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बाटला हाउस केस : आरिज खान को फांसी, 10 सालों तक था फरार

New Delhi: बाटला हाउस केस में आज कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. दिल्ली के कोर्ट ने आरिज को फांसी की सजा सुनाई है. कोर्ट ने कहा कि इस बात के पुख्ते प्रमाण मिले हैं कि एनकाउंटर के समय आरिज खान मौके पर ही था. इसके साथ ही उसने भागने से पहले पुलिसवालों पर फायरिंग की थी. आरिज के गोली से ही मौके पर मौजूद पुलिस टीम के चीफ इंस्पेक्टर मोहन चंद्र शर्मा की मौत हुई थी. बता दें कि उक्त मामले में  दिल्ली पुलिस ने अदालत से आरोपी  आरिज खान के लिए फांसी की सजा की मांग की थी. दिल्ली पुलिस का पक्ष रख रहे सीनियर पब्लिक प्रॉसिक्यूटर एटी अंसारी ने कहा कि एनकाउंटर के समय सभी पुलिस अपने वाले अपनी ड्यूटी पर थे. ऐसे में  आरोपी ने इनपर गोली चलाकर जो अपराध किया उसके लिए उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए.

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कांग्रेस ने खुलकर की थी तुष्टीकरण की राजनीति

बता दें कि बाटला हाउस केस पर एक समय में काफी राजनीति हुई थी. दूसरे शब्दों में कहें तो इस एनकाउंटर के बाद से जैसे देश में तुष्टीकरण की राजनीति शुरु हुई थी. उस समय  कांग्रेस नेताओं ने खुल कर मुस्लिम तुष्टीकरण की राजनीति का खेल खेला था. तत्कालीन  मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह ने तो सिरे से इस एनकाउंटर को फर्जी करार देतो हुए सवाल खडे़ किये थे. इसके साथ ही  सलमान खुर्शीद ने तो मीडिया में ये बयान दे दिया ता कि  कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी एनकाउंटर में मरे मुस्लिम लड़कों की तस्वीरें देख रोने लगी थी.

भाजपा ने किया था पलटवार

उक्त मामले पर भाजपा कैसे चुप रह सकती थी. सोनिया गांधी के लिए दिये गये बयानों पर भाजपा ने कहा था कि मैडम आतंकवादियों के मारे जाने से आहत हुईं. क्या मैडम को दिल्ली पुलिस के इंसपेक्टर मोहन लाल शर्मा की शहादत की सूचना नहीं दी गयी. भाजपा ने कहा था कि  एनकाउंटर सही था और वहां मारे गए सभी आतंकवादी ही थे, कोई बेकसूर नहीं था.

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क्या कहा कोर्ट ने

कोर्ट ने कहा कि आरिज खान को धारा 186, 333, 353, 302, 307, 174A, 34 के तहत दोषी पाया गया है. जिसके साथ ही उसे आर्म्‍स ऐक्‍ट की धारा 27 के तहत भी दोषी करार दिया गया है. बता दें कि 10 सालों तक फरार रहने के बाद उसे फरवरी 2018 में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गिरफ्तार कर लिया था.

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