झूठ फैलाने के ये माध्यम

जिस समय ये धारणा पुख्ता हो गई है कि राजनीतिक कथानक सोशल मीडिया और अक्सर उसके जरिए फैलाई जाने वाली झूठ से तय हो रही है, उस वक्त इस बारे में हर अध्ययन का अपना महत्त्व है।