लेफ्ट का वोट निगल कर भाजपा बनी विपक्ष

पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने अपनी पूरी ताक़त झोंकी। इसके बावजूद वो ममता बनर्जी को सत्ता से इंच भर भी डिगा नहीं पाई। उखाड़ फेंकना तो बहुत दूर की बात है। हां, बीजेपी राज्य में मुख्य विपक्षी दल ज़रूर बन गई है। बीजेपी के मुख्य विपक्षी दल बन जाने के बाद ममता बनर्जी की चुनौतियां बेतहाशा बढ़ जांएगी। ममता से चोट खाई बीजेपी उन्हें अगले पांच साल आराम से सरकार नहीं चलाने देगी। ममता को परेशान करने लायक ताक़त बीजेपी ने चुनानों में मिले वोटों से बटोर ली है। ममता बनर्जी ने गृहमंत्री अमित शाह और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा की ललकार, ‘अबकी बार, बीजेपी 200 पार’ को ‘फिर एक बार, टीएमसी 200 पार’ में बदल कर दुनिया को बंगाल का जादू दिखा दिया।  बीजेपी ममता के चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की 100 सीटे जीतने की चुनौती भी पार नहीं कर पाई। ममता नंदीग्राम का संग्राम भले ही राह गईं हों लेकिन उन्होने दिखा दिया कि बेहतर रणनीति और लगातार संघर्ष करके चुनाव कैसे जीता जाता है। ममता ने अपने अकेले दम पर पीएम मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा और मोदी सरकार केस मंत्रियों और बीजेपी के तमाम मुख्यमंत्रियों की फौज का अकेले अपने… Continue reading लेफ्ट का वोट निगल कर भाजपा बनी विपक्ष

भाजपा के बाद सबसे ज्यादा पीके की सरकार

कांग्रेस पार्टी ने एक और राज्य गंवा दिया है। अब सिर्फ तीन राज्यों- राजस्थान, पंजाब और छत्तीसगढ़ में उसकी सरकार है। इसके अलावा तीन राज्यों- महाराष्ट्र, झारखंड और अब तमिलनाडु में उसके गठबंधन की सरकार है। पुड्डुचेरी में जीतने के बाद देश के 18 राज्यों और 49 फीसदी आबादी वाले हिस्से में भाजपा का राज हो गया है। अगर कांग्रेस के गठबंधन वाले राज्यों की सरकारों को छोड़ दें तो देश में भाजपा के बाद सबसे ज्यादा राज्यों में प्रशांत किशोर यानी पीके की सरकार है। दो मई को पांच राज्यों में आए चुनाव नतीजों के बाद दो राज्यों में भाजपा की तो दो राज्यों में उनकी सरकार बनी। तमिलनाडु में एमके स्टालिन की पार्टी डीएमके और पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस के लिए प्रशांत किशोर ने चुनाव प्रबंधन का काम किया था। उनके हिसाब से दोनों पार्टियों ने रणनीति बनाई थी, उम्मीदवारों का चयन किया था और प्रचार किया था। चुनावी मुद्दे बनाने से लेकर धारणा प्रभावित करने वाले मुद्दों पर पार्टी की लाइन पीके ने तय कराई थी। इन दो राज्यों में जीत के बाद अब देश के छह राज्यों में प्रशांत किशोर की सरकार हो गई है। इससे पहले उन्होंने दिल्ली के विधानसभा… Continue reading भाजपा के बाद सबसे ज्यादा पीके की सरकार

कोरोना बाद के चुनाव में ममता की जीत

पश्चिम बंगाल में ज्यादा चरण में चुनाव कराने से भाजपा को फायदा होता दिख रहा था। लेकिन कोरोना वायरस के संक्रमण ने समूचा खेल बिगाड़ दिया। पश्चिम बंगाल में आखिरी चार चरण में 158 सीटों पर चुनाव हुआ था। इन चारों चरण के चुनाव कोरोना वायरस की जबरदस्त महामारी के बीच हुए। चौथे चरण में कूचबिहार के इलाके में हिंसा हुई थी और उसके बाद के तीन चरण में 112 सीटों पर मतदान हुआ था। इन तीन चरणों के मतदान ने चुनावी समीकरण को पूरी तरह से बदल दिया। वैसे उससे पहले के चरणों में भी ममता बनर्जी को बढ़त थी, लेकिन आखिरी तीन चरण के मतदान ने उनकी बढ़त को दो सौ के पार पहुंचा दिया। कोरोना वायरस फैलाने का जैसा आरोप भाजपा के बड़े नेताओं और उनकी रैलियों को लेकर लगा उससे ममता बनर्जी को बहुत फायदा हुआ। आखिरी तीन चरण में 112 सीटों पर हुए मतदान में ममता बनर्जी को 90 के करीब सीटें मिली हैं। इस चरण में आते आते इतना तगड़ा ध्रुवीकरण हो चुका था कि कांग्रेस के अपने असर वाले इलाकों में भी कांग्रेस का सफाया हो गया। पांचवें, छठे और सातवें चरण में माल्दा, मुर्शिदाबाद, दिनाजपुर, कोलकाता, हुगली, हावड़ा आदि जिलों में मतदान… Continue reading कोरोना बाद के चुनाव में ममता की जीत

