़ने से अंतरबैंकिंग मुद्रा बाजार में आज भारतीय मुद्रा 29 पैसे की मजबूती में 73.61 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुई।

रुपया 16 पैसे कमजोर

वैश्विक स्तर पर दुनिया की प्रमुख मुद्राओं की तुलना में डॉलर की मजबूती के दबाव में आज अंतरबैंकिंग मुद्रा बाजार में रुपया 16 पैसे लुढ़ककर 73.03 रुपये प्रति डॉलर पर आ गया।

रुपया 73 पैसे चमका

वैश्विक स्तर पर दुनिया की प्रमुख मुद्राओं की तुलना में डॉलर के कमजोर पड़ने और घरेलू स्तर पर शेयर बाजार में रही तेजी के बल पर आज अंतरबैंकिंग मुद्रा बाजार में रुपया 73 पैसे

दिल्ली में 29 फीसदी संक्रमित

देश में वैश्विक महामारी कोविड-19 का कहर लगातार बढ़ रहा है किंतु राजधानी में इसका प्रकोप गत काफी दिनों से कमजोर पड़ता नजर आ रहा है।

कोरोना : देश को कमजोर करने में जुटी है कांग्रेस : भाजपा

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस पर आज आरोप लगाया कि वह काेरोना विषाणु से जंग में देश को एकजुट रखने की बजाय बांटने और कमज़ोर करने में लगी है।

रुपया 40 पैसे लुढ़का

दुनिया की अन्य प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर में रही मजबूती से अंतरबैंकिंग मुद्रा बाजार में रुपया आज 40 पैसे कमजोर हुआ और कारोबार की समाप्ति पर एक डॉलर 76.46 रुपये का बिका।

लोकतंत्र सूचकांक में भारत का स्तर गिरना चिंताजनक : कांग्रेस

कांग्रेस ने कहा है कि भारतीय लोकतंत्र का पूरी दुनिया में सम्मान है लेकिन इसे मापने के मापदंडों की कसौटी पर भारत कमजोर साबित हुआ है

कांग्रेस को कमजोर आंकने की गलती अब नहीं करेगी भाजपा

देवदत्त दुबे मध्यप्रदेश में हार की फिसलपट्टी पर सवार भाजपा बार-बार कांग्रेस को कमजोर आंकने की गलती कर रही थी लेकिन झाबुआ विधानसभा के उपचुनाव में तगड़ा झटका लगने के बाद अब यह गलती नहीं करेगी। भाजपा की समझ में आ गया है कि कांग्रेस के पास आज भी प्रतिबद्ध मतदाता हैं। केवल जहां-जहां कांग्रेस का नेतृत्व कमजोर होता है वहां-वहां कांग्रेस चुनाव हारती है और जहां-जहां कांग्रेस मजबूत नेता मोर्चे पर तैनात करती है वहां कांग्रेस को हराना मुश्किल हो जाता है। दरअसल राजनीति में सत्ता का प्रभाव ही कुछ ऐसा होता है कि सत्ताधारी को सत्ता के रहते अपनी गलतियों का एहसास ही नहीं होता है। ये खबर भी पढ़ेः आसमान की सुल्तानी से असहमति का संकेत चारों तरफ उसे जी सर, एस सर कहने वाले घेर लेते हैं और वह समझता है कि मैं सर्वमान्य हूं और मैं जो कर रहा हूं वही सही है, वही स्थाई है, बाकी सब बेकार है। यही हाल भाजपा का हुआ। लगातार 15 वर्षों तक सत्ता में रहने के कारण भाजपा ने पंचायत से लेकर पार्लियामेंट तक के चुनाव एक तरफा जीते। यहां तक कि भाजपा नेता कांग्रेसमुक्त प्रदेश का नारा भी लगाने लगे लेकिन धीरे-धीरे कांग्रेसी नेताओं का अहंकार 15… Continue reading कांग्रेस को कमजोर आंकने की गलती अब नहीं करेगी भाजपा

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