पीएमसी बैंक का समाधान क्यों नहीं निकला?

यस बैंक का समाधान निकल गया। दो हफ्ते से भी कम समय में सरकार ने यस बैंक का संकट सुलझा दिया और बैंक से पहले की तरह सुचारू रूप से काम होने लगा। देश के सबसे बड़े बैंक, एसबीआई के साथ साथ निजी क्षेत्र के कई बैंकों और वित्तीय संस्थाओं ने इसमें जरूरी पैसे लगा दिए

जेट एयरवेज के संस्थापक नरेश गोयल ईडी के सामने हुए पेश

जेट एयरवेज के संस्थापक नरेश गोयल शनिवार को यस बैंक के प्रवर्तक राणा कपूर और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ धन शोधन मामले की जांच के संबंध में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सामने पेश हुए।

ईडी से सामने पेश हुए अनिल अंबानी

रिलायंस समूह के अध्यक्ष अनिल अंबानी गुरुवार को मुंबई में यस बैंक के प्रमोटर राणा कपूर और अन्य के खिलाफ धन-शोधन मामले की जांच के संबंध में प्रवर्तन निदेशालय के सामने पेश हुए।

यस बैंक से निकासी पर से रोक हटी

निजी क्षेत्र के चौथे बड़े बैंक यस बैंक लिमिटेड के पुनर्गठन के साथ ही बुधवार शाम छह से निकासी सहित हर तरह का प्रतिबंध हटा लिया गया और अब इसके ग्राहक सामान्य दिनों की तरह लेनदेन कर सकते हैं।

डिफल्टर्स कैसे सबक सीखेंगे?

केंद्र सरकार ने यस बैंक में दूसरे बैंकों का पैसा लगवाया। सबसे ज्यादा रकम (साढ़े सात हजार करोड़ रुपए) भारतीय स्टेट बैंक ने लगाया। इसे यस बैंक का पुनर्गठन कहा गया है। इस कथित पुनर्गठन योजना को सरकार की मंजूरी मिलने के बाद से इस संकटग्रस्त बैंक के शेयरों के भाव में जबरदस्त उछाल देखी गई। इस लिहाज से कहा जा सकता है कि सरकार ने यस बैंक को फिलहाल संभाल लिया है। इसकी कीमत क्या है, यह बाद में जाहिर होगा। समस्या यह है कि बैंकों का धन धनी-मानी कर्जदार चुका नहीं रहे हैं। इससे बैंक फेल हो रहे हैं। इस समस्या का समाधान क्या है, इस बारे में सरकार का रुख साफ नहीं है। इसका कुछ संबंध अर्थव्यवस्था के खराब हाल से है, लेकिन कुछ ऐसे कर्जदार भी हैं जिन्होंने बैंक को चूना लगाने के मकसद से ही कर्ज लिए। मुद्दा यह है कि सरकार अक्सर ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई तभी क्यों करती है, जब कर्ज डूब हो चुका होता है। यस बैंक में संकट पैदा होने के बाद उसके अधिकारियों और उससे जुड़े बड़े नामों पर कार्रवाई शुरू हुई है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने यस बैंक के प्रवर्तक राणा कपूर एवं अन्य के खिलाफ जारी मनी… Continue reading डिफल्टर्स कैसे सबक सीखेंगे?

यस बैंक के शेयरों की उछाल जारी

यस बैंक के शेयरों में आज लगातार तीसरे दिन भी शानदार तेजी जारी रही। सेंसेक्स में बैंक का शेयर 59 प्रतिशत से अधिक की बढ़त के साथ बंद हुआ।

यस बैंक में नकदी पर चिंता की बात नहीं: सीईओ

यस बैंक के नामित मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) प्रशांत कुमार ने आज कहा कि बैंक का पूरा कामकाज कल शाम से सामान्य हो जाएगा।

राणा कपूर की हिरासत 20 मार्च तक बढ़ी

विशेष अदालत ने धन शोधन के आरोप में गिरफ्तार यस बैंक के सह-संस्थापक राणा कपूर की प्रवर्तन निदेशालय को दी गयी हिरासत अवधि आज 20 मार्च तक के लिए बढ़ा दी।