कहां गलत हुई भाजपा की रणनीति?

पश्चिम बंगाल के चुनाव नतीजों के बाद सोशल मीडिया में एक मजाक की खूब चर्चा है कि तृणमूल कांग्रेस राज्य की सभी 292 सीटों पर चुनाव जीत गई, 214 सीटों पर उसके उम्मीदवार दो पत्तियों के निशान पर जीते और बाकी कमल के फूल के निशान पर। यह बात भले मजाक में कही जा रही है पर यह भाजपा की सबसे बड़ी रणनीतिक भूल को दिखाती है। असल में भाजपा ने  पश्चिम बंगाल में सबसे बड़ी रणनीतिक गलती यही की थी कि तृणमूल कांग्रेस के लोगों के सहारे ही ममता बनर्जी को चुनौती दी थी।  तृणमूल कांग्रेस के पुराने लोग भाजपा की रणनीति भी बना रहे थे और चुनाव भी लड़ रहे थे। भाजपा के नेताओं के जिम्मे सिर्फ प्रचार का काम था। प्रधानमंत्री से लेकर केंद्रीय गृह मंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष से लेकर राज्यों के मुख्यमंत्री तक सब प्रचार में लगे थे और जमीन पर तृणमूल कांग्रेस, कांग्रेस और लेफ्ट पार्टियों से आए नेता चुनाव लड़ रहे थे। सो, पहली रणनीतिक गलती यह थी कि दूसरी पार्टियों से आए नेताओं के सहारे भाजपा चुनाव लड़ने उतरी। दूसरे राज्यों में भी भाजपा विपक्षी पार्टियों को तोड़ कर उनके नेताओं को भाजपा में शामिल कराती रही है पर उसका… Continue reading कहां गलत हुई भाजपा की रणनीति?

‘दीदी’ लगातार तीसरी बार संभालेंगी सत्ता, 5 मई को लेंगी मुख्यमंत्री पद की शपथ

कोलकाता। TMC सुप्रीमो ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) टीएमसी की बंगाल में विषाल जीत के बाद आगामी 5 मई को तीसरी बार राज्य के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेंगी. सोमवार को पार्टी के वरिष्ठ नेता पार्थ चटर्जी ने जानकारी दी है. कल 2 मई को हुई मतगणना में तृणमूल कांग्रेस ने BJP के 200 सीटें जीतने की उम्मीदों पर पानी फेर दिया और BJP को महज 76 सीटों से ही संतोष करना पड़ा है. TMC ने 200 से ज्यादा सीटें जीतकर राज्य में फिर से खुद की सत्ता का परचम लहरा दिया. इसे भी पढ़ें- Congress leader कपिल सिब्बल ने कहा, पश्चिम बंगाल में अहंकार, धन बल और विभाजनकारी एजेंडे की हुई हार आज हुई टीएमसी विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से ‘दीदी’ ममता बनर्जी को एक बार फिर से नेता चुन लिया गया है. ममता बनर्जी 5 मई को शपथ लेंगी, लेकिन कैबिनेट के अन्य सदस्यों की शपथ 6 मई को होने की संभावना जताई गई है. इसे भी पढ़ें- Bengal election results : बंगाल जीतने और नंदीग्राम हारने के बाद ममती बनर्जी को CM बनने के लिए करना होगा ये काम पश्चिम बंगाल की राजनीति में बीजेपी के अलावा अन्य दो बड़ी पार्टियों कांग्रेस और सीपीएम के गठबंधन तो… Continue reading ‘दीदी’ लगातार तीसरी बार संभालेंगी सत्ता, 5 मई को लेंगी मुख्यमंत्री पद की शपथ

