11 वर्षीय बच्चा साइकिल से हरिद्वार के लिए निकला

नई दिल्ली। दिल्ली में एक अजीब घटना सामने आई है, जिसमें अपनी मां से डांट खाने के बाद 11 वर्षीय एक किशोर अपनी साइकिल पर हरिद्वार के लिए निकल पड़ा। वहीं किशोर के गायब होने पर उसके माता-पिता ने दक्षिण रोहिणी पुलिस स्टेशन में पुलिस से संपर्क किया और शुक्रवार रात को अपहरण का मामला दर्ज कराया गया।

इसके बाद दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय राजमार्ग से लेकर विभिन्न रेलवे स्टेशनों और बस स्टॉपों, व्यस्त सड़कों और कई अन्य राजमार्गों पर बच्चे की तलाश के लिए सख्त प्रयास किए।

रोहिणी के डीसीपी पीके मिश्रा ने कहा, जांच के दौरान पता चला कि हाल ही में नाबालिग बच्चे ने अपने माता-पिता से गोवा के लिए ट्रेन और पहाड़गंज रेलवे स्टेशन के बारे में पूछा था और लापता होने वाले दिन वह अपनी मां के पर्स से करीब 5,000 रुपये भी लेकर गया था। अपनी मां से डांट खाने के बाद वह डर गया था। सीसीटीवी फुटेज से यह भी पता चला कि नाबालिग लड़का नाहरपुर की तरफ अपनी साइकिल पर अकेला गया था।

बिना समय बर्बाद किए और मामले की गंभीरता को समझते हुए डीसीपी रोहिणी ने दक्षिण रोहिणी, एसएचओ इंस्पेक्टर संजय कुमार की निगरानी में कई पुलिस टीमों का गठन किया। एक टीम जहां पास के पार्कों, सड़कों, और अस्पतालों में किशोर को खोजने की कोशिश कर रही थी, वहीं एक अन्य टीम मेट्रो स्टेशनों, करनाल बाईपास की सड़कों व पाकिर्ंग में उसे तलाश रहे थे।

पुलिस अधिकारी ने कहा, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन, पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन के पुलिस स्टेशनों के ड्यूटी ऑफिसर को लापता बच्चे के बारे में सूचित किया गया था और उसकी तस्वीर उनके साथ व्हाट्सएप पर साझा की गई थी।

हालांकि लड़का रात करीब 8.45 बजे लापता हुआ था, इसलिए पुलिस का प्रयास था कि उसे दिल्ली की सीमा पार करने से पहले खोज निकाला जाए।

तलाशी अभियान में शामिल एक अन्य पुलिस अधिकारी ने कहा, लड़के के लापता होने के समय को ध्यान में रखते हुए हमने अनुमान लगाया कि लड़का अपनी साइकिल से कितनी दूर तक जा सकता है। वह बिना मोबाइल फोन के निकला था, जिससे हमारा काम और मुश्किल हो गया, हम सड़क पर उसकी सुरक्षा व खतरे को लेकर चिंतित थे।

आखिरकार तड़के 4.20 बजे पुलिस की एक टीम सिंघू सीमा पर पहुंची और उन्होंने हरियाणा में सीमा पार करने के बाद एक चाय की दुकान पर लापता बच्चे को अपनी साइकिल के साथ देखा। मिश्रा ने कहा, वह चाय विक्रेता से हरिद्वार जाने के रास्ते के बारे में पूछ रहा था। नाबालिग बच्चे को सुरक्षित उसके माता-पिता को सौंप दिया गया।

 

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