स्थिरता लाने के लिए येस बैंक में किया निवेश: रजनीश

भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के चेयरमैन रजनीश कुमार ने सोमवार को कहा कि संकटग्रस्त येस बैंक में किया गया निवेश वित्तीय प्रणाली में स्थिरता लाने के लिए है कि यह निवेश से आय के सिद्धांत पर आधारित नहीं है। 

यस बैंक में 250 करोड़ रु. निवेश करेगा आईडीएफसी

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने आज कहा कि वह संकट में फंसे यस बैंक में 250 करोड़ रुपये का इक्विटी निवेश करेगा। इस निवेश से बैंक को यस बैंक के 25 करोड़ शेयर मिलेंगे।

2020-21 में कायम रहेगी डूबे कर्ज की समस्या: यस बैंक

मुंबई। संकट में फंसे निजी क्षेत्र के यस बैंक का मानना है कि अगले वित्त वर्ष 2020-21 में भी उसकी गैर निष्पादित आस्तियों (एनपीए) की समस्या कायम रहेगी। हालांकि, बैंक के नामित मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) प्रशांत कुमार को भरोसा है कि 10,000 करोड़ रुपये के पूंजी निवेश के बाद बैंक फिर से खड़ा हो सकेगा। डूबे कर्ज के दबाव की वजह से यस बैंक को चालू वित्त वर्ष की दिसंबर में समाप्त तीसरी तिमाही में 18,654 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। यह निजी क्षेत्र के किसी बैंक का अब तक का सबसे ऊंचा घाटा है। बैंक से पिछले छह माह के दौरान 72,000 करोड़ रुपये की निकासी हुई और यह आंकड़ा 1.37 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। कुमार का मानना है कि 10,000 करोड़ रुपये के पूंजी निवेश और 1,000 से अधिक शाखाओं और मजबूत उपभोक्ता आधार के चलते यस बैंक चलती हालत में बना रहेगा। बैंक ने कुमार के आकलन का उल्लेख करते हुए कहा, प्रस्तावित पूंजी निवेश और बैंक के ग्राहकों की अच्छी संख्या और शाखाओं के नेटवर्क के जरिये बैंक का कारोबार बना रहेगा। सामान्य कामकाज में बैंक न केवल अपनी संपत्तियां वसूल सकेगा बल्कि देनदारियों का भुगतान भी कर सकेगा। इसे भी पढ़ें… Continue reading 2020-21 में कायम रहेगी डूबे कर्ज की समस्या: यस बैंक

यस बैंक में 300 करोड़ रुपये का निवेश करेगा बंधन बैंक

निजी क्षेत्र के बंधन बैंक ने संकट में फंसे यस बैंक में रिजर्व बैंक की पुनर्गठन योजना के तहत 300 करोड़ रुपये का निवेश करने की घोषणा की है।

यस बैंक के पुनर्गठन को मंत्रिमंडल की मंजूरी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज यस बैंक की पुनर्गठन योजना को मंजूरी दे दी। रिजर्व बैंक द्वारा प्रस्तावित इस योजना के तहत भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) यस बैंक की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदेगा।

धनपशुओं का यस बैंक चरना

जब मैंने यस बैंक के कारनामों के बारे में सुना तो सबसे पहले मैंने उसे स्थापित करने वाले राणा कपूर के बारे में जानना चाहा कि उन्होंने क्या कभी संस्कृत पढ़ी? इसकी वजह यह थी कि लगता हैं कि उन्हें संस्कृत के श्लोकों से काफी लगाव था।

बैंकों के डूबने की असलियत बताये सरकार : कांग्रेस

कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि मोदी सरकार के अब तक के कार्यकाल में बैंक लगातार डूब रहे हैं लेकिन सरकार देश की चौपट होती बैंकिंग व्यवस्था में सुधार के लिए कोई कदम नहीं उठा रही।

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