West Bengal Election Result 2021: ‘दीदी’ की जिद के आगे ‘मोदी सेना’ पस्त, BJP के दिग्गजों को उड़ा ले गई TMC की आंधी

नई दिल्ली। West Bengal Assembly Election Result 2021 : पश्चिम बंगाल में ‘दीदी’ की जिद के आगे ‘मोदी सेना’ पस्त हो गई. TMC की आंधी में BJP के बड़े-बड़े दिग्गज ने उड़ गए. ममता बनर्जी (Mamta Banerjee) की ऐसी लहर चली की तृणमूल कांग्रेस ने इतिहास रच दिया. तृणमूल (TMC) की इस भारी जीत में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कई दिग्गज नेता जिनमें केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो (Babul Supriyo), पूर्व राज्यसभा सांसद और कई फिल्मी सितारे अपनी सीट नहीं बचा पाए. सिर्फ  भाजपा के सांसद जगन्नाथ सरकार, शांतिपुर सीट बचा पाए हैं. टीएमसी की आंधी में भाजपा के ये दिग्गज धराशाही टीएमसी की आंधी में उड़ी भाजपा को सबसे बड़ी हार बाबुल सुप्रियो (Babul Supriyo) की ओर से मिली. कोलकाता की टॉलीगंज सीट से टीएमसी उम्मीदवार अरुप विश्वास के मुकाबले बाबुल सुप्रियो 50 हजार वोटों से हार गए. हुगली से सांसद व पूर्व अभिनेत्री लॉकेट चटर्जी को चुंचुड़ा सीट से हार का सामना करना पड़ा. चटर्जी को टीएमसी उम्मीदवार ने 18 हजार से अधिक वोटों से हराया. हुगली की तारकेश्वर सीट से पूर्व राज्यसभा सांसद स्वप्न दासगुप्ता 7 हजार वोटों से हारे. इसे भी पढ़ें-  Tamil Nadu : DMK की 10 साल बाद सत्ता में वापसी, Udhayanidhi ने पहले ही… Continue reading West Bengal Election Result 2021: ‘दीदी’ की जिद के आगे ‘मोदी सेना’ पस्त, BJP के दिग्गजों को उड़ा ले गई TMC की आंधी

मोदी की टक्कर में अब ममता

पांच अहिंदीभाषी राज्यों में हुए ये चुनाव थे तो प्रांतीय लेकिन इन्हें राष्ट्रीय स्वरुप देने का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को है। भाजपा के जितने नेता अकेले पश्चिम बंगाल में डटे रहे, आज तक किसी भी प्रांतीय चुनाव में राष्ट्रीय स्तर के इतने नेता कभी नहीं डटे। इसलिए अब इसके नतीजों का असर भी राष्ट्रीय राजनीति पर पड़ना अवश्यम्भावी है। ममता बेनर्जी अब नरेंद्र मोदी के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन जाएंगी। अभी तक मोदी की टक्कर का एक भी नेता विपक्ष में उभर नहीं पाया था। दो पार्टियां अखिल भारतीय हैं। एक कांग्रेस और दूसरी मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी। कम्युनिस्ट पार्टी सिर्फ केरल में है। वह मलयाली उपराष्ट्रवाद का ज्यादा, मार्क्सवाद का कम प्रतिनिधित्व करती है। वह मोदी को कोई चुनौती नहीं दे सकती। हाँ, कांग्रेस जरुर एक अखिल भारतीय पार्टी है और इन पांच राज्यों के चुनाव में बंगाल के अलावा सर्वत्र वह अस्तित्ववान है लेकिन उसके पास प्रांतीय नेता तो हैं लेकिन उसके पास ऐसे अखिल भारतीय नेता का अभाव है, जो मोदी को चुनौती दे सके। कांग्रेस में अनेक अत्यंत अनुभवी और दक्ष नेता हैं, जो मोदी पर भारी पड़ सकते हैं लेकिन कांग्रेस का माँ-बेटा नेतृत्व उन्हें आगे नहीं आने देगा। आज… Continue reading मोदी की टक्कर में अब ममता

मोदी-शाह की हार है बंगाल में

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह हारे हैं। भाजपा तो पिछले विधानसभा चुनाव में तीन सीट जीती थी, जिसमें कई सौ परसेंट का इजाफा हो गया है। दूसरी, बात यह है कि बंगाल में भाजपा चुनाव नहीं लड़ रही थी, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के साथ साथ भाड़े की वह सेना लड़ रही थी, जो तृणमूल कांग्रेस से उधार ली गई थी। इसलिए पश्चिम बंगाल में अगर भाजपा सत्ता से बहुत दूर रह गई है या ममता बनर्जी ने लगातार तीसरी बार भारी-भरकम जीत हासिल की है तो वह मोदी और शाह की हार है। असल में चुनाव से पहले ही यह तय हो गया था कि भाजपा नहीं लड़ेगी, मोदी और शाह के चेहरे पर बाहर से आए दूसरे नेता लड़ेंगे। इसका नतीजा यह हुआ है कि हर जिले में भाजपा में टूट हो गई। हालांकि यह खबर राष्ट्रीय मीडिया में नहीं दिखाई गई। हर जगह सिर्फ यह दिखाया गया कि ममता बनर्जी की पार्टी टूट रहे है। उसके अमुक विधायक भाजपा में चले गए तो अमुक सांसद भाजपा में चले गए। मीडिया यह नैरेटिव चला कि अमुक जी अधिकारी बहुत बड़े… Continue reading मोदी-शाह की हार है बंगाल में

मोदी, शाह के दावों पर कौन भरोसा करेगा?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल में पांचवें चरण के प्रचार में दावा किया था कि उनकी पार्टी ने शतक लगा लिया और ममता बनर्जी की विदाई हो गई है। इसके बाद छठे चरण के प्रचार के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दावा किया कि भाजपा ने डेढ़ सौ सीटें जीत ली हैं। उन्होंने पहले चरण के बाद ही बिल्कुल सटीक सीटों की भविष्यवाणी शुरू कर दी थी। हर चरण के बाद वे बताते थे कि भाजपा कितनी सीटों पर जीत चुकी है। उससे पहले उन्होंने दो सौ सीट का लक्ष्य तय किया था और हर चरण के प्रचार में दावा किया जाता था कि पार्टी लक्ष्य की तरफ बढ़ रही है। वैसे चुनाव प्रचार के दौरान हर पार्टी का नेता अपनी जीत का दावा करता है। लेकिन कोई नेता एक्जिट पोल करने वालों की तरह हर चरण के बाद सीटों की संख्या नहीं बताता है। इस बार प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने यह काम किया। दोनों हर चरण के बाद भाजपा इतनी सीटों पर जीत चुकी। अब सवाल है कि पांचवें चरण तक ही जब भाजपा शतक लगा चुकी थी या छठे चरण तक डेढ़ सौ सीट जीत चुकी थी तो वो सीटें कहां… Continue reading मोदी, शाह के दावों पर कौन भरोसा करेगा?

कोविड में विफलता का भी नुकसान

भारतीय जनता पार्टी के नेता मानें या न मानें पर पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में कोरोना संक्रमण की महामारी एक बड़ा मुद्दा बन गई थी। खास कर आखिरी चार चरण में। इन्हीं चार चरणों में ममता बनर्जी की पार्टी को सबसे ज्यादा फायदा हुआ। असल में चार चरण का मतदान खत्म होने तक पूरे देश में कोरोना का विस्फोट हो गया था और पश्चिम बंगाल में भी कोरोना बम फूट चुका था। जहां-जहां मतदान हो गए थे वहां कोरोना के ढेरों मामले सामने आने लगे थे। भाजपा ने तो अपनी पीआर रणनीति के तहत मीडिया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की सभाओं की खूब कवरेज कराई थी। लेकिन वह उलटा पड़ गया। बंगाल में चार चरण का मतदान खत्म होने तक राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से लेकर कई भाजपा शासित राज्यों जैसे गुजरात, मध्य प्रदेश आदि में कोरोना बेकाबू हो गया था और ऑक्सीजन की कमी से लोगों के मरने की खबरें आने लगी थीं। सो, बंगाल के आखिरी चार चरण के चुनाव में यह मैसेज बना कि भाजपा के नेता कोरोना रोक नहीं पा रहे हैं और उलटे बंगाल में कोरोना फैला रहे हैं। ममता ने इसका और प्रचार किया। उन्होंने कहा कि भाजपा के… Continue reading कोविड में विफलता का भी नुकसान

विधानसभा चुनाव हारे सांसद क्या करेंगे?

पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी ने पांच सांसदों को विधानसभा का चुनाव लड़ाया था। इनमें से एक राज्यसभा सांसद भी थे। पार्टी ने जाने-माने पत्रकार और राज्यसभा के मनोनीत सदस्य स्वप्न दासगुप्ता को तारकेश्वर सीट से विधानसभा का चुनाव लड़ाया था। वे चुनाव हार गए हैं। वैसे उन्होंने चुनाव लड़ने से पहले राज्यसभा की सीट से इस्तीफा दे दिया था। इसके बावजूद यह भाजपा के लिए बड़ी शर्मिंदगी वाली बात है कि उसने अपनी एक सीट बढ़ाने के लिए राज्यसभा के ऐसे मनोनीत सांसद को चुनाव में उतारा, जिसने पांच साल तक सांसद रहने के बावजूद अपने को भाजपा से जुड़ा नहीं बताया था। बहरहाल, भाजपा ने अपने एक सांसद और केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो को भी विधानसभा का चुनाव लड़ाया था। वे फिल्मों से जुड़े रहे हैं और इसलिए उनको टॉलीगंज सीट से चुनाव लड़ाया गया था, जो बांग्ला फिल्मों का केंद्र है। वे चुनाव हार गए हैं। इसी तरह पार्टी ने फिल्मों से जुड़ी रहीं अपनी एक और सांसद चटर्जी को चुंचुरा सीट से चुनाव लड़ाया था। वे भी चुनाव हार गई हैं। अब सवाल है कि विधानसभा का चुनाव हार जाने वाले ये लोकसभा सदस्य आगे क्या करेंगे? क्या इनको लोकसभा से इस्तीफा नहीं देना चाहिए?… Continue reading विधानसभा चुनाव हारे सांसद क्या करेंगे?

चुनाव खत्म होते ही बंगाल में लॉकडाउन

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में विधानसभा का चुनाव खत्म होते ही लॉकडाउन का फैसला हो गया। गुरुवार को आखिरी चरण का मतदान खत्म हुआ और शुक्रवार को सरकार ने कोरोना संक्रमण रोकने के लिए लॉकडाउन का सख्त फैसला किया। राज्य सरकार ने शुक्रवार को बंगाल में सभी सार्वजनिक जगहों को अगले आदेश तक बंद रखने का फैसला किया है। इस दौरान सार्वजनिक और सांस्कृतिक समाराहों पर भी रोक रहेगी। बाजार दिन में दो बार खुलेंगे। राज्य सरकार के आदेश के मुताबिक सभी शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, मॉल, ब्यूटी पार्लर, सिनेमा हॉल, रेस्तरां-बार, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, जिम, स्पा और स्वीमिंग पूल बंद रहेंगे। सांस्कृतिक, सामाजिक, धार्मिक और शैक्षणिक समारोहों पर भी राज्य सरकार ने रोक लगा दी गई है। दो मई को होने वाली वोटों की गिनती के बाद विजय जुलूस पर पहले से चुनाव आयोग ने पाबंदी लगा दी है। राज्य सरकार ने कहा है कि इस दौरान चुनाव आयोग की गाइडलाइन का पालन करना होगा। सरकार ने कहा है कि मतगणना केंद्रों के पास भीड़ जमा नहीं होनी चाहिए।

Exit Polls 2021 : पश्चिम बंगाल में दीदी फिर मार सकती है बाजी, तमिलनाडु और असम में ये पार्टी बना सकती है सरकार!

नई दिल्ली। Exit Polls 2021 : पश्चिम बंगाल में कई दिनों से चल रहा मतदान का घमासान आज आठवें चरण का मतदान खत्म होने के साथ ही समाप्त हो गया और उम्मीदवारों का भाग्य का फैसला भी मतपेटियों में बंद हो गया है। अब 2 मई को उजागर होगा की इस बार किसकी सरकार। असल नतीजें तो 2 मई को आएंगे, लेकिन देश में कोरोना के साये के बीच चुनाव कवर करने वाली सभी बड़ी एजेंसियों ने अपने एग्जिट पोल जारी कर दिए हैं। अगर एग्जिट पोल्स की माने तो पश्चिम बंगाल में एकबार फिर दीदी की वापसी होती दिख रही है। वहीं असम में बीजेपी लगातार दूसरी बार सरकार बना सकती है। तमिलनाडु में डीएमके सरकार बनाती नजर आ रही है. West Bengal Exit Polls 2021 : पश्चिम बंगाल की बात करे तो यहा दो बड़ी पार्टियों तृणमूल कांग्रेस (TMC) तथा भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच सीधी टक्कर है। फिलहाल यहां ममता बनर्जी की अगुवाई में टीएमसी की सरकार है। एग्जिट पोल के आंकड़ों के मुताबिक पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2021 में दीदी फिर बाजी मार सकती है। चुनाव विशेषज्ञों के अनुसार तृणमूल कांग्रेस हैट्रिक लगा सकती है। एग्जिट पोल के मुताबिक तृणमूल कांग्रेस को 150 से 165… Continue reading Exit Polls 2021 : पश्चिम बंगाल में दीदी फिर मार सकती है बाजी, तमिलनाडु और असम में ये पार्टी बना सकती है सरकार!

West Bengal Assembly Election 2021 : 8वें चरण की 35 सीटों पर मतदान जारी, बीरभूम पर रहेंगी सबकी नजर

West Bengal Assembly Election 2021 Live Updates: नई दिल्ली। देश में कोरोना ( Covid 19 ) के साये में पश्चिम बंगाल में आज आठवें और अंतिम चरण के लिए वोटिंग ( Voting ) जारी है. आज 84 लाख से ज्यादा मतदाता विधानसभा ( Bengal Vidhan Sabha Election 2021 ) की 35 सीटों पर 283 से ज्यादा उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे. मतदाता 11860 मतदान केंद्र पर अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे. 8वें चरण की 35 सीटों पर मतदान के दौरान सबकी नजरे बीरभूम पर टिकी हुई है. यह भी पढ़ें:- Election Commission ने कहा, दो मई को चुनाव परिणाम के बाद कोई भी पार्टी नहीं मना पाएगी जीत का जश्न पीएम ने लोगों से की अपील मतदान शुरू होने के बाद प्रधानमंत्री ने नरेन्द्र मोदी ( Narendra Modi ) ने ट्वीट किया. पीएम ने कहा कि 2021 पश्चिम बंगाल चुनाव का आज अंतिम चरण है. मैं लोगों से कोविड प्रोटोकॉल के अनुरूप वोट डालने और लोकतंत्र के त्योहार को समृद्ध करने का आह्वान करता हूं. यह भी पढ़ें:- उत्तर प्रदेश : योगी सरकार ने कहा, कोर्ट के आदेश पर हो रहे Panchayat Election UP Panchayat Election 2021:  यूपी में पंचायत चुनाव के लिए मतदान वहीं दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश में भी… Continue reading West Bengal Assembly Election 2021 : 8वें चरण की 35 सीटों पर मतदान जारी, बीरभूम पर रहेंगी सबकी नजर

PM Modi Rally in West Bengal : PM Modi की पश्चिम बंगाल में सभी रैलियां रद्द, कोरोना पर करेंगे हाईलेवल की बैठक

नई दिल्ली। PM Modi Rally in West Bengal : कोरोना महामारी के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) ने शुक्रवार 23 अप्रेल को बंगाल में होने वाली अपनी सभी रैलियां रद्द कर दी हैं. पीएम मोदी बंगाल में चुनाव प्रचार करने के बजाय कल कोरोना के हालात पर बैठक करेंगे. खुद उन्होंने ट्वीट कर के ये जानकारी देते हुए कहा है कि वह शुक्रवार को कोरोना को लेकर एक हाईलेवल की बैठक में शामिल होंगे. यह भी पढ़ें:- Bengal Election 2021: छठे चरण के मतदान में  जमकर हुई हिंसा, जानें कहां कैसे रहे हालात बता दें कि 23 अप्रेल को पीएम मोदी की बंगाल में चार जगहों मालदा, मुर्शिदाबाद, बीरभूमी और कोलकाता दक्षिण में रैलियां थीं. बंगाल बीजेपी ने भी इन रैलियों के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली थीं. लेकिन पीएम मोदी ने ये सभी रैलिया रद्द कर दी हैं. यह भी पढ़ें:- Madhya pradesh : मां की Corona से मौत का सदमा बर्दाश्‍त नहीं कर सकी बेटी, चौथी मंजिल से कूद कर दी जान पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा है कि वह कल कोरोना के मौजूदा हालात की समीक्षा के लिए हाईलेवल बैठकों की अध्यक्षता करेंगे. उसी के कारण वह पश्चिम बंगाल नहीं जा पाएंगे.… Continue reading PM Modi Rally in West Bengal : PM Modi की पश्चिम बंगाल में सभी रैलियां रद्द, कोरोना पर करेंगे हाईलेवल की बैठक